जमीर

जमीर | Jameer kavita

जमीर

( Jameer )

 

गिरा जो अपना 1रुपया
तो पश्चाताप बार-बार करते हो,

दूसरों का ले हजारों
किए हो जो गमन,
जरा सोचो उस पर क्या बीती होगी?

स्वार्थ का पर्दा लगाए हो
जो जमीर में
मेरा सच का आइना लो
देखो तो जरा,
ईमान खुद बोल देगा
जमीर बचाओ यारों,

किसी का तुम विश्वास क्यों तोड़ते हो
कल कोई और याचक बन आएगा ,
तो मेरा जवाब क्याहोगा?
जरा सोचो यारों,

हम खून बेचकर है रिश्ते चलाएं
पर उस के बंधन में जमीर न था ,
उसकी देख अब ये हरकते,

दिल किसी और को इजाजत न देता ,
दिखावा कर के जिंदगी
कैसे भी जी लो यारों,
पर असल जिंदगी
जमीर वालों का है नागा ।

Dheerendra

लेखक– धीरेंद्र सिंह नागा

(ग्राम -जवई,  पोस्ट-तिल्हापुर, जिला- कौशांबी )

उत्तर प्रदेश : Pin-212218

यह भी पढ़ें : 

मां भारती की पुकार | Man bharati ki pukar

Similar Posts

  • छत पर चाँद बुलाने से अच्छा

    छत पर चाँद बुलाने से अच्छा छत पर चाँद बुलाने से अच्छा,उसपर टहला जाए तो अच्छा, मिलता ना कोई इन्सां से इन्सां,खुद से मिलन हो जाए तो अच्छा, होती है अब ना कोई खातिरदारी,कोई मन ही सहला जाए तो अच्छा, होता ना हमसे चहरे पे लेपन,सेहत सम्हाली जाए तो अच्छा, इस जग में कितनी है…

  • गरीबी ने बचाई लाखों की जान | Garibi par kavita

    गरीबी ने बचाई लाखों की जान ! ******* गरीबी ने गरीबों को बचाया? इसी ने कोरोना को है हराया। यह मैं नहीं विशेषज्ञ कह रहे हैं, गरीब देशों में कोरोना के कम आंकड़े तो यही बतला रहे हैं; गरीबों के संघर्ष की गाथा गा रहे हैं। मुझे तो बस भगवान/ईश्वर/अल्लाह ही याद आ रहे हैं।…

  • दोस्ती | Dosti

    दोस्ती ( Dosti )    कुछ कही अनकही बातों की दास्तान है दोस्ती, आज के जमाने में भी इंसानियत की पहचान है दोस्ती, पहले त्याग और समर्पण की मिसाल थी दोस्ती, आज तो मतलब के रिश्तों से बदनाम है दोस्ती, सही दोस्त अगर मिल गया तो ईश्वर का दूसरा नाम है दोस्ती, वरना तो इसकी…

  • कैसे मनाऊँगी मैं होली | Kavita Kaise Manaungi main Holi

    कैसे मनाऊँगी मैं होली ? ( Kaise Manaungi Main Holi )    कैसे मनाऊँगी मैं होली अगर नहीं तुम आओगे। कैसे लूँगी मीठी करवट, अगर नहीं तुम आओगे। साथ-साथ खाई थी कसमें जो जीने -मरने की, सराबोर करूँगी किसको अगर नहीं तुम आओगे। मालूम है मुझको कि तू हो सरहद की रखवाली में, लौटेगा बिना…

  • आओ पेड़ लगाए | Kavita Aao Ped Lagaye

    आओ पेड़ लगाए ( Aao Ped Lagaye )   आओ पेड़ लगाए मिल हरियाली हम लाएं। हरी भरी धरती को आओ हम स्वर्ग बनाए। पर्यावरण के बन प्रहरी कुदरत को संभाले। प्राणवायु देते हमें आओ फर्ज को निभा ले। एक आदमी एक पेड़ संकल्प हमको लेना। एक वृक्ष मेरी ओर से भी बढ़कर लगा देना।…

  • लोकगायन भूरदेव भूरा गोत्र

    लोकगायन भूरदेव भूरा गोत्र भूरदेव धोले घोडे अस्वार रे भूरदेव बडो सोबीतोभूरदेव तारे ने मारे माया लागी रे भूरदेव बडो सोबीतोभूरदेव तारो ने मारो जीव एक, भूरदेव बडो सोबीतोभूरदेव केडयां कटारी बांधी रळ रे भूरदेव बडो सोबीतोभूरदेव केडया कणदोरो जणमण रे भूरदेव बडो सोबीतोभूरदेव हाथा भोरीनां जणमण रे भूरदेव बडो सोबीतोभूरदेव काने कठोरा जणमण रे…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *