Kar gaya baat woh ajnabi ki tarah

कर गया बात वो अजनबी की तरह | Kar gaya baat woh ajnabi ki tarah | Ghazal

कर गया बात वो अजनबी की तरह

( Kar gaya baat woh ajnabi ki tarah )

 

कर गया बात वो अजनबी की तरह
बन गया और वो अब सभी की तरह

 

और वो कर रहा है दग़ा प्यार में
अपना माना उसे जिंदगी की तरह

 

दोस्ती में दरार फ़िर न आती मगर
वो अगर पेश आता ख़ुशी की तरह

 

वो लबों पे हंसी की तरह कब आये
वो निगाहों में आये नमी की तरह

 

ग़ैर होने का अहसास होगा न फ़िर
वो अगर जो मिले आशिक़ी की तरह

 

वो वफ़ा बनकर आये सदा जीस्त में
वो न आये कभी दिल्लगी की तरह

 

ग़ैर आज़म नहीं है कोई ऐ सनम
बात मत कर न मुझसे सभी की तरह

❣️

शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

यह भी पढ़ें :-

ग़ैर हूँ ऐसा कुछ बोलकर वो गया | Gair hoon ghazal

Similar Posts

  • धनतेरस | Dhanteras par kavita

    धनतेरस ( Dhanteras ) धन की देवी लक्ष्मी, सुख समृद्धि भंडार। यश कीर्ति वैभव दे, महालक्ष्मी ध्याइये। नागर पान ले करें, धूप दीप से पूजन। दीप जला आरती हो, रमा गुण गाइए। रिद्धि सिद्धि शुभ लाभ, सब सद्गुण की दाता। खुशियां बरसे घर, दीपक जलाइए। रोली मोली अक्षत ले, पूजन थाल सजाएं। मन वचन कर्म…

  • होते सिक्के हैं खास | Sikkey

    होते सिक्के हैं खास! ( Hote sikkey hain khash )   होते सिक्के हैं खास! ये जो सिक्के हैं इनके कई किस्से हैं ढ़लाई ,पंचिंग , मार्क, स्मारक और कामन होते हैं प्रकार भिन्न भिन्न होते इनके आकार! इतिहास भूगोल से भी इनका नाता प्रबुद्ध जनों / विशिष्टों को यह बहुत ही भाता लगाते हैं…

  • चक्रधारी यशोदा का लाल | Yashoda ka Laal

    चक्रधारी यशोदा का लाल ( Chakradhari yashoda ka laal )    एक वो ही है सबका पालनहार, प्रभु ,परमपिता और तारणहार। हर कण-कण में आप विद्यमान, दुष्टों का करते हो पल में संहार।। श्री राम बनकर रावण को मारा, और कृष्ण बनकर कंस पछाड़ा। तुम्हारी माया का पाया नही पार, लिया तुमने ही नरसिंह अवतार।।…

  • फूलों सी कोमल नारी | Poem nari

    फूलों सी कोमल नारी ( Phoolon se komal nari ) अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की विशेष प्रस्तुति     सोनू!फूलों सी मासूम हो फूलों में सिक्त शबनम की बूंदे हो देखूँ तुम्हें जी भरके भी जी भरता नहीं बस तेरी तस्वीरों को ही देखता रहता हूँ     पूरी कायनात जैसी हो तुम तुम्हें देख खुदा…

  • Hindi Kavita -भारत का गौरव

    भारत का गौरव ( Bharat Ka Gaurav )     राम तेरे आर्याव्रत अब, शस्त्र नही ना शास्त्र दिखे। धर्म सनातन विघटित होकर,मात्र अंहिसा जाप करे।   शस्त्रों की पूजा करते पर, शस्त्र उठाना भूल गए, रणचंडी का वैभव भूले, खड्ग खप्पर सब भूल गए।   परशुराम का परशु अब तो, यदा कदा ही दिखता…

  • मोहब्बत उसे भी थी | Prem Kavita

    मोहब्बत उसे भी थी ( Mohabbat use bhi thi )   हां मोहब्बत उसे भी थी, वो प्यार का सागर सारा। उर तरंगे ले हिलोरे, अविरल बहती नेह धारा।   नेह सिंचित किनारे भी, पल पल में मुस्काते थे। मधुर स्नेह की बूंदे पाकर, मन ही मन इतराते थे।   कोई चेहरा उस हृदय को,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *