Khatu Shayam

खाटू वाला श्याम हमारा | Khatu Shayam

खाटू वाला श्याम हमारा

( Khatu Wala Shayam Hamara )

 

हारे का सहारा,खाटू वाला श्याम हमारा

शेखावाटी उत्संग खाटू नगरी,
जन आस्था परम धाम ।
धर्म कर्म पावनता अथाह,
दर्शित अलौकिकता अविराम ।
दुःख कष्ट मूल विलोपन,
अविरल सुख समृद्धि धारा ।
हारे का सहारा, खाटू वाला श्याम हमारा ।।

कलयुग कृष्ण अवतारी बाबा,
भक्त वत्सल कृपालु निधि ।
आशीष वृष्टि जनमानस,
अनंत आह्लाद मंदिर परिधि ।
परिपूर्ण सर्व मनो कामनाएं,
नभ गुंजित दिव्य जयकारा ।
हारे का सहारा, खाटू वाला श्याम हमारा ।।

उत्सविक प्रभा अंतर पटल,
धर्म अर्थ काम मोक्ष द्वार ।
भीम पौत्र शक्ति भक्ति अद्भुत,
नित साक्षात दर्शन चमत्कार ।
घटोत्कच पुत्र बर्बरीक अनुपमा,
फाल्गुन मास मनमोहक नजारा ।
हारे का सहारा, खाटू वाला श्याम हमारा ।।

त्रि अभेद्य बाण धारी श्रृंगार,
कन्हाई सम पूजा अर्चना ।
सर्वत्र पदयात्रा आध्यात्म ओज,
भक्त समूह उल्लास विवर्तना ।
शीशदानी महिमा अपार,
लोक रंग शीर्ष आनंद पारा।
हारे का सहारा, खाटू वाला श्याम हमारा ।।

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

यह भी पढ़ें :-

https://thesahitya.com/jijeevisha/

Similar Posts

  • वक्त के साथ | Waqt ke Sath

    वक्त के साथ ( Waqt ke sath )   अजीब सा चला है दौर आज का लोग तो पहले गम भी बांट लेते थे अब तो खुशियों मे भी शरीक होने का वक्त रहा नहीं बदल गया आशीष भी शुभ कामना का बदल गया सुबह शाम का सम्मान भी आया दौर गुड मॉर्निंग, गुड नाईट…

  • सनातन की राह चलो

    शुभ दशहरा, शुभ विजयादशमी अधर्म से धर्म की ओर कदम बढ़े।असत्य से सत्य की ओर हम बढ़ें।ईमानदारी का सदैव पाठ पढ़ें ।नित्य नूतन रचना कर्म हम गढ़ें।। आपको एवं सम्पूर्ण सगे संबंधियों को,हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं!खुशियों के इस वातावरण में हम,मिलजुल कर एक दूजे को गले लगाएं! सनातन की राह चलो विजयादशमी शुभ हो!नि:स्वार्थ प्रेम…

  • तिरलोकी को नाथ सांवरो | Rajasthani Bhasha Kavita

    तिरलोकी को नाथ सांवरो ( Tirloki ko Nath Sanvaro) ( राजस्थानी भाषा )   तिरलोकी को नाथ सांवरो दौड़यो दौड़यो आवैगो संकट हर सी जण का सारा विपदा दूर भगावैगो   नरसी मीरा सो भगत कठै करमा खीचड़ो ले आवै विष को प्यालो राणा भेज्यो अमरीत रस बण भा ज्यावै   नानी बाई रो भात…

  • मोक्ष पाओगे | Moksh par kavita

    मोक्ष पाओगे! ( Moksh paoge )   राम को हराकर बता क्या पाओगे, सत्य को पछाड़कर भी क्या पाओगे? अगर सत्य के पाले में खड़े रहे तो, जाते – जाते धरा से मोक्ष पाओगे।   कौन होगी अंतिम साँस, किसे पता, मिसाइलें सजाकर तुम क्या पाओगे? बढ़े तो बढ़ाओ भाई पुण्य की गँठरी, झूठ बोलकर…

  • धनतेरस | Dhanteras par kavita

    धनतेरस ( Dhanteras ) धन की देवी लक्ष्मी, सुख समृद्धि भंडार। यश कीर्ति वैभव दे, महालक्ष्मी ध्याइये। नागर पान ले करें, धूप दीप से पूजन। दीप जला आरती हो, रमा गुण गाइए। रिद्धि सिद्धि शुभ लाभ, सब सद्गुण की दाता। खुशियां बरसे घर, दीपक जलाइए। रोली मोली अक्षत ले, पूजन थाल सजाएं। मन वचन कर्म…

  • जय श्रीराम | Jai Shri Ram par Kavita

    जय श्रीराम ( Jai Shri Ram )  ( 1 )    सदियों से श्रापित भूमि का, आज हुआ उद्धार। मन्दिर का निर्माण हुआ जहाँ,राम ने लिया अवतार। धन धन भाग्य हमारे नयना, तृप्त हो गये आज, अवधपुरी मे सज रहा फिर से,भव्य राम दरबार। पुलकित है हर हिन्दू का मन, छलकत नयन हमार। बाँधन चाहत…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *