Shri Lal Bahadur Shastri

श्री लाल बहादुर शास्त्री | Shri Lal Bahadur Shastri

श्री लाल बहादुर शास्त्री

( Shri Lal Bahadur Shastri ) 

 

न भूतो न भविष्यति
जिनके लिये कहा जाता ।
वही जमीन से जुड़ा नेता
लाल बहादुर शास्त्री कहलाता ।
छोटी उम्र में जो किया कोई न कर पाता ।
वही जमीन से जुड़ा नेता
लाल बहादुर शास्त्री कहलाता ।
पढ़ाई पूरी करने पर मिली
जिन्हे शास्त्री की उपाधि ।
बन गये जाति प्रथा असमानता के विरोधी ।
खाद्य संकट गृहयुद्ध समस्या मुंह बाये खड़ी ।
चुनौतियों की मानो लग गई हो झड़ी
रेल परिवहन विदेश गृहमंत्री की भूमिका निभाता ।
वही जमीन से जुड़ा नेता
लाल बहादुर शास्त्री कहलाता ।
जय जवान जय किसान के नारे ने उबारा ।
देश की दुर्बल आर्थिक स्थिति को
सुधारा ।
गुटनिरपेक्षता निरस्त्रीकरण वैश्विक शांति बनाये रखा ।
भारत की स्वतंत्रता व तटस्थता बनाये रखा ।
जो लोककल्याण व सामाजिक न्याय के विचारो को बढ़ावा दिलाता ।
वही जमीन से जुड़ा नेता
लाल बहादुर शास्त्री कहलाता ।
विपरीत परिस्थितियों में भी कुशल नेतृत्व का परिचय दिया ।
कूटनीतिक प्रयासो से भारत पाक युद्ध विराम किया ।
पाक ने कहा हमारे टैंक भारत घूमते घूमते आ गये।
शास्त्री जी ने कहा हमारे टैंक भी घूमते घूमते पाक पहुँच गये ।
जो नेता देश के हितो को सर्वोपरि रखता ।
वही जमीन से जुड़ा नेता लाल बहादुर शास्त्री कहलाता ।

 

आशा झा
दुर्ग ( छत्तीसगढ़ )

यह भी पढ़ें :-

स्वच्छता पखवाड़ा | Swachhta Pakhwada

Similar Posts

  • पैरों की पायल | Kavita Pairon ki Payal

    पैरों की पायल ( Pairon ki Payal ) तेरे पैरों की पायल मुझे, दिन रात सताती है ! घुँघरू की लगा ठुमका, फिर मुझे बुलाती है !! सुनने पर बढ़ती बेचैनी, बिन सुने चैन नहीं आती ! प्रतिपल बढ़ती बेचैनी, चैन नहीं दे पाती !! रातों की निंद मेरी, लेकर उड़ जाती है ! चाहत…

  • भाई में फौजी बणग्यो

    भाई में फौजी बणग्यो   छोड़ गाॅंवा की खेती-बाड़ी भाई में फ़ौजी बणग्यो, मूॅंछ मरोड़ कर निकलूं हूॅं भाई में नौकरी लागग्यो। गैंती फावड़ों और खुवाडयो‌ं चलाबो अब भूलग्यो, सीमा पर करुं रखवाली बन्दूक चलाबो सीखग्यो।। कलतक कोई न पूछतो अब रुतबो म्हारो बढ़ग्यो, आबा लागी घणी-सगाईया आज में भी परणग्यो। जनटर मनटर बणर आउॅंला…

  • भारत की बेटी ” हिंदी ” हमारी

    भारत की बेटी ” हिंदी ” हमारी साहित्य की फुलवारी lलगती सबसे न्यारी llडंका बजा कोने – कोने में lएक ही आवाज गूँजी हर मन में llप्रतिष्ठा की है , अधिकारी lहिंदुस्तान की है , बोली प्यारी llबोलो कश्मीर से कन्याकुमारी lबने राष्ट्रभाषा हिंदी हमारी ll संस्कृत से जन्मी हिंदी हमारी lसंस्कार से अलंकृत हिंदी…

  • मेरी चाहत | Meri chaahat

    मेरी चाहत ( Meri chaahat )    परखने की कोशिश तो सभी ने की समझना किसी ने न चाहा गुजर गई जिंदगी इम्तिहान में मगर अब फर्क नहीं पड़ता की कौन क्या समझता है मुझे मैं स्वयं में सत्य निष्ठ हूं और संतुष्ट भी ना लोभ है ना उम्मीद की लालसा मिले सम्मान या अपमान…

  • नवरात्रि नव रूप | Navratri kavita

    नवरात्रि नव रूप ( Navratri nav roop : Navratri par kavita in Hindi )   आया  माह  क्वार  का  नौ  दिन  गुजै  भक्ति अलग-अलग नौ रूप में पुजै मां दुर्गा की शक्ति   पहले दिन मां शैलपुत्रीका भक्त भाव से पूजै दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी देवी मनचाहा फल दीजै   तीसरे दिन चंद्रघंट भवानी मधुर कंठ…

  • डा. तरुण राय ‘कागा’ जी

    डा. तरुण राय ‘कागा’ जी रेतीले धोरों की माटी का सच्चा सपूत,कला-साहित्य का जो रखे अद्भुत रूप।चौहटन की धरती से उठाया परचम,डा. तरुण राय ‘कागा’, नाम हुआ अमरतम। कभी कविताओं में बहाए भावनाओं के रंग,कभी विधायक बन सजाए जनता के संग।साहित्य से राजनीति तक सफर किया विशाल,हर क्षेत्र में दिखी आपकी अद्वितीय मिसाल। कलम से…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *