मायके में

मायके में | Kavita Mayke Mein

मायके में

( Mayke Mein )

मौसमों का आना जाना है मायके में
सावन से रिश्ता पुराना है मायके से
हरियाली तीज पर मायके आती हैं बेटियां
सावन के झूलों में झुलाई जाती हैं बेटियां
लाड़ जो पीछे छोड़ गई थी
आती है वापिस पाने को
मां पापा भी जतन करते,
बेटी के नाज़ उठाने को
भाभियों संग मेंहदी के रंग
खिल जाते हैं हथेली पर
बेटियां उन्मुक्त हो खिलखिलाती हैं
पीहर की दहेली पर
भाई शुभ मनाते हैं
बहना के पीहर आने को
फूले नहीं समाते,
राखी की डोर में बंध जाने को
चूड़ी, बिंदी, साज़ सिंगार
सब सखियों संग सजातीं हैं
बेटियां पीहर में आकर
यूं अपनी जगह बनातीं हैं

शिखा खुराना

शिखा खुराना

यह भी पढ़ें :-

मृत्यु | Kavita Mirtyu

Similar Posts

  • नागपाश में गरुण | Nagpash

    नागपाश में गरुण ( Nagpash me Garun )   आचार भंग करना, आचार्यों का आचरण हुआ। अब तो राजनीति का भी अपराधीकरण हुआ। वन-वन भटकें राम, प्रत्यंचा टूटी है। सीता की अस्मिता, रावणों ने लूटी है। क्षत विक्षत है, सारा तन लक्ष्मण का, बंधक रख दी गई, संजीवनि बूटी है। नागपाश में गरुण अब विषैला…

  • बदली का स्वैग | Badli ka Swag

    बदली का स्वैग ( Badli ka swag )    हवा के परों पर उड़ती हुई सी आई एक बदली- छोड़ सारे राग-रोग जम -ठहर गई रमा के जोग। आंँखों में है आकाश कर में बूँदों का पाश छलकेगी- बरसेगी देगी आज जीवन औ धरा को सांँस- इस उन्मत्त बदली को शायद है पता- उसके यूँ…

  • बेटे भी दहलीज छोड़ चले

    बेटे भी दहलीज छोड़ चले ऊंची शिक्षा पाने को जो रुख हवा का मोड़ चले। बेटियों की बात नहीं बेटे भी दहलीज छोड़ चले। कोचिंग क्लासेज हॉस्टल शिक्षा का ठिकाना है। कड़ी मेहनत रातदिन कर मंजिल तक जाना है। घर आंगन दीवारें दहलीज सूना सूना सा लगता है। मात पिता की याद सताती दीप प्रेम…

  • सबको ही बहलाती कुर्सी | Poem in Hindi on Kursi

    सबको ही बहलाती कुर्सी   सबको ही बहलाती कुर्सी अपना रंग दिखाती कुर्सी दौड़ रहे हैं मंदिर-मस्जिद कसरत खूब कराती कुर्सी ख्वाबों में आ-आ ललचाऐ आपस में लड़वाती कुर्सी पैसे से है हासिल डिग्री कितनों को अब भाती कुर्सी ऊँचे- नीचे दम-खम भर कर मन-मन आग लगाती कुर्सी :सड़को से संसद तक वादे खूब उन्हें…

  • देवनागरी | Kavita Hindi Bhasha Par

    देवनागरी ( Devanagari )   करत कलोल बोल कोयल सी अनमोल, ढोल बावन ढंग की बजावति देवनागरी।     खड्ग उठाइ शव्द भानु के जगाई तब, सबही केज्ञान सिखावति देवनागरी।।     गगन जनन मन अति हरषत जब , अवनि के स्वर्ग बनावति देवनागरी।     घनन घनन घन दुंदुभी बजावन लागे, शेष हिंदी बूंद…

  • वैदिक शास्त्रों का सार | Vaidik Shastra

    वैदिक शास्त्रों का सार ( Vaidik shastro ka saar )    वैदिक शास्त्रों का सार समाहित पढ़ता देश सारा, १८ अध्याय एवं ७०० श्लोक से ग्रन्थ बना प्यारा। हर समस्याओं का उत्तर है श्रीमद्भागवत गीता में, मित्र बनकर श्री कृष्ण ने दिया अर्जुन को सहारा।। आत्मा ही परमात्मा जो सदैव ही होती अविनाशी, जिसका ना…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *