सावन

सावन | Sawan

सावन

( Sawan )

सावन आया सावन आया साजन मेरे सावन आया
सावन आया साजन मेरे पर क्यूँ तू ना अब तक आया.. .सावन आया
.
झरमर झरमर बरस रहे हैं चढ़ी है मस्ती बादलों को
कली कली का रूप का है निखरा झूम रहा है देखो भंवरा
फूल बाग़ में मचल रहे है रंग राग में विचर रहे हैं
मस्ती सावन की यूँ छाई अंग अंग ले अंगडाई…. सावन आया
.
बनठन के ज्यूँ गोरी निकले नदिया प्यासी बह रही है
झूमती गाती गिरती पड़ती कल कल करती बह रही है
अंग अंग में थिरकन ऐसी नर्तकी के नर्तन जैसी
पिया कहाँ है? पिया कहाँ है? पिया बावरी खोज रही है.. सावन आया
.
सरिता के अंगो में देखो असर रति का छाया ऐसा
फूल कहते लूट लो मुज को लुटने को मैं बेक़रार हूँ
हर लहर में है उछाल वो कब छलके ये कहा न जाए
जल्दी छलको साजन मेरे ढहने को मैं बेकरार हूँ….सावन आया
.
सावन आया मस्ती लाया बादल आये प्यास जगाई
रुत मिलन की है सावन ये बेमिसाल रुत है सावन ये
मादकता के इस मौसम में दूर पिया से रहा न जाए
साजन मेरे सावन में अब दूर रस से रहा न जाए…सावन आया

कुमार अहमदाबादी

यह भी पढ़ें:-

जवानी | Ghazal Jawani

Similar Posts

  • अरमां ने मचलना छोड़ दिया | Armaan ne Machalna

    अरमां ने मचलना छोड़ दिया ( Armaan ne machalna chod diya )    यूं अपनों ने मुंह मोड़ लिया, रिश्तो नातों को तोड़ दिया। अरमां ने मचलना छोड़ दिया, रिश्तों ने रुख मोड़ लिया। अरमां ने मचलना छोड़ दिया चमन में कलियां सुस्त हुई, मुरझाए फूल पड़े सारे। दिल के तारों की धड़कने, सुर भूल…

  • पतझड़ सावन बन जाता है | Geet Patjhad

    पतझड़ सावन बन जाता है दुआओं से झोली भरकर जब जीवन मुस्कुराता है। सारी बलाएं टल जाती पतझड़ सावन बन जाता है। पतझड़ सावन बन जाता है रोज शिवालय शिव की पूजा गंगाजल जो पाता है। हर हर महादेव कंठो से सुबह शाम जो भी गाता है। बिगड़े सारे काम बनते वो कीर्ति पताका लहराता…

  • आयो फागणियो | Rajasthani Geet Ayo Faganiyo

    आयो फागणियो ( Ayo Faganiyo )    काळा केशां न लहरावै, बादळियो भंवरजी मुळकावै। रसियो गीत सुरीला गावै, गोरा गालां रंग लगावै। आयो फागणियो मस्ती म, झूमै फाग सुणावै है। आयो फागणियो, ओ आयो फागणियो रंग रंगीलो फागण आयो, झूमै दुनिया सारी। फूल खिल्या है बाग महकरयो, नाच रयो बनवारी। भर पिचकारी मदन मुरारी, रंग…

  • यह आग अभी | Geet Yah Aag

    यह आग अभी ( Yah Aag Abhi ) यह आग अभी तक जलती है ,मेरे आलिंगन में। स्वर मिला सका न कभी कोई ,श्वासों के क्रंदन में ।। जब छुई किसी ने अनायास ,भावुक मन की रेखा । दृग-मधुपों ने खुलता स्वप्नों, का शीशमहल देखा। खिल उठे पुष्प कब पता नहीं ,सारे ही मधुवन में।।…

  • मैं दिल दूंगी दिलदार को | Dil ke Geet

    मैं दिल दूंगी दिलदार को ( Main dil doongi dildar ko )    दिलबर के इजहार को, पहले पहले प्यार को। संभाले रखा दिल को, मैं दिल दूंगी दिलदार को। पहले पहले प्यार को सजीला सा सरदार वो, मधुरम सुहाना गुलजार वो। सुंदर सपनों की दुनिया, प्रीत की बहती रसधार वो। प्रियतम पावन प्यार को,…

  • सारा जीवन ही बीत गया | Geet Sara Jeevan

    सारा जीवन ही बीत गया ( Sara jeevan hi beet gaya )  सारा जीवन ही बीत गया , यह अश्रु-गरल पीते-पीते । जो भरे कलष समझे हमने ,वे मिले सभी रीते-रीते।। मत पूछो त्याग-तपस्या से,क्या जीवन को उपहार मिला। शापों से आहत गंगाजल, पीने को बारम्बार मिला। क्या जीत सके उन्मादों से , वो हार…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *