Kavita parikalpana

परिकल्पना | Kavita parikalpana

परिकल्पना

( Parikalpana )

 

बाइस  में  योगी आए हैं, चौबीस में मोदी आएगे।
भारत फिर हो विश्व गुरू,हम ऐसा अलख जगाएगे।

 

सदियों की अभिलाषा हैं, हर मन में दीप जगाएगे,
हूंक नही हुंकार लिए हम, भगवा ध्वज लहराएगे।

 

सुप्त हो रहे हिन्दू मन में, फिर से रिद्धम जगाएगे।
जाति पंथ का भेद मिटा हर, हिन्दू को एक बनाएगे।

 

सिमट गयी जो सीमाएं, उनको फिर वापस लाएगे।
ढाकेश्वरी और कटासराज भी, भगवामय हो जाएगे।

 

बिना सिन्ध के हिन्द कहाँं है,रावी बिन पंजाब नही।
गंगा कैसे सुखी रहेगे, जब तक संग चिनाब नही।

 

हम मन में यह गाँठ बाँध, सतलज भारत मे लाएगे।
मानसरोवर की घाटी में, जन मन गण जब गाएगे।

 

✍?

कवि :  शेर सिंह हुंकार

देवरिया ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

यहाँ वहाँ बिखरे पन्नों पर | Hunkar poetry

Similar Posts

  • Kavita | चित आदित्य

    चित आदित्य  ( Chit Aditya ) देखो ! उसकी सादगी, गीली मिट्टी से ईंट जो पाथ रही। लिए दूधमुंहे को गोद में, विचलित नहीं तनिक भी धूप में। आंचल से ढंक बच्चे को बचा रही है, रखी है चिपकाकर देह से- ताकि लगे भूख प्यास तो सुकुन से पी सके! खुद पाथे जा रही है।…

  • मेरा जिगर तिरंगा | Mera Jigar Tiranga

    मेरा जिगर तिरंगा ! ( Mera jigar tiranga ) मेरा अमर तिरंगा है, मेरा जिगर तिरंगा है। रग – रग में यही बसता, ऐसा ये तिरंगा है। मेरी आन तिरंगा है, मेरी शान तिरंगा है, कोई दुश्मन देखे इसे, दहलाता तिरंगा है। तेरा भी तिरंगा है, मेरा भी तिरंगा है, तू नजर उठा के देख,…

  • गुरु | Guru par kavita in Hindi

    गुरु ( Guru )    गुरु तुम दीपक मैं अंधकार , किए हैं मुझपे आप उपकार,   पड़ा है मुझपर ज्ञान प्रकाश, बना है जीवन ये उपवास,   करें नित मुझ पर बस उपकार , सजे मेरा जीवन घर द्वार,   गुरु से मिले जो  ज्ञान नूर, हो जाऊं मैं जहां में मशहूर   गुरु…

  • रक्षा बंधन पर्व शोभित | Raksha Bandhan Parv

    रक्षा बंधन पर्व शोभित ( Raksha bandhan parv sushobhit )    रक्षा बंधन पर्व शोभित, भाई बहन अथाह गर्व अंतर्संबंध अपनत्व प्रवाह, बहन पावन पूज्य स्थान । सुशोभित निज संस्कृति, कर रक्षा संकल्प आह्वान । घर द्वार चहक महक, जन पटल दर्श भाव कर्व । रक्षा बंधन पर्व शोभित,भाई बहन अथाह गर्व ।। उर श्रृंगार…

  • एहसास तेरा प्यारा | Poem Ehsaas Tera Pyar

    एहसास तेरा प्यारा ( Ehsaas Tera Pyar )   जाने क्यों दिल को लगता, एहसास तेरा प्यारा। बज उठते तार दिल के, बोले मन का इकतारा। क्यों ख्वाबों में चेहरा ये, मुस्कानों के मोती सा। नैनों में झलक आता, विश्वास दिव्य ज्योति सा। सुर संगीत की तुम मधुर, दिव्य धारा लगती हो। छेड़े वीणा के…

  • जन्म दिवस

    जन्म दिवस ( शुभ जन्म दिन शनिवार 8 फरवरी ) जन्म दिवस विनोद भूरा का,मंगलमय हो ईश lवह तो नित उन्नति करें,दया करो प्रकृति ll जन्म दिवस के साथ ही,खुशियां रखिये खूब lधीरे-धीरे ही मिले,मन माफिक महबूब ll सदा स्वस्थ सुन्दर रहें,प्यारे समाज सेवी विनोद भूरा lउनसे ही उत्तम बने,ईश्वर हर परिवेश ll प्यारा प्यारा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *