सांवरे की बंसी

सांवरे की बंसी | Kavita Sanware ki Bansi

सांवरे की बंसी

( Sanware ki Bansi )

सताने लगी है सांवरे की बंसी,
रिझाने लगी है सांवरे की बंसी,
मुझे रात औ दिन ख्याल है उसका ही,
जगाने लगी है सांवरे की बंसी,

कभी गीत गाके सुनाए है बंसी,
कभी प्रीत मुझसे जताए है बंसी,
मुझे आज कल वो लुभाए है इतना,
सभी चैन छीने जलाए है बंसी,

हमारे कन्हैया की प्यारी है बंसी,
मुझे जान से भी ये प्यारी है बंसी,
मुझे आज कल तो ये उलझाए रखती
कभी नाम लेके पुकारे है बंसी।

Abha Gupta

आभा गुप्ता
इंदौर (म. प्र.)

यह भी पढ़ें :-

गौर किया कर | Kavita Gaur Kiya Kar

Similar Posts

  • पिता का महत्व | Kavita Pita ka Mahatva

    पिता का महत्व ( Pita ka Mahatva ) माता होती है धरती सम, तो पितु होते हैं आसमान। माता देती है हमें ठौर, तो पितु करते छाया प्रदान।। अंदर ही अंदर घूंटे पर, नयनों में नीर नहीं लाते। कुछ भी तो नहीं हुआ कहकर, हैं वे नित ऐसे मुस्काते ।। एक पितु स्वयं दुख सहकर…

  • शिक्षक महान | Shikshak Mahaan

    शिक्षक महान ( Shikshak mahaan )    जिसने ज्ञान का अनुपम भंडार दिया गहन अज्ञान से जिसने तार दिया दीपक बन जो जलता रहा और प्रकाश का हमको सदा भान दिया। अनुशासन का कठोर पाठ दिया मर्म गहराई से हृदय में उतार दिया कठिन संघर्षों से खुद तपता रहा और स्वर्ण सा हमको निखार दिया।…

  • क्या है आचार संहिता | Aachar Sanhita

    क्या है आचार संहिता ( Kya hai aachar sanhita )    चलों साथियों हम जाने क्या है ये आचार संहिता, क्या है इसके नियम एवं लागू क्यों किया जाता। क्यों पड़ी इसकी ज़रुरत और मक़सद क्या होता, कब से शुरु हुआ यह क्या क्या इसमें बंद होता।। कई बनें है इसके लिए आचार-संहिता पर नियम,…

  • प्यारा देश हमारा | Pyara Desh Hamara

    प्यारा देश हमारा  ( Pyara desh hamara )   कल कल करती बहती रहती धमनी  सी  नदियों  की  धारा पग  धोता  है  सागर  जिसका वह   है   प्यारा   देश   हमारा,   सिर समान काश्मीर सुशोभित महक  वादियां  जिसका प्यारा शोभित जिस पर ताज हिमालय वह   है   प्यारा    देश   हमारा।   ऊंचे – ऊंचे  हिम  शिखरों से…

  • अलसायी कलम | Alsaayi Kalam

    अलसायी कलम ( Alsaayi kalam )    यह निढाल कलम सुस्ताये से अल्फाज़ करवट ले मुँह मोड़कर यह मेरी डायरी के पन्ने हाथ लगाने पर कुछ यूं उखड़े से आँखें बंद किये कसमसाते हुये लिहाफ़ में मानो और दुबक गये हाथों से मेरे छिटक लिये दबी आवाज़ में मानो कह रहे रात है गहराती हमें…

  • देर तक नहीं टिकता | Der Tak Nahi Tikta

    देर तक नहीं टिकता ( Der tak nahi tikta )   मौसम जवानी का देर तक नहीं टिकता, आसमां में हो कोई देर तक नहीं टिकता। गिनकर दिया साँसें गुरुर देखो मत करना, लूटमार का पैसा देर तक नहीं टिकता। इस मिट्टी के पुतले को रब ने जो ढाला है, रूप, रंग दुनिया में देर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *