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शहर में बढ़ते हुक्का बार | Hookah bar par kavita
ByAdminशहर में बढ़ते हुक्का बार ( Shahar mein badhte hookah bar ) थोड़ा समझो मेरे यार शहर में बढ़ते हुक्का बार। नशे ने घेर लिया है सबको डूबते जा रहे परिवार। तंबाकू तबाही का घर तोड़ दो सारे बीयर बार। बिगड़े बच्चे आचार बचाओ संस्कृति संस्कार। रगों में उतर रहा है जहर…
मां के आंगन की मिट्टी | Dr. Preeti Parmar Poetry
ByAdminमां के आंगन की मिट्टी ( Maan ke aangan ki mitti ) दो पल के लिए मेरे मन उस रास्ते से गुजर जाऊं मां के आंगन की मिट्टी अपने आंचल में भर लाउ मां के आंचल की खुशबू अपनी सांसों में भर लाऊं आम के पेड़ और झूला धमाचौकड़ी का मंजर अपनी आंखों में…
कैनवस के पास | Kavita Canvas ke Paas
ByAdminकैनवस के पास ( Canvas ke Paas ) कैनवस पर तस्वीर बनाते समय ‘कैनवस के पास’ सिर्फ़ रंग और ब्रश ही नहीं बिखरे होते और भी बहुत कुछ होता है- तुम्हारी यादें , टूटे सपनों के टुकड़े, गुज़री मुहब्बत पानी की बोतल, नज़दीक का चश्मा, पीले पत्ते… धूप, कुर्सी, घास, बड़ी छतरी , कैप, पैन,…
मशाल | Mashaal
ByAdminमशाल ( Mashaal ) बढ़ रह सैलाब इधर तुम्हे अभी रहनुमा चाहिए उठा लो खड़ा हाथों मे तुम अब हमे निजी सुरक्षा चाहिए.. लगी आग जिन घरों मे देखो भीतर से खिंचती बेटियां देखो देखो न अब केवल रोटियां तुम गर्त मे गिरती पीढियां देखो… रसूख, न दौलत , न जात देखो हो रहे…
76 वां गणतंत्र दिवस
ByAdmin76 वां गणतंत्र दिवस गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनायें –गणतंत्र दिवस के पर्व पर हम प्रभु में रत हों जायें ।समय के चक्र को समझ सत्संगत में रम जायें ।नैतिक जीवन को जीकर समता रस को पी लें ।मानव का तारणहारा धर्म का जीवन जी लें ।धर्म के सोपान से अपने जीवन का बाग…
नव वर्ष 2021 की शुभ कामनाएं
ByAdminनव वर्ष 2021 की शुभ कामनाएं नव वर्ष 2021 शुभ कामनाएं हैं शुभ कामनाएं, ऐ नूतन वर्ष दो हजार इक्कीस। तेरा आना मंगलकारी हो, समृद्धिशाली हो, प्रकाशीय हो,। प्रशंसनीय हो, स्वास्थ्य वर्धनीय हो। स्वागत है स्वागत है खुशियां मनायें।। शुभकामनाएं हैं ०।।, बीतते वर्ष की तमता न दिखे, कोरोना रोग की रुग्णता न…

