सुहाना यह सफर | Kavita suhaana yah safar

सुहाना यह सफर

( Suhaana yah safar )

 

 

सुहाना यह सफर प्यारा उमंगों की जरूरत है।

हौसला लेकर चलो प्यारे जिंदगी खूबसूरत है।।

 

बजती चैन की बंशी सुंदर हो मोहक नजारे जहां।

खिलते फूलों की वादियां दिलों में खूबसूरत है।।

 

आंधी तूफानों का क्या आए और चले जाएं।

अनुभवों की डगर लगे हमको प्यारी सी मूरत है।।

 

सुख-दुख धूप छांव बनकर निखारे सुंदर पल को।

मुश्किलों का दौर भी बने सुखों का शुभ मुहूर्त है।।

 

तराने मधुर गीतों के आनंद मौज से गा लो जरा।

खिड़की खोलकर देखो जिंदगी खूबसूरत है।।

 

नैनों में आशायें रहती होठों पर मधुर मुस्कानें हो।

जीवन की हर बेला लगे मोहिनी सी मूरत है।।

 

प्यार के मोती लुटाकर सबके दिलों में बस जाना।

हर लम्हा लगता प्यारा ये जिंदगी खूबसूरत है।।

   ?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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