खो-खो की विश्वविजय गाथा
खो-खो की विश्वविजय गाथा
खो-खो के वीरों वीरांगनाओं को बधाई अपार।
जिन्होंने एक साथ विश्वकप जीत लिया संसार।
खो-खो विश्व कप की ये जीत क्षितिज तक जाए।
भारत देश की जय-जयकार हर दिल में समाए।1
तेजी,फुर्ती,जज्बे का ये सिलसिला थमने न पाए।
हर गाँव गली से एक नया सितारा उभरकर आए।
अभी तो बस शुरुवात है खो खो की विश्व पटल पर।
मंजिलें हैं अनगिनत,ओलंपिक में गोल्ड मेडल आए।2
पहले विश्वकप में महिलाओं की ताकत,पुरुषों का गर्व।
हर भारतीय के दिल में उमड़ा खो खो के लिए नया हर्ष।
खो खो विश्वकप की चमक से रोशन हुआ धरती आसमान।
शुरुआत हो गई है अभी,जीत के तराने गाएगा पूरा भारतवर्ष।3
विश्व पटल पर ओलंपिक में,खो-खो बनाए अपनी पहचान।
जहां एक नहीं दो-दो गोल्ड लाए,होगा सबका यही अरमान।
खो-खो का परचम लहराए हर गाँव गली देश विदेश में।
जय हो सदा विजय हो भारत इस दिशा में बढ़ाए विजयी अभियान।4

सुन्दर लाल डडसेना”मधुर”
ग्राम-बाराडोली(बालसमुंद),पो.-पाटसेन्द्री
तह.-सरायपाली,जिला-महासमुंद(छ. ग.) पिन- 493558
मोब.- 8103535652
यह भी पढ़ें:-







