Krishna kanhaiya geet

किशन बाँसुरी तूने जब भी बजाई

किशन बाँसुरी तूने जब भी बजाई

किशन बाँसुरी तूने जब भी बजाई
तेरी राधिका भी चली  दौड़ी आई

नहीं और कुछ देखने की तमन्ना
तुम्हारी जो  मूरत है मन में समाई

हुई राधिका सी मैं भी बाबरी अब
कथा भागवत माँ ने जब से सुनाई

रहे भक्त तेरी शरण में सदा जो
भंवर से उसी की है नैया बचाई

किया नाश‌ तुमने  अधर्मी का जग में
सदा सत्य की राह सबको दिखाई

दिया कर्म का ज्ञान सारे जगत को
चहूँओर ऐसी  अलख है जगाई

लगी नाचने कामिनी होश खोकर
अजब साँवरे तुमने लीला  रचाई

डॉ कामिनी व्यास रावल

(उदयपुर) राजस्थान

यह भी पढ़ें:-

हमारा वतन | Ghazal Hamara Watan

Similar Posts

  • बुलावा माँ का

    बुलावा माँ का कहाँ पिकनिक मनाने को वो नैनीताल जाता है, बुलावा माँ का आये तो वहां हर साल जाता है, खुले बाज़ार में जबसे बड़े ये मॉल हैं यारों, दुकानों से कहाँ फिर कोई लेने माल जाता है, बहुत तारीफ करता है सभी से माँ की तू अपने, मगर कब पूछने तू अपनी माँ…

  • तूफान उठाया है

    तूफान उठाया है इस दिल के समुंदर में तूफान उठाया हैमासूम निगाहों ने जब तीर चलाया है वो दिल के दरीचों से नज़दीक लगा इतनाइक पल में उसे हमने हमराज़ बनाया है ताउम्र रहे रौशन दहलीज़ तेरे घर कीयह दीप मुहब्बत का यूँ हमने जलाया है तुमने जो किया दिल को उम्मीद से वाबस्ताइक ताजमहल…

  • सब अदा हो गये

    सब अदा हो गये प्यार के वादे जब सब अदा हो गयेसारे शिकवे गिले ख़ुद हवा हो गये इस इनायत पे मैं क्यों न क़ुर्बान हूँएक पल में वो ग़म आशना हो गये उनकी क़ुर्बत से आता है दिल को सुकूंँदर्द- ओ- ग़म की वही अब दवा हो गये दिल के मुंसिफ का हर फ़ैसला…

  • उंगलियां उठा देंगे | ग़ज़ल दो क़ाफ़ियों में

    उंगलियां उठा देंगे ( Ungliyan Utha Denge ) ज़मीने-दिल पे तो हम कहकशां भी ला देंगे तमाम लोग यहाँ उंगलियां उठा देंगै कहीं नमक तो कहीं मिर्चियां मिला देंगे दिलों में लोग यूँ हीं दूरियां बढ़ा देंगे ज़माना हमको भी मुजरिम क़रार दे देगा किसी से ऐसी कोई दास्तां लिखा देंगे किसी को सच की…

  • नाम मुहब्बत रखा गया

    नाम मुहब्बत रखा गया दुनिया को इस तरह से सलामत रखा गयादो दिल मिले तो नाम मुहब्बत रखा गया गर वक़्त साथ दे तो बुलंदी पे हैं सभीरूठा अगर तो नाम कयामत रखा गया फैलाया हाथ हमने किसी के न सामनेख़ुद्दारियों को सारी अलामत रखा गया सब कुछ लुटाया उसने हमारे ही वास्तेमाँ का भी…

  • बड़ा नादान है तू | Bada Nadan Hai tu

    बड़ा नादान है तू ( Bada Nadan Hai tu ) बड़ा नादान है तू बेवजह हलकान होता है समझ पाना मिज़ाज -ए-यार क्या आसान होता है। लबों पे मुस्कुराहट कहर लेकिन दिल में रखते हैं नया इक रोज़ ज़ारी क़त्ल का फ़रमान होता है। हमारे दिल में क्या है क्या नहीं सब जानता है वो…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *