अपना काम करता चल

किस्मत | Kismat kavita

 किस्मत 

( Kismat )

 

 

->अपना काम करता चल ……..||

1.लोगों की भलाई कर भूल जा, उस पर फिर विचार ना कर |
आगे चलकर जरूर मिलेगा तुझे, उसका इंतजार न कर |
तेरा साथ पाने वाला भूल जाए, तो कोई ऐतराज न कर |
देख रहा है कोई अद्रश्य रुप से, खुद को असहाय् न कर |

->अपना काम करता चल ……..||

2.करता जा परिश्रम नि:स्वार्थ भाव, तेरा हक मिलेगा तुझे |
जो कुछ तेरा है बिन मांगे, तेरे द्वार आकर मिलेगा तुझे |
वक्त के पहले न तुझे मिलेगा, न मिला है किसी और का |
तेरे नशीब का कोई छीनेगा नहीं, न तू छीन सकेगा और का |

->अपना काम करता चल ……..||

3.मत डर अपने बुरे वक्त से, यहीं पर अपनों की पहचान है |
कौन तुम्हारे सच्चे दोस्त यार हैं, और कौन झूँठे इंसान हैं |
अच्छे समय के सारे साथी, तेरे संग- संग हंसते गाएँगे |
बुरा वक्त तो कट जाएगा, तेरे अपने भी मिल जाएंगे |

->अपना काम करता चल ……..||

4.जोड़े तो हैं दुनियां भर के, संग -संग चलते जाते हैं |
धरती -गगन ,रात -दिन जैसे, आगे -पीछे आते हैं |
दुख के आगे सुख भी होते, रोने के बाद हंसाते हैं |
जीवन के सब अनुभव होते, हमको मजबूत बनाते हैं |

->अपना काम करता चल ……..||

 

🍀

लेखक–> सुदीश भारतवासी

 

यह भी पढ़ें :  ? धरोहर ?

Similar Posts

  • प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद | Dr. Rajendra Prasad

    प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ( Pratham rashtrapati Dr. Rajendra Prasad ) आज़ादी पश्चात भारत के जो प्रथम राष्ट्रपति बनें, गाॅंधी जी के बेहद करीबी और सहयोगी भी रहे। भारत छोड़ो आंदोलन के समय जो जेल भी गए, एक मात्र ऐसे व्यक्ति जो दो बार इसी पद पे रहे।। जो ३ दिसम्बर १८८४ को जन्में…

  • राइफल हमारी साथी | Rifle par Kavita

    राइफल हमारी साथी ( Rifle hamari sathi )    यही हमारी एक सच्ची साथी, दुश्मन का यह संहारक साथी। हार को जीत यह बना देती है, हमेशा हमारे संग रहती साथी।। रायफल नाम दिया है इसको, रखतें जवान हाथों में इसको। इसके बिना हम रहते है अधूरे, और हमारे बिना ये भी अधूरी।। रात एवं…

  • पाज़िटिव कविता! | Vyang

    पाज़िटिव कविता! ( Positive Kavita : Vyang )   कोरोना नहीं है कोरोना नहीं है रोना नहीं है रोना नहीं है आॅक्सीजन की कमी नहीं है फैक्ट्रियों में पड़ी हुई हैं बहुत सारी भरी हुई हैं टैंकरों से आ रही है हवाई जहाज भी ला रही है बेड की कमी नहीं है दवाएं भी हैं…

  • प्यार करता हूँ | Pyar Kavita

     प्यार करता हूँ  ( Pyar karta hun )   बहार क्या होती है फूल क्यूँ खिलते हैं भँवरे क्यों गाते हैं खुशबू क्यों बिखरती है सूरज क्यों निकलता है चाँद रात भर आकाश में, क्यूँ चक्कर लगाता है बारिश क्यों होती है दिन क्यूँ होता है रात क्यूँ ढलती है। हवा क्यों बहती है पँछी…

  • कवि की कविता | Kavita kavi ki

    कवि की कविता  ( Kavi ki kavita )    अब हम भी लिखेंगें  ऐसी कविता ख़ास, कर ली जो हमनें कक्षा मैट्रिक यह पास। ज्ञान विज्ञान और हिन्दी गणित के साथ, करेंगें अब हम  साहित्यिक मंच विकास।।   सीखा व्यंजन और सीखा स्वर का ज्ञान, सीखें हमने शब्द और इनके बहुत अर्थ। गद्य पद्य पाठ…

  • तुम न जाओ

    तुम न जाओ   सूने उपवन में गहन घन प्रीति गाओ तुम न जाओ।। मेरे अन्तर्मन अभी तुम रुक भी जाओ तुम जाओ।। स्वाती बिन प्यासा पपीहा देखा होगा, रात भर जगती चकोरी सुना होगा, मैं तना हूं तुम लता बन लिपट जाओ तुम न जाओ।।तुम न० प्रेम तो एक हवा का झोंका नहीं है,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *