लाला लाजपत राय | Lala Lajpat Rai par Kavita

लाला लाजपत राय

( Lala Lajpat Rai ) 

 

ऐसे नेताओं में एक थें वह लाला लाजपत राय,
स्कूली शिक्षण पश्चात किए जो‌ कानूनी ‌पढ़ाई।
धर्म-पत्नी जिनकी राधा देवी भाई धनपत राय,
सम्पूर्ण स्वतन्त्रता के खातिर लड़ते रहें लड़ाई।।

कलम जिनकी ऐसी भयंकर आग जो उगलती,
ये वाणी जिनकी ऐसी क्रान्ति उत्पन्न कर देती।
दोनों ही मुख्य रूप से ये विशेषताएं थी उनकी,
तेजस्विता किरणें शीश पर उनके ये चमकती।

बचपन से ही था जिनका ऐसा एक यह सपना,
बाहर की ताकतों से मुक्त हो ये भारत अपना।
मुंशी राधा कृष्ण पिता थें व गुलाबी देवी माता,
भगत आज़ाद राजगुरू आदर्श मानते ‌अपना।।

पंजाब नेशनल बैंक का आपने स्थापना किया,
यह लक्ष्मी बीमा कम्पनी भी आप ही चलाया।
ढ़ेर स्कूल खोले उन्होंने एवं बनवाएं अस्पताल,
धर्मनिरपेक्ष-राष्ट्र बनानें का अभियान चलाया।।

कई किताबें लिखी आपनें कई किये आंदोलन,
आज लाल बाल पाल से भी जानता जन जन।
पंजाब केसरी भी कहलाएं आप शेर-ए-पंजाब,
कई संगठनों के रहें संस्थापक जीतें आप मन।।

 

रचनाकार : गणपत लाल उदय
अजमेर ( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

रक्तदान महादान | Poem in Hindi on Raktdan

 


Posted

in

by

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *