समय चुराएं

समय चुराएं | Poonam singh poetry

 समय चुराएं 

( Samay churaye )

 

आओ …
समय से कुछ समय चुराएं
शुन्य के सागर में गुम हो जाएं
बीती बातों का हिसाब करें
आने वाले पलों का इंतज़ार करें
भूली यादों को याद करें
बीती चाहतों को ताज़ा करें

 

कुछ बातें इधर की हों
कुछ बातें उधर की हों
इधर – उधर की बातों में
कुछ संवाद हमारे हों

 

इशारों – इशारों में
आंखों से गुस्ताखियां
बेहिसाब हों
धड़कनों में रवानियां
बेमिसाल हों

 

फिर उस चांद को निहारें
जिसे वक़्त के सेहरा में भूले
फिर एक बार तारों को गिनें
और टूटते तारे से कुछ मांगें

 

मुख्तसर लम्हों में डूबें
सुकून की सांसों में जिएं
और फिर एक दूसरे में
खुद से खुद को तलाशें

 

आओ …
समय से कुछ समय चुराएं
शुन्य के सागर में गुम हो जाएं।

 

लेखिका: पूनम सिंह

 

यह भी पढ़ें : –

तुम्हे रुलाने आया हूँ | Marmik kavita

Similar Posts

  • Rango par kavita in Hindi || होली रंगों का त्योहार | Kavita in Hindi

    होली रंगों का त्योहार ( Holi Rangon Ka Tyohar )   होली रंगों का त्योहार लाये मन में उमंग बहार, नाचो गाओ मिल के सब। रंग-बिरंगे गुलाल उड़ाओ पुआ पकवान खाओ खिलाओ, प्रेम सौहार्द के संग मिल के सब। प्रकृत रूप-लावण्य निखरे नाना पुष्पों के सुगंध बिखरे, भौरें गावत गीत मल्हार मिल के सब। मदन…

  • आओ पेड़ लगाएं हम | Paryawaran par kavita

    आओ पेड़ लगाएं हम ***** आओ पेड़ लगाएं हम, चहुंओर दिखे वन ही वन। निखर जाए वातावरण, स्वच्छ हो जाए पर्यावरण। बहें नदियां निर्मल कल-कल, बेहतर हो जाए वायुमंडल। नाचे मयूर होकर मगन, झूमे धरती और गगन। मंद मंद बहे मदमस्त पवन, शतायु हो जाए मानव जीवन। बगिया महके बचपन चहके, खिला खिला रूप यौवन…

  • जागो! मेरे देश के युवा

    जागो! मेरे देश के युवा आओ! हम रचे नवगीत।रचे ऐसा नवगीत, शत्रु भी बन जाए मीत॥ साधु बन घूमते रावणकरने सीता का वरण।आए दिन अब हो रहा,द्रोपदी का चीर-हरण॥करे पापियों का अब नाश, हो अच्छाई की जीत।रचे ऐसा नवगीत, शत्रु भी बन जाए मीत॥ छलावी चालें चल रहेकपटी-काले मन।नित झूठे लूट रहेंसच्चाई का धन॥बन पार्थ…

  • गजानंद जी चले | Gajanand ji Chale

    गजानंद जी चले ( Gajanand ji Chale ) गजानन जी चले अपने धामचलो सखी झूमे नाचे करें उन्हें प्रणाम। झांकी सजाओ बनाओ मोदक पकवानमूषक पर होके सवार चले गजानन जीआया बुलावा मां पार्वती कागजानन जी चले अपने धामचलो सखी झूमे नाचे करें उन्हें प्रणाम भक्तों की पड़ी भीड़ देने को विदाईआज तो सारा जग है…

  • लाली उषा की | Lali Usha ki

    लाली उषा की ( Lali usha ki )   युगों की रची सांझ उषा की न पर कल्पना बिम्ब उनमें समाये बनाये हमने तो नयन दो मनुज के जहाँ कल्पना स्वप्न ने प्राण पाये। हंसी में खिली धूप में चांदनी भी दृगों में जले दीप मेघ छाये। मनुज की महाप्रणता तोड़कर तुम अजर खंड उसको…

  • आम आदमी की किस्मत | Aam aadmi par kavita

    आम आदमी की किस्मत ! ***** ( Aam Aadmi Ki Kismat )   आम आदमी पिस रहा है, सड़कों पर जूते घिस रहा है। मारा मारा फिरता है इधर से उधर, समझ नहीं पाए- जाएं तो जाएं किधर । चहुंओर सन्नाटा है, सहायता को कहीं जाता है? निराशा ही निराशा उसे हाथ आता है। सरकारी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *