माँ से ख़ुशी

माँ से ख़ुशी

माँ दुर्गा का साया जीवन में हो l
आयी ख़ुशियों की छाया अहो ll
पग – पग शांति का निवास हो l
प्रतिदिन प्रकाश का वास हो ll
तू अंबे , जग दंबे l
तुही दुर्गा , तुही लक्ष्मी ll

खेलो – कूदो उल्लास के आँचल में l
क्लेश – कष्ट दूर हो छाह के भाव में ll
ओड के लाल चुनरियाँ l
प्रफुल्लित संजोग आया ll
तू अंबे , तू जगदंबे l
तुही दुर्गा , तुही लक्ष्मी ll

शक्ति का प्रतीक है l
पापियों के विनाश का संकेत है ll
नौ रूप – नौरात्रि में l
एक वर – सुख संसार में ll
तू अंबे , तू जगदंबे l
तुही दुर्गा , तुही लक्ष्मी ll

जग ने शेष देके , अधिक सुनाया l
अधिक समृद्धि देके , तू ने न सुनाया ll
जो किया , ओ पायेगा l
माँ ने कहा , सो होयेगा ll
तू अंबे , जग दंबे l
तुही दुर्गा , तुही लक्ष्मी ll

वाहिद खान पेंडारी

( हिंदी : प्राध्यापक ) उपनाम : जय हिंद

Tungal School of Basic & Applied Sciences , Jamkhandi

Karnataka

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