मतदान जरूर करें

मतदान जरूर करें

मतदान जरूर करें

*****

लोकतंत्र के महापर्व का मजा ले लो भैया,
नियत तिथि को मतदान कर चुनो भविष्य भैया।
अपनी ताकत-एकजुटता का दिखलाओ एहसास,
जो काम न करे, कहें उसे नो बाॅस!
अच्छे उम्मीदवार को कुर्सी पर बिठाएं,
गर ना हो पसंद ‘नोटा विकल्प’ दबाएं।
जांच परख कर किसी को दीजिए अपना मत,
लालच लोभ में पड़कर पहले ही ना कर दें प्रकट।
प्रात:काल की बेला में ही मतदान अपना कर आएं,
घर जाकर झट से आधी आबादी को भिजवाएं।
कोविड-19 के निर्देशों को पूरी तरह अपनाएं,
मास्क पहनकर ही भैया केन्द्र को जाएं।
बीमारी से बचते हुए लोकतंत्र को बचाना है,
अपने बिहार को अब पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है।
सदी इक्कीसवीं हैं,
एआई ( कृत्रिम बुद्धिमत्ता) का जमाना है-
उसी अनुरूप बिहार को बढ़ाना है।
कुछ ऐसा संकल्प लेकर घर से निकलें,
केन्द्र पर पहुंचे आप ही सबसे पहले।
नर नारी की भागीदारी हो बिल्कुल आधा आधा,
महिलाएं घर से निकलें लिए विकास का इरादा।
जोश हो, उत्साह हो मतदान के दिन,
गर चूक गए तो !
पांच साल आप ही होंगे परेशान,
विकास का नहीं रहेगा नामोनिशान।
भटकेंगे युवा, महंगी होगी खेती किसानी,
देश दुनिया में पिछड़े बिहार को देख होगी हैरानी।
फिर पछताएंगे!
लेकिन ये आंसू भी काम न आएंगे।
फिर पांच साल बाद ही आएगा ऐसा दिन,
एक दिन बरस बराबर होगा!
जब खुशियां जाएंगी छीन।
लोकतंत्र के महापर्व में बढ़ चढ़कर करें योगदान,
संवैधानिक अधिकार है करना मतदान;
अपने वोट की कीमत समझो अम्मा, भाईजान!

 

?

नवाब मंजूर

 

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

यह भी पढ़ें :

जागल बिहारी : निकलल नेताजी के होशियारी

 

Similar Posts

  • कथा रिटायरमेंट की

    कथा रिटायरमेंट की ( हास्य ) .लाली जी कर घोषणा, हुई रिटायर आज।सब सुन लो खुद ही करो, अपना अपना काज।।मैं न करूँ अब काम कुछ, मलो हाथ अरु पैर।मेरे काम सभी करो, तभी मनेगी खैर।।लालू चौके में गए, पुलक पकाई खीर।छौंका राई-हींग से, लाली भईं अधीर।।लल्ला ने सोचा करें, मम्मा को इम्प्रैस।सिंथेटिक साड़ी बिछा,…

  • मन के मुलायम | मुलायम सिंह यादव पर लिखी शोक कविता

    मन के मुलायम  ( Man Ke Mulayam ) चल कर अपने जीवन पथ पर बदला समाज अपने बल पर निज प्यार लुटाया कर भरकर की राजनीति खूब चढ़ बढ़कर अर्पित है सुमन तमाम तुम्हें, शत्-शत् नमन प्रणाम तुम्हें।   साहित्य आपको प्यारा था शिक्षक  बहुत  दुलारा  था जन प्यार आपका न्यारा था जन  धरती- पुत्र …

  • मतदान | Matdan par kavita

    मतदान  ( Matdan )  ( 3 ) पलट दो सत्ता को पलट दो आवाम पर्व है लोकतंत्र का चलो चले करें मतदान लालच बुरी बला है संकट इससे कहां टला है स्वयं में स्वतंत्र बनो नहीं तुम परतंत्र बनो वोट हमारी पूंजी है समर्थ देश की कुंजी है जात धर्म मजहब से ऊपर देश हमारा…

  • मेरी बहन | Meri Bahan

    मेरी बहन ( Meri Bahan )    बांधकर मेरी सूनी कलाई पर धागा, किसी ने मुझे भाई होने का सम्मान दिया, समाज की सोच से बिल्कुल परे एक प्रेम के धागे से, किसी ने मुझे अपने भाई से भी ज्यादा प्यार दिया, कोख अलग अलग है जन्म की, किसी ने अपने जीवन में मुझे कृष्ण…

  • भारत के आम | Aam par Kavita

    भारत के आम ( Bharat ke aam )   फलों का राजा होता है आम, गर्मियों में आता है हर साल। खाते जिसे बच्चें, बुड्ढे जवान, सभी जगह मिलता हर हाल।। इससे जूस बनाके कोई पीते, कोई इसको ऐसे में चूस लेते। रस भरें आम सेहत खज़ाना, अमीर ग़रीब सभी इसे खाते।। भारत में जिसके…

  • स्वर्ग-नर्क | Poem in Hindi on Swarg narak

    स्वर्ग- नर्क ( Swarg – Narak )   स्वर्ग है या नर्क है कुछ और है ये। तूं बाहर मत देख तेरे ठौर है ये।। तेरे मन की हो गयी तो स्वर्ग है। मन से भी ऊपर गया अपवर्ग है। आत्मतत्व संघत्व का सिरमौर है ये।। तूं बाहर० मन की अभिलाषा बची तो नर्क है।…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *