न ही देखा ऐसा चेहरा अल्लाह कसम
न ही देखा ऐसा चेहरा अल्लाह कसम

न ही देखा ऐसा चेहरा 

 

न ही देखा ऐसा चेहरा अल्लाह कसम
था वो ही सुंदर इतना अल्लाह कसम

 

तोड़ गया है हर वादा चाहत का वो
न वहीं निकला है सच्चा अल्लाह कसम

 

करना तू दोस्त वफ़ा मुझसे यारी में
न कभी करना धोखा अल्लाह कसम

 

उल्फ़त की हो बातें सिर्फ हमेशा ही
न कभी करना तू शिकवा अल्लाह कसम

 

न क़बूल जिसे है उल्फ़त मेरी यारों
की आए ख़्वाब उसी का अल्लाह कसम

 

कुछ न कहा उससे मैंनें दोस्त ग़लत
तोड़ रहा वो क्यों रिश्ता अल्लाह कसम

 

जीवन तन्हा न कटे है अब आज़म का
भेज खुदा कोई चेहरा अल्लाह कसम

 

 

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शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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