• भीड़ भक्तों की मय्या तेरे द्वार है

    भीड़ भक्तों की मय्या तेरे द्वार है भीड़ भक्तों की मय्या तेरे द्वार हैइनकी कश्ती फँसी आज  मझधार है जब भी भक्तों पे संकट की आई घड़ीदुर्गे माँ ने लिया तब ही अवतार है दैत्य दानव दरिंदों के संहार कोमाँ उठाती सदा अपनी तलवार है झूमते नाचते धुन पे गरबे की सबहर्ष उल्लास भरता ये …

  • आदिशक्ति मां जगदंबे भवानी

    आदिशक्ति मां जगदंबे भवानी विनती:- शारदीय नवरात्र मां दुर्गा का त्यौहार।नतमस्तक वंदन करूं रखिए हरदम प्यार ।। चंड मुंड संहारिणी, असुर निकंदन रूप।खड्ग खप्पर कर में लिये, भिन्न-भिन्न स्वरूप।। हे माता जगदंबिका दो मुझको वरदान।कलम हाथ से जो लिखूं हो मेरा लेख महान।। शैल सुता गिरी हिमालय की बेटी शैल सुता कहलाएमनोकामना पूर्ण करती जो…

  • लुधियाना की कवयित्री डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक ‘साहित्य साधिका सम्मान’ से अलंकृत

    आगरा। महिलाओं के लेखन को निरंतर प्रोत्साहित करने वाली संस्था साहित्य साधिका समिति द्वारा खंदारी स्थित होटल विक्रम पैलेस में लुधियाना की युवा साहित्यकार डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक को उनके सतत-सार्थक काव्य-सृजन, साहित्य की विभिन्न विधाओं में शोध परक आलेखों व भारत की अन्य क्षेत्रीय (प्रांतीय) भाषाओं में अनुवाद-कार्य के लिए ‘साहित्य साधिका सम्मान’ प्रदान…

  • विजयदशमी ( दशहरा )

    बुराई से अच्छाई का प्रतीक है दशहरा । यदि भीतर में अच्छे भाव मिलेंगे तो वह अच्छाई ले आएगा। यदि बुरे भाव मिले तो वह बुराई ले आएगा। आंतरिक व्यक्तित्त्व को हम देख नहीं सकते और न ही कोई साधन हमारे पास हैं । विचार सबसे अच्छा खास माध्यम हैं । उसके द्वारा हम आंतरिक…

  • पंचमम् स्कंदमातेति | माहिया

    पंचमम् स्कंदमातेति माँ आदि भवानी हैंनौ-नौ रूपों मेंअंबे वरदानी हैं संतति का वर देतींस्कंदमाता रानीहर दुख को हर लेतीं माता का जगराताकर लो श्रद्धा सेझोली को भर जाता माँ बालक हम तेरेडाले हैं डेरादरबारों के चेरे बेंदी की शोभा हैरुचिर आलता नेभक्तों को लोभा है रजनी गुप्ता ‘पूनम चंद्रिका’ लखनऊ, उत्तर प्रदेश यह भी पढ़ें:-

  • मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता

    स्कंदमाता : हाइकु जगदंबिकादुर्गमा स्कंदमाताशरणागता दुर्गा भवानीस्कंदमाता अंबिकानम: चंद्रिका नौ नवरात्रिपूजन फलाहारअंबे के द्वार नौ दुर्गा रूपपंचम् स्कंदमातासुखप्रदाता षष्टमुखम्कार्तिकेय ललनशिरस: नमन रजनी गुप्ता ‘पूनम चंद्रिका’ लखनऊ, उत्तर प्रदेश यह भी पढ़ें:-

  • भजन मातारानी का

    भजन मातारानी का तू है दुर्गा तू है काली तू है लक्ष्मी माता ।तेरे सम्मुख दरस किसी का मन को नहीं सुहाता ।। तेरे दर पर लगा हुआ है माँ भक्तों का मेलाकैसे तेरे दर्शन पाऊँ मैं नादान अकेलामेले में हर चीज़ है लेकिन मुझपे नहीं है धेलामुझ पर भी कुछ दया दिखा दे मेरी…

  • दुर्गा स्तुति | Durga Stuti

    दुर्गा स्तुति ( Durga Stuti ) मंगलकारी विघ्नविनाशीनी, सिंहवाहिनी नमोस्तुते lब्रह्माचारिणी शैलपुत्री, चण्ड. मुण्ड नाशिनी नमोस्तुते ll चित्तस्वरूपा सत्यस्वरूपा पिनाकधारी नमोस्तुते lकालरात्रि हे स्कन्दमाता कपालधारिणी नमोस्तुते ll ब्रह्माणी रुद्राणी भी तुम ही तों हो कमलराणी lमहागौरी हे जग वंदिता दानव घातनी नमोस्तुते ll माता दुर्गा लक्ष्मी सरस्वती पाहिमाम महेश्वरी lसुख दायिनी हृदय विलासिनी राजराजेश्वरी नमोस्तुते…

  • ईश्वर: एक अदृश्य शक्ति का सजीव अनुभव

    ईश्वर, एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही हमारे भीतर शांति और सुकून की अनुभूति होती है। यह महज़ एक नाम नहीं, बल्कि एक ऐसी दिव्य शक्ति है, जो सब कुछ नियंत्रित करती है, सब कुछ संभालती है। ईश्वर किसी एक विशेष रूप में सीमित नहीं है। वह कण-कण में व्याप्त है, हर जीव, हर…

  • शैतान | Shaitan

    क्या सच में, होते हैं शैतान ? क्या सच में,होते हैं शैतान ?या ये है केवल,हमारा अनुमान ।हां वाकई,होते हैं शैतान ।जब हम करते हैं,कोई बुरा काम ।या फ़िर करते हैं,बड़ों का अपमान ।तब हमारे भीतर ही,प्रविष्ट हो जाते हैं ;ये दुष्ट शैतान ।जब हम, भूल जाते हैं ,सही ग़लत की पहचान ।तभी हमें उकसाते…