• सुमा मण्डल की कविताएं | Suma Mandal Poetry

    हमें संग ले जाइए आपसे दूर और रहा न जाए।दर्द कितना होवे कहा न जाए।हे दयासागर! आ जाइए।हमको सदा के लिए संग ले जाइए।। श्री चरणों से दूर प्रयोजन नहीं कहीं हमारा।निष्प्राण देह यह विरह का मारा।परमानंद की ज्योति जगाइए।हे दयासागर! आ जाइए।हमको सदा के लिए संग ले जाइए ।। कितनी बहाएंगी और आंसू अंखियां।ताना…

  • भारत की बेटी ” हिंदी ” हमारी

    भारत की बेटी ” हिंदी ” हमारी साहित्य की फुलवारी lलगती सबसे न्यारी llडंका बजा कोने – कोने में lएक ही आवाज गूँजी हर मन में llप्रतिष्ठा की है , अधिकारी lहिंदुस्तान की है , बोली प्यारी llबोलो कश्मीर से कन्याकुमारी lबने राष्ट्रभाषा हिंदी हमारी ll संस्कृत से जन्मी हिंदी हमारी lसंस्कार से अलंकृत हिंदी…

  • सर्वशक्ति कालिका | Sarvashakti Kalika

    सर्वशक्ति कालिका ( चामर छन्द ) 1सर्वशक्ति कालिका कराल रक्त दंतिका।शांभवी सुधा सती सुगम्य चंद्रघंटिका।।चंद्रिका सुबोधिनी गदा त्रिशूल धारिणी।हस्त शंख चक्र ले निशुंभ शुंभ तारिणी।। 2हे अजा सिता अगम्य मातु हे पताकिनी।दुर्गमा त्रिलोचनी विशाल दैत्य नाशिनी।।शारदे सँवार दे अबोध माम् तूलिका।ज्ञान के विहान से प्रकाशवान मूलिका।।(औषधीय जड़ी) 3दुष्ट शत्रु वंश बेल हारिणी कपालिनी।अट्टहास कालिका कुमारि…

  • संत कुमार सारथि की कविताएं | Sant Kumar Sarthi Poetry

    गजानन प्रथम पूज्य अधिदेव गणेशा,विघ्न विनायक अनुपम वेशा।भाद्र मास शुक्ल बुद्धवारा,लिया चतुर्थी को अवतारा।शंकर सुवन उमा महतारी,तेरी महिमा अद्भुत न्यारी।एकदंत लंबोदर रूपा,निश दिन पूजे सुर नर भूपा।पीत वसन वर मुद्रा धारी,सब जग के तुम हो हितकारी।चढे़ पुष्प फल मोदक मेवा,देवन में हो अधिपति देवा।पाश परशु त्रिशूल है धारे,कार्तिक जैसे भाई प्यारे।रिद्धि और सिद्धि संग नारी,स्वास्तिक…

  • दुर्गा पूजा का अनोखा आकर्षण

    दुर्गा पूजा भारत में मनाए जाने वाले सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। यह त्योहार कुल दस दिनों तक पूरे विधि-विधान के साथ मनाया जाता है। जिसमें मुख्य रूप से दुर्गा माता की पूजा की जाती है। जिसमें भक्तों द्वारा मां के सभी रूपों की पूजा की जाती है। भारत में दुर्गा पूजा पश्चिम…

  • नमामि गंगे | Namami Gange

    नमामि गंगे ( Namami Gange ) नमामि गंगे , नमामि गंगे ।हर हर गंगे , हर हर गंगे ।आओ गंगा में, डुबकी लगायें ।तन और मन , को शुद्ध बनायें ।गंगाजल की ,यह शीतलता ।करती दूर ,ह्रदय की मलिनता ।आओ शुद्ध करें ,इस जल को ।कैसे भी बस , स्वच्छ यह जल हो ।जय हो…

  • चलो चलें | Chalo Chale

    चलो चलें ( Chalo Chale ) यह संसार तो दुःख का घर है।सपने में भी नहीं सुख यहाँ पर है। माया के हाथों में है सबकी डोर ।फिराए चाहे माया जिस भी ओर।लाचार जीव धुनें सिर पकड़ है।सपने में भी नहीं सुख यहाँ पर है। भटक-भटक कर थक जाएँ।सुकून कहीं पर न जीव पाएँ।भक्ति बिना…

  • जाने क्यों आज | Jaane Kyun Aaj

    जाने क्यों आज ( Jaane Kyun Aaj ) जाने क्यों आज वो निढाल सा था।उसके रुख़ पर अजब मलाल सा था। हाय क्या दिन थे प्यार के दिन भी।दिल की दुनिया में इक धमाल सा था। कोशिशें यूं भी रायगां ठहरीं।उसका मिलना ही कुछ मुह़ाल सा था। फूल झड़ते थे उसके होठों से।उसका लहजा ही…

  • प्रेम कभी झूठ नहीं बोलता

    प्रेम कभी झूठ नहीं बोलता प्रेम कभी झूठ नहीं बोलताना ही किसी का वो बुरा सोचता शांत कुशल सौम्य एवं संयमीशब्द बिना मौन से है बोलता साथ की आदत है एसी पड़ गयीपल भी अकेला वो नहीं छोड़ता दूर ही रहता है विवादों से वोफूट चुकी मटकी नहीं फोड़ता यार सृजनशील है सपने में भीखंडहरो…

  • नवदुर्गा उपासना | Navdurga Upasana

    नवदुर्गा उपासना ( मनहरण घनाक्षरी ) नाम नव दुर्गा रूप, पूजे सुर मुनि भूपपहाड़ों वाली मां तेरा, शैलपुत्री नाम है। दूसरा अनूप रूप, ब्रह्मचारिणी है मैयाकमंडल कर तेरे, दूजे कर माल है। चंद्रघंटा रूप तेरा, तीसरा सलोना मैया,सिंह की सवारी तेरे, हाथ में कमान है। चौथा है कुष्मांडा रूप, पांचवा स्कंद मैया,छठा है कात्यायनी मां,…