• मित्रता ( दोस्ती ) : Mitrata Par Dohe

    मित्रता ( दोस्ती ) उसको मित्र बनाइए ,जो ना छोड़े साथ।विपदा जब कोई पड़े, हर पल देता साथ।। स्वार्थ कोई हो नहीं, सच्चा मित्र कहाय ।विपदा में संग संग रहे, राह नई दिखलाय ।। सखा सुदामा कृष्ण की, जग में बड़ी मिसाल ।मित्र धर्म की पालना, करी बिहारी लाल।। करो उसी से मित्रता ,समझे मन…

  • कितना है प्यार | Kitna Hai Pyar

    कितना है प्यार ( Kitana Hai Pyar ) कितना है प्यार याद दिलाने की देर हैयानी कि दूर यार से जाने की देर है इक राज़ को तमाशा बनाने में कितनी देरअपने से दूसरे को बताने की देर है इतना तुनक-मिज़ाज हूँ कमरा भी हर तरफ़बिखरा हुआ मिलेगा सजाने की देर है अर्ज़ो-समा का हो…

  • मां कूष्मांडा | Maa Kushmanda

    मां कूष्मांडा ( Maa Kushmanda ) चौथे दिन नवरात्रि के, जिनकी की जाती उपासना,पूजा की जाती विधान से, कहलाती वो मां कूष्मांडा। ब्रह्मांड की रचियता मां, सृष्टि की आदिस्वरूप, आदिशक्ति,सूर्यमंडल के भीतर लोक, निवास करे मेरी महामाई। शरीर की कांति और प्रभा, सूर्य भांति ही दैदीप्यमान,दसों दिशाएं प्रकाशित होती, मां का भव्य तेज, प्रकाश। अष्टभुजी…

  • नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) नवम दिवस

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) नवम दिवस भुवाल माता के स्मरण से सब पहचान लो ।छोड़ जगत की चिन्ताखुद को जान लेखुद को समझ लेयही है सच्चाईहम तो धीरे – धीरे छान ले ।कौन कहाँ से आया हैयहाँ और कहाँ पर जाएगा ।छिपे हुए इस गूढ़ तत्व कोकौन जानने पाएगासब झंझट तज वर्तमान पहचान ले…

  • उदासियाँ | Udasiyan

    उदासियाँ ( Udasiyan ) बैठी हैं हर क़दम पे डगर पर उदासियाँकैसे हो अब गुज़र, मेरे दर पर उदासियाँ मायूस होके लौटे जो उनकी गली से हमछाईं हमारे क़ल्ब-ओ-जिगर पर उदासियाँ क्या हाल आपसे कहें क़हर-ए-खिज़ां का हमसूखी है डाल-डाल शजर पर उदासियाँ दिखता नहीं लबों पे तबस्सुम किसी के अबछाई हुई हैं सबकी नज़र…

  • यह भी कोई बात हुई | Yeh Bhi koi Baat Hui

    यह भी कोई बात हुई ( Yeh Bhi koi Baat Hui ) कुछ तो बोलो जान-ए-राह़त यह भी कोई बात हुई।तोड़ गए तुम अ़ह़्द-ए-उल्फ़त यह भी कोई बात हुई। एक ज़रा सा दिल क्या टूटा राहे मुह़ब्बत में दिलबर।भूल गए तुम नाज़ो नज़ाकत यह भी कोई बात हुई। मिलते तो हो हम से लेकिन दिल…

  • नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) अष्टम दिवस

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) अष्टम दिवस भुवाल माता के सिवाय कोई न साथ ।जंग यह जीवन का ले जीतलगा ले सत्य धर्म से प्रीतजीवन सिख ले जीनाआता भव सागर पार किनारा ।जो पल बीत गया यहाँ रेवह न लगे फिर हाथआवागमन लगा एकाकीहोता कोई न साथ ।जो लाया खाया यहाँ रेअब आगे की सोचखाली…

  • ऊँ जय माँ शारदे!

    ऊँ जय माँ शारदे! 1माँ दुर्गा ममतामयी, अद्भुत है श्रृंगार।दुर्गा दुर्गविनाशिनी, भक्त करें जयकार।। 2माँ मेरी विनती सुनें, हरेन सकल संताप।वरद हस्त धर शीश पर, हृदय विराजें आप।। 3दुर्गा दुर्गति दूर कर, सुगम बनातीं राह।रोगनाशिनी तारिणी, करतीं पूरी चाह।। 4पापमोचनी कालिका, मंगलमय हैं काम।दुर्गम की संहारिणी, तब से दुर्गा नाम।। 5घट- घट वासी मातु से,…

  • ख़ुद को आवाज़ लगाकर देखें

    ख़ुद को आवाज़ लगाकर देखें ख़ुद को , आवाज़, लगाकर देखें ।फिर से , ख़ुद को पाकर देखें ।खोई हैं , जितनी मुस्कानें ।जीवन में ,फिर लाकर देखें ।गीत अधर से , छूट‌ गए जो ।उनको , गुनगुना कर देखें ।अंतस में ,छाया जो अंधेरा ।आओ उसे, मिटाकर देखें ।टूटी हैं ,जितनी उम्मीदें ।सब में…

  • नवरात्रि (दिकु के इंतज़ार में)

    नवरात्रि (दिकु के इंतज़ार में) तेरे चरणों में माँ, सारा जहाँ झुका है,तेरी ममता से जीवन, हर खुशी से भरा है।अब तेरे आशीर्वाद से, हर दुख दूर करा दे,और कुछ नहीं चाहिए माँ, मेरी बस यही बिगड़ी बना दे। नवरात्रि की हर रात, चलती है माँ तेरे नाम पर,दिकु का इंतजार है, इस दिल के…