बादल कही से आओ ना
बादल कही से आओ ना ( बाल गीत ) सूरज मामा आसमान परबढ़ती गर्मी तापमान परसुख गईं सब नदियां नालेदादी नहीं लेती एक निवाले यह गर्मी खूब सताती हैतन मन में आग लगाती हैपंखे के नीचे सोते हैंफिर भी गर्मी से रोते हैं गुनगुन कान्हा सोना प्यारेगिनते रहते जाग के तारेनारियल पानी खीरा ककड़ीकुछ नहीं…










