इतने शून्य उफ इतने शून्य

इतने शून्य उफ इतने शून्य

इतने शून्य उफ इतने शून्य

इतने शून्य उफ इतने शून्य
ये शून्य जीवन
ये जीवन का शून्य
ये आसमान शून्य
ये आसमानों में शून्य
ये रिश्ते शून्य
ये लहू में बहता शून्य
इतने शून्य.. उफ इतने शून्य
शून्य ही शून्य
दुनिया का नही पता मगर मैं तो रह गया दंग.
इतने शून्य उफ इतने शून्य.
लड़ने को कहते सब मगर शून्य से कैसे करे कोई जंग
दुनिया के तंज भले देते खूब रंज
मगर शून्य तो है असल संत

साथ छोड़े दुनिया
मगर साथ रहे हरदम शून्य
कहते हो शून्य से लड़ो
कहते हो लड़ लड़ कर मरो
मगर क्यो लडु शून्य से
ये मेरे तन्हाई का साथी
ये मेरे सफर का हमराही
ये जीवन का सत्य
ये ज्ञान का अंत
ये खोखले प्यार की पहचान
ये मरते रिश्तों की पुराण
कहा नही है शून्य
कहा नही है शून्य
बदरिया नही तो धरती पुत्र शून्य
सूद भर भर मजूर शून्य
चूल्हे की आग न बुझे
तो मंगलसूत्र बेच कर माता शून्य
मन्दर में बैठा बड़ा भिखारी शून्य
मन्दर के बाहर बैठा
मन्दर के अंदर के भिखारी से आस लगाता भिखारी शून्य
ललचाई नजर से जेब देखे
वो कलम के सिपाही शून्य
बिना वजन के फाइल न हिलाए वो साहेब शून्य
शून्य ही शून्य
उफ कितने शून्य
शून्य ही शून्य
उफ इतने शून्य
दुनिया की मुझे पता नही
मगर मैं तो रह गया दंग
शून्य ही शून्य
उफ ये शून्य.. उफ वो शून्य
ये जहा शून्य
ये ब्रह्मांड शून्य
शून्य ही शून्य
शून्य ही शून्य
शून्यों का जमावड़ा
शून्यों का मेला
बड़ा ही विकट है शून्यों का झमेला
मुझ से नही ठेला जाता अब
शून्यों का ठेला
रहने दो रे बाबा लो मै चला
शून्य ही शून्य
इतने शून्य
कितने शून्य
उफ ये शून्य ही शून्य.
रमेश तोरावत जैन

रमेश तोरावत जैन
अकोला
मोब 9028371436

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