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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • जीवन का ज्यामितीय सत्य
    आलेख

    जीवन का ज्यामितीय सत्य : किशोर मन, पारिवारिक संरचना और समय-संतुलन का एक दार्शनिक विश्लेषण

    ByAdmin June 19, 2025June 19, 2025

    आज की अत्यधिक महत्वाकांक्षी और स्वप्नदृष्टा युवा पीढ़ी के जीवन में भविष्य की योजनाओं को लेकर जो अदम्य दबाव, गहन कुंठा और निराशा अपनी जड़ें जमा चुकी है, उसका परिणाम आए दिन समाचारों की सुर्खियों, डिजिटल प्लेटफार्मों की रीलें और अख़बारों के पन्नों पर हृदय विदारक घटनाओं के रूप में सामने आता है। ये घटनाएँ हमें गहरे चिंतन में…

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  • Badal par Kavita
    कविताएँ

    बादल कही से आओ ना

    ByAdmin June 19, 2025June 19, 2025

    बादल कही से आओ ना ( बाल गीत ) सूरज मामा आसमान परबढ़ती गर्मी तापमान परसुख गईं सब नदियां नालेदादी नहीं लेती एक निवाले यह गर्मी खूब सताती हैतन मन में आग लगाती हैपंखे के नीचे सोते हैंफिर भी गर्मी से रोते हैं गुनगुन कान्हा सोना प्यारेगिनते रहते जाग के तारेनारियल पानी खीरा ककड़ीकुछ नहीं…

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  • पेपर आउट
    कहानियां

    पेपर आउट

    ByAdmin June 18, 2025June 18, 2025

    सुबह के समय टहलते हुए एक दिन सोहन अपने मित्र मोहन से टकरा गया। सोहन ने मोहन से उसकी पारिवारिक कुशलक्षेम पता करने के बाद पूछा- “मोहन भाई, आपके बेटे कृष्णा का नीट एग्जाम का रिजल्ट का क्या हुआ? उसका तो नंबर आ गया होगा?” “क्या कहूँ, भाई? उसकी तो किस्मत ही खराब है।” “क्यों?…

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  • सबसे बड़ी समस्या-‘शुगर (डायबिटीज)’
    आलेख

    सबसे बड़ी समस्या-‘शुगर (डायबिटीज)’

    ByAdmin June 18, 2025June 18, 2025

    “मैडम जी, कल आप स्कूल नहीं आई। आप तो मुझसे स्कूल आने को बोल रही थी, फिर अचानक ऐसा क्या हुआ? घर परिवार में सब खैरियत से तो है?” असद सर ने रूमा मैडम से पूछा। “क्या बताऊं भैया? मैं तो अपने एकलौते बेटे जुनैद(28 वर्ष) की ओर से बहुत दुखी हूँ। कमबख्त कहना ही…

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  • इतने शून्य उफ इतने शून्य
    कविताएँ

    इतने शून्य उफ इतने शून्य

    ByAdmin June 17, 2025June 17, 2025

    इतने शून्य उफ इतने शून्य इतने शून्य उफ इतने शून्यये शून्य जीवनये जीवन का शून्यये आसमान शून्यये आसमानों में शून्यये रिश्ते शून्यये लहू में बहता शून्यइतने शून्य.. उफ इतने शून्यशून्य ही शून्यदुनिया का नही पता मगर मैं तो रह गया दंग.इतने शून्य उफ इतने शून्य.लड़ने को कहते सब मगर शून्य से कैसे करे कोई जंगदुनिया…

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  • 'एकता'
    कहानियां

    ‘एकता’

    ByAdmin June 17, 2025June 17, 2025

    “भैया, पापा जी और ताऊ जी में झगड़ा हो गया है। बहुत शोर शराबा मचा हुआ है। कोई किसी से कम नहीं है। ताऊ जी घर में रखा डंडा निकालकर ले आए हैं। ताऊ जी पापा को जान से मारने के लिए कह रहे हैं। हमें बहुत डर लग रहा है भैया। आप जल्दी से…

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  • राज सर आईपीएस
    पुस्तक समीक्षा

    एक अधूरी कहानी का दस्तावेज: ‘राज सर आईपीएस’

    ByAdmin June 17, 2025June 17, 2025

    प्रेम की सबसे सच्ची परीक्षा तब होती है जब वह समय, समाज और सत्ता की सख्त दीवारों से टकराता है। ‘राज सर आईपीएस’ केवल एक प्रेम कथा नहीं, बल्कि एक उच्च शिक्षित, भावुक और समर्पित युगल की ऐसी आत्मकथा है, जिसमें प्रेम के बीज अंकुरित होते हैं, पनपते हैं, एक पवित्र रिश्ते में बदलते हैं…

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  • “भविष्य बताने वाले, वर्तमान से बेख़बर क्यों”
    आलेख

    “भविष्य बताने वाले, वर्तमान से बेख़बर क्यों”

    ByAdmin June 17, 2025June 17, 2025

    (देश में इतने बड़े-बड़े भविष्य वक्ता… फिर भी किसी बड़े हादसे की ख़बर तक नहीं मिलती?) जब आपदा आई और बाबा ऑफलाइन थे, जो लोग दावा करते हैं कि उनका “ऊपर वाले से सीधा संपर्क” है, वे हर बड़ी आपदा, दुर्घटना या संकट के समय चुप क्यों हो जाते हैं? क्या उनका दिव्य नेटवर्क केवल…

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  • हीर-रांझा और नेटवर्क
    कहानियां

    हीर-रांझा और नेटवर्क

    ByAdmin June 16, 2025June 16, 2025

    एक दिन हीर रांझे से नाराज हो गई। हुआ यूं कि शाम के वक्त जब हीर और रांझा फोन पर बात कर रहे थे, तब हीर की माताजी और भाई हीर के इर्द-गिर घूम रहे थे। उनकी हीर पर नज़र थी। हीर रांझे को अपनी सहेली बताकर बतिया रही थी। रांझा हीर से खुलकर बात…

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  • निवेश
    कहानियां

    निवेश

    ByAdmin June 16, 2025June 16, 2025

    एक था धनीराम और एक था सुखीराम। दोनों में गाढ़ी मित्रता थी। दोनों ही शुगर के मरीज थे। दोनों की माली हालत अच्छी नहीं थी। उन्होंने साथ में बहुत काम किये लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर उनके किसी मित्र ने उन्हें प्रॉपर्टी(जमीन) खरीदने-बेचने के काम की सलाह दी और बताया कि जमीन के रेट दिन…

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