डॉक्टर दीपक गोस्वामी की कविताएं | Dr. Deepak Goswami Poetry
रानी लक्ष्मी नही थी कोई लोहे पत्थर से निर्मितनही थी राज भोग विलास तक सीमितनही थी कोई देव नाग कन्याथी सामान्य परिवार की सुकन्याजीवन कर्म अग्नि पथ की धन्याजीती थी अपने जुनून सेसीने से बांध लाल को रंगी खून सेजिद थी जीते जी ना हरगिज हारूँगीचांहे कुछ भी हो पर पर आजादी के सपनों को…









