• अनमोल है बिटिया | Anmol Hai Bitiya

    एक अनमोल रत्न है बिटियाखुशियों की सौगात है बिटिया सुबह की पहली किरण है बिटियाघर आंगन महकाती है बिटिया मां की परछाई होती है बिटियादो परिवारों का मान बढ़ाती है बिटिया सबके मुकद्दर में कहां होती है बिटियामाता-पिता का दुख समझती है बिटिया थोड़ी नटखट थोड़ी शैतान होती है बिटियासंस्कार और शिक्षा से समाज को…

  • सुना था | Suna Tha

    सुना था ( Suna Tha ) ( बेटी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ) सुना था बचपन में हमने एक छोटा सा राजकुमार आएगा सुनहरे घोड़े पर बिठाकर अपने महलों में ले जाएगा सुना था हमने दादी के मुंह मैं हूं एक छोटी सी राजकुमारी कहते कहते गले लगाकर मुझे सुनाती एक कहानी सपने देखे थे…

  • प्यार की ये अजब रीत है | Pyar Ki ye Ajab Reet Hai

    प्यार की ये अजब रीत है ( Pyar Ki ye Ajab Reet Hai ) प्यार की ये अजब रीत है।हार में भी छुपी जीत है।। किससे शिकवा करें हम कहो,पास में जब नहीं मीत है।। धूप के साथ है छांव भी,ज़िन्दगी ऐसा ही गीत है।। दूर होकर लगे पास वो,हां यही सच कहूं प्रीत है।।…

  • आवाज़ मिला दी मैंने | Awaaz Mila di Maine

    आवाज़ मिला दी मैंने ( Awaaz Mila di Maine ) ज़िन्दगी उसके मुताबिक ही बना दी मैंनेउसकी आवाज़ में आवाज़ मिला दी मैंने इसलिए चेहरे पे रहता है तबस्सुम मेरेदिल दुखाती थी जो वो बात भुला दी मैंने ज़िन्दगी ऐसे मुहाने पे ले आई मुझकोआग अपनी ही तमन्ना में लगा दी मैंने उनका दीदार किसी…

  • माय साइलेंट लव : प्रेम बजाज की अद्वितीय रचना

    प्रस्तुत उपन्यास ‘माय साइलेंट लव’ (जस्ट फाॅर यू) लेखिका प्रेम बजाज का पहला उपन्यास है किन्तु पढ़ने के बाद किसी भी पहलू से पहला नहीं लगता। अपने सालों के अनुभवों का निचोड़ सुंदर शब्दों में पिरोकर कहानी का गुंफन किया है। इस उपन्यास के मुख्य किरदार को वास्तविक जीवन में उपेक्षित व्यक्ति को मद्देनजर रखकर…

  • ज़िन्दगी मुश्किल तो है

    ज़िन्दगी मुश्किल तो है ज़िन्दगी, मुश्किल तो है ।पर मुश्किल का ,कोई हल भी तो है ।सफ़र है बहुत लम्बा,पर कहीं मंज़िल तो है ।विघ्नों से ना डरा कर,बेख़ौफ़ सामना कर ।कर लेगा पार नौका,ना छोड़ना तू मौका ।हर मुश्किल दूर होगी,फिर सुख की सुबह होगी ।हां ज़िन्दगी कठिन है,पर ऐसा थोड़े दिन है ।यह…

  • कविता का सच | Kavita ka Sach

    कविता का सच ( Kavita ka Sach ) सुनो, कविता काएक सच सुनोजब सारे चौकन्नेझूठ सोते है,तब शर्मीली-सीसच्चाइयाँ कवितामेंअंकुरित होजागती है।जब हमारी मिली-जुलीइच्छाएँ हारनेलगती हैतो वे हुनर कीशरण ले लेती हैं।तुम्हारी स्मृतियाँमुँह लटकायेघर की दरों-दीवारपर आ बैठती है।वहाँ उसेदेहरहित उपस्थिति केस्वादिष्टदिलासे नही पसन्दजहाँ शाखाओं कीजड़े पेड़ के भीतरफूटती हैवहाँ प्रेम कीशाखाएँस्मृतियों के भीतरजा फूटती है।मिठास…

  • सरसी छंद : गीत

    सरसी छंद ( Sarsi Chhand ) करते हो किन बातों पर तुम , अब इतना अभिमान ।आज धरा को बना रहा है , मानव ही शमशान ।।करते हो किन बातों पर तुम … भूल गये सब धर्म कर्म को , भूले सेवा भाव ।नगर सभी आगे हैं दिखते , दिखते पीछे गाँव ।।मानवता रोती है…

  • ब्रह्माकुमारीज महासचिव निर्वेर भाई का अंतिम संस्कार संपन्न

    यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे ब्रह्माकुमारीज महासचिव बीके निर्वेर भाई से कई बार मिलने उनके साथ ज्ञान चर्चा करने का अवसर मिला। मैने उन्हें अपनी पुस्तक श्रीमद्भागवत गीता शिव परमात्मा उवाच भेंट की तो बहुत खुश हुए। वे चाहते थे कि मैं संस्था की प्रमुख रही राजयोगिनी प्रकाशमणि दादी को लेकर एक पुस्तक लिखूं,यह…

  • आप की परछाईं | Aap ki Parchhai

    आप की परछाईं ( Aap ki Parchhai ) आप की परछाईं जब खुद आपसे डर जायेगीहै यक़ीं के यह भी तोहमत मेरे ही सर जायेगी मैं चिराग़ -ए- ज़िन्दगी हूँ मत छुओ मेरा बदनमैं अगरचे बुझ गया तो रोशनी मर जायेगी मेरी तस्वीर – ए- वफ़ा मत टाँगिये दीवार परयह किसी की आँख में पैदा…