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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • कहानी प्यार की | Kahani Pyar Ki
    ग़ज़ल

    कहानी प्यार की | Kahani Pyar Ki

    ByAdmin August 31, 2024

    कहानी प्यार की ( Kahani Pyar Ki ) कहानी प्यार की हर एक ही नमकीन होती है मगर जब ख़त्म होती है बहुत ग़मगीन होती है ज़माने से यही हमने सुना है आजतक लोगो किसी के प्यार से ही ज़िन्दगी रंगीन होती है बदल लेती है कपड़ों की तरह यह दिल की चाहत को जवानी…

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  • हुई पस्त मैं
    कविताएँ

    हुई पस्त मैं | Past Hui Main

    ByAdmin August 31, 2024

    हुई पस्त मैं ( Past Hui Main ) आज शोर कोई कहीं जरा नहीं करो, मेरे दिल में भयंकर तूफान आया है। देखो अतीत की प्रीत चादर उड़ गई, याद बनकर प्रेमिल मेहमान आया है। किया पहले-पहल निगाहों पर वार, दूसरा चातुर्य करता बात व्यवहार। धक-धक की आवाज निरंतर सुनती, जब-जब होती आँखों से आँखें…

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  • आचार्य श्री कालूगणी का 89 वां प्रयाण दिवस
    कविताएँ

    आचार्य श्री कालूगणी का 89 वां प्रयाण दिवस

    ByAdmin August 31, 2024August 31, 2024

    आचार्य श्री कालूगणी का 89 वां प्रयाण दिवस पर मेरे भाव – आज से 88 वर्ष पूर्व तेरापंथ धर्मसंघ के अष्टम आचार्य श्री कालूगणी का महाप्रयाण हुआ था इस अवसर पर मेरा भावों से शत – शत वन्दन व मेरे भाव – आचार्य श्री कालूगणी का 89 वां प्रयाण दिवस सद्गुणों का जीवन में आचरण…

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  • Wo Kale Badal
    कविताएँ

    वो काले बादल | Wo Kale Badal

    ByAdmin August 31, 2024

    वो काले बादल ( Wo Kale Badal ) वो काले बादल वो गीली मिट्टी वो बरसती बूंदे वो लहराते आंचल वो थिरकते पैर वो भीगी आजादी वो खुशहाल चहरे वो मिठे गीत वो काले बादल वो गीली मिट्टी वो बरसती मोहब्बत वो बिखरी जुलफे वो शरारती बाते वो लहराते आंचल नाज़ अंसारी यह भी पढ़ें:-…

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  • रुलाती हमको | Ghazal Rulati Humko
    ग़ज़ल

    रुलाती हमको | Ghazal Rulati Humko

    ByAdmin August 31, 2024

    रुलाती हमको ( Rulati Humko ) खिलातीं रोज़ गुल ये तितलियाँ हैं हुई भँवरों की गुम सब मस्तियाँ हैं हमारे साथ बस वीरानियाँ हैं जिधर देखो उधर तनहाइयाँ हैं ग़ज़ब की झोपडी में चुप्पियाँ हैं किसी मरते की शायद हिचकियाँ हैं रुलाती हमको उजड़ी बस्तियाँ ये कि डूबी बारिशों में कश्तियाँ हैं मुसीबत में नहीं…

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  • Smritiyon ke Jharokhon se
    कविताएँ

    स्मृतियों के झरोखे से | Smritiyon ke Jharokhon se

    ByAdmin August 31, 2024

    स्मृतियों के झरोखे से ( Smritiyon ke Jharokhon se ) स्मृतियों के खोल झरोखे, दृष्टि विगत पर डाली। कितनी ही रूपाकृतियों ने, आभा क्षणिक उछाली। जो तारे से उदित हुये, वे जाने कहां हले। जो जीवन से सराबोर थे, पड़कर चिता जले। जिनका हाथ पकड़कर हमने चलना है सीखा, जाने किस अनजाने देश को वे…

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  • मुझको पहचाने 
    कहानियां

    मुझको पहचाने | Mujhko Pahchane

    ByAdmin August 31, 2024

    मुझको पहचाने  ( Mujhko Pahchane ) हवा में ऐसे उड़ाऊँगा अपने अफ़साने ज़माने भर का हरिक शख़्स मुझको पहचाने मिज़ाजे-दिल भी कहाँ तक मेरा कहा माने छलक रहे हैं निगाहों से उसकी पैमाने मुझे सलाम यूँ करते हैं रोज़ रिंदाने बुला बुला के पिलाते हैं मुझको मैख़ाने मैं महवे जाम न होता तो और क्या…

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  • मेरी तलाश में है | Meri Talash Mein Hai
    ग़ज़ल

    मेरी तलाश में है | Meri Talash Mein Hai

    ByAdmin August 31, 2024

    मेरी तलाश में है ( Meri talash Mein Hai ) भटक रहा जो बराबर मेरी तलाश में है। सुना है मेरा वो दिलवर मेरी तलाश में है। किसी का प्यार मुकर्रर मेरी तलाश में है। ख़ुशी है मुझको, मुक़द्दर मेरी तलाश में है। ज़रा सा क़तरा हूँ लेकिन नसीब है मेरा, जो ख़ुद ही एक…

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  • rahat-ki-aahat
    कविताएँ

    राहत की आहट | Rahat ki Aahat

    ByAdmin August 31, 2024

    राहत की आहट ( Rahat ki Aahat ) तेरी यादों के साए में जब भी, मैं खो जाता हूँ, अंधेरों में भी कहीं तेरा चेहरा देख पाता हूँ। जुदाई के ग़म में ये दिल रोता है तन्हा, पर राहत की आहट से मैं फिर से जी जाता हूँ। तेरे आने की उम्मीद अब भी बरकरार…

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  • Zindagi Char Din Ki
    कविताएँ

    जिन्दगी चार दिन की | Zindagi Char Din Ki

    ByAdmin August 29, 2024

    जिन्दगी चार दिन की ( Zindagi Char Din Ki ) लहरों के संग चलो ठिठोली करते हैं, बस एक बार तुम हम हम तुम बनते हैं। आओ ज्वार संग भाटा के साथ जाने के लिए , जिन्दगी चार दिन की खुश रहो कुछ पाने के लिए । हाँ ठीक समझे वक्त को साथ लेकर आना,…

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