Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • रक्षा बंधन के गीतों में भोजपुरी की खुशबू
    विवेचना

    रक्षा बंधन के गीतों में भोजपुरी की खुशबू

    ByAdmin August 17, 2024August 22, 2024

    विदित हो कि रक्षा बंधन 19 अगस्त 2024 को पड़ने वाला है, इस अवसर पर भोजपुरी गीतों का स्वर गूंजने लगा है, और जिंदगी में खुशबू-सी आने लगी है। एक तरफ भोजपुरी गीत की स्वर साधिका सुष्मिता का एक गीत -“सोना में सोहागवा जइसे” और वहीं दूसरा गीत -“सावन मासे ए भइया उचरेला कागवा” श्रोताओं…

    Read More रक्षा बंधन के गीतों में भोजपुरी की खुशबूContinue

  • Poem on Azadi in Hindi
    कविताएँ

    क्या हम आजाद हैं | Kya Hum Azad Hain

    ByAdmin August 17, 2024

    क्या हम आजाद हैं कहने को आज़ाद तो कहलाते हैं, पर आज़ाद रह नहीं पाते हैं। कोई गुलाम जातिवाद का, कोई राजनीति के गुलाम बन जाते हैं। साम्प्रदायिकता और दलों के फेर में, बंधकर हम रह जाते हैं। अन्याय और अत्याचार सह सहकर, यूं ही घुटकर रह जाते हैं। आज भी देश में दहेज प्रथा,…

    Read More क्या हम आजाद हैं | Kya Hum Azad HainContinue

  • मेरे प्यारे भैया | Kavita Mere Pyare Bhaiya
    कविताएँ

    मेरे प्यारे भैया | Kavita Mere Pyare Bhaiya

    ByAdmin August 17, 2024

    मेरे प्यारे भैया ( Mere Pyare Bhaiya ) मेरे प्यारे भैया राखी के वचन निभाना तुम मेरे प्यारे भैया इस बार राखी में नई रित चलाओ तुम। अपनी प्यारी बहना को आत्मरक्षा के गुर सिखाओ तुम। अच्छी नौकरी वाला लड़का ढूंढने के बजाय उसे खुद आत्मनिर्भर बनाओ तुम। जो मुझे चाहे उसे मेरा जीवन साथी…

    Read More मेरे प्यारे भैया | Kavita Mere Pyare BhaiyaContinue

  • आओ चले योग की ओर
    विवेचना

    सच्ची स्वतंत्रता आएंगी – योग से

    ByAdmin August 17, 2024

    पूरे देश में स्वतंत्रता के 78वीं वर्षगांठ मनाई जा रहा है। हमें इस विषय पर चिंतन करने की आवश्यकता है। क्या हम स्वतंत्र हैं? स्वतंत्रता का अर्थ है अपना तंत्र, अपना कानून, अपना नियम। देखने की आवश्यकता है कि क्या हम अपने बनाए हुए नियम कानून पर चल पाते हैं। वास्तव में देखा जाए तो…

    Read More सच्ची स्वतंत्रता आएंगी – योग सेContinue

  • कभी बदलते नहीं | Kabhi Badalte Nahi
    कविताएँ

    कभी बदलते नहीं | Kabhi Badalte Nahi

    ByAdmin August 17, 2024August 17, 2024

    कभी बदलते नहीं ( Kabhi Badalte Nahi ) बहुत लिखी बहुत सुनी हमने कथा और कहानियाँ। जिसने सच में बदल दी हमारी छोटी सी दुनिया। बहुत कुछ करना और कराना अभी बाकी है। और समाज को अपने बिखरने से बचाना है।। दुख बहुत होता है जब अपने अपनों को लूटते है। और अपने होने का…

    Read More कभी बदलते नहीं | Kabhi Badalte NahiContinue

  • जो यहाँ | Ghazal Jo Yahan
    ग़ज़ल

    जो यहाँ | Ghazal Jo Yahan

    ByAdmin August 17, 2024

    जो यहाँ ( Jo Yahan ) हमनशीं हमनवा दिलदार हुआ करते थे इश्क़ के वो भी तलबगार हुआ करते थे लूट लेते थे वो पल भर में ही सारी महफ़िल शेर ग़ज़लों के असरदार हुआ करते थे चंद सिक्को में ये अख़बार भी बिक जाते अब जो कभी सच के तरफ़दार हुआ करते थे सबको…

    Read More जो यहाँ | Ghazal Jo YahanContinue

  • राखी का त्यौहार
    कविताएँ

    राखी का त्यौहार निराला | Rakhi ka Tyohar Nirala

    ByAdmin August 17, 2024

    राखी का त्यौहार निराला ( Rakhi ka Tyohar Nirala ) राखी का त्यौहार निराला ,जाने ये संसार। सावन की है देख पूर्णिमा ,आनंदित परिवार।। माथे तिलक लगाकर भाई ,बहना चूमे माथ। बाँध कलाई रक्षा बंधन,पाती उसका साथ।। रक्षा बंधन सूत्र नेह का ,पावन होती डोर। वचन भ्रातृ रक्षा का देता ,होकर भाव विभोर। रंग बिरंगी…

    Read More राखी का त्यौहार निराला | Rakhi ka Tyohar NiralaContinue

  • हुज़ूर आपका
    ग़ज़ल

    हुज़ूर आपका | Ghazal Huzoor Aapka

    ByAdmin August 17, 2024August 17, 2024

    हुज़ूर आपका ( Huzoor Aapka ) हुज़ूर आपका अंदाज़ क्या निराला है नज़र मिला के ही बस हमको मार डाला है बदल रहे हैं जो मौक़े पे अपने चेहरे को उन्हीं का आज ज़माने में बोलबाला है ज़माना इसलिए पढ़ता है शौक से हमको ग़ज़ल में रंग मुहब्बत का हमने ढाला है लगे न चोट…

    Read More हुज़ूर आपका | Ghazal Huzoor AapkaContinue

  • atal bihari vajpayee
    विवेचना

    राजनीति के चाणक्य | अटल बिहारी वाजपेयी

    ByAdmin August 17, 2024

    राजनीति में जिस एक व्यक्ति ने किसी पार्टी को शून्य से शिखर तक पहुंचाया हो और देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हुआ हो वह थे – अटल बिहारी वाजपेयी । अटल जी जहां एक ओर राजनेता थे वहीं उनका हृदय कवि प्रेम से भरा हुआ था। आजादी के पश्चात गैर कांग्रेसी वे पहले व्यक्ति…

    Read More राजनीति के चाणक्य | अटल बिहारी वाजपेयीContinue

  • हाँ की दावत | Haan ki Dawat
    शेरो-शायरी

    हाँ की दावत | Haan ki Dawat

    ByAdmin August 17, 2024September 14, 2024

    हाँ की दावत ( Han ki Dawat ) ‘हाँ’ की दावत में कभी आप सब गये हैं क्या, उसकी लज्जत से वाक़िफ आप हुए हैं क्या, आजकल हाँ की दावत का बड़ा ही चलन है, तभी तक ही तो रिश्तों का रिश्ते से मिलन है, ख़ुशी ख़ुशी आ जाएंगे सब ‘हाँ’ की दावत में, वरना…

    Read More हाँ की दावत | Haan ki DawatContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 152 153 154 155 156 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search