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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • नाग पंचमी | Poem Nag Panchami
    कविताएँ

    नाग पंचमी | Poem Nag Panchami

    ByAdmin August 10, 2024

    नाग पंचमी ( Nag Panchami ) गाय दुग्ध मे नहलाते नागों को नाग लोक मे, जले अग्नि मे महाभारत काल नाग यज्ञ में, रक्षा नागों की ब्राम्हण आस्तिक ने रोंक यज्ञ की, श्रावण शुक्ल पंचमी का दिन था यही विपुल, भाई बहन की है कथा इसमें बड़ी पावन, हम हर्षाते नागपंचमी कह इसे मनाते, दूं…

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  • खुद का विश्वास
    कविताएँ

    खुद का विश्वास | Khud ka Vishwas

    ByAdmin August 10, 2024

    खुद का विश्वास ( Khud ka Vishwas ) इस जमाने में लड़ाई स्वयं लड़ना पड़ता है। गैरो के भरोसे तो सिर्फ धोख़ा ही मिलता है। इसलिए भरोसा रखो तुम अपने बाजूओं पर। कामयाबी चूमलेगी निश्चित ही तुम्हारे खुदके कदम।। बड़ा टेड़ा है ये जमाना हाथो से रोटी छीनता है। भुजाओं में है तगाद तो शूरवीर…

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  • डॉ. सत्यवान सौरभ : छोटी उम्र से हरियाणा के साहित्यिक क्षितिज पर निरंतर सृजनरत
    कहानियां

    डॉ. सत्यवान सौरभ : छोटी उम्र से हरियाणा के साहित्यिक क्षितिज पर निरंतर सृजनरत

    ByAdmin August 9, 2024August 10, 2024

    लेखन में भी संपादकीय लेखक के रूप में आपने विशिष्ठ पहचान कायम की है। सभी विधाओं पर आपका लेखन हरियाणा तक ही सीमित नहीं रह कर देश के संदर्भ में भी व्यापक स्वरूप लिए हैं। आपके आलेख और पुस्तकें तथ्यात्मक, सूचनात्मक और शोध परक होने से शोधार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध हुए हैं। इनकी रचनाएं…

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  • चिकित्सा देश की रीढ़
    विवेचना

    चिकित्सा देश की रीढ़

    ByAdmin August 9, 2024

    यह भारत देश नित्य निरंतर विकास के पथ पर एक नये उत्साह नवीन ऊर्जा के साथ बढ़ रहा है इसमें कोई संशय नहीं की आने वाले वर्षों में विश्व का प्रतिनिधित्व करेगा। हमारे देश की चिकत्सा व्यवस्था एवं औषधि उद्योग का विश्व ने लोहा मना है कोरोना काल में औषधीय मदद हो या टीका करण…

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  • उम्मीद
    कविताएँ

    उम्मीद | Poem Ummeed

    ByAdmin August 9, 2024

    उम्मीद ( Ummeed ) एक उम्मीद सी,दिल में रहती है । जो प्यार से, हमसे कहती है । चिंताएं सारी ,छोड़ भी दो । खुशियों से , नाता जोड़ ही लो । वो दिन भी, जल्दी आयेगा । मन ,आनंदित हो जायेगा । जब साथ, मिलेगा अपनों का । संग संग देखे , सब सपनों…

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  • इस ह़िमाक़त में क्या है
    ग़ज़ल

    इस ह़िमाक़त में क्या है | Ghazal Is Himaqat Mein Kya Hai

    ByAdmin August 9, 2024August 9, 2024

    इस ह़िमाक़त में क्या है ( Is Himaqat Mein Kya Hai ) बताओ तुम्हीं इस ह़िमाक़त में क्या है। किसी की क़बाह़त,इहानत में क्या है। क़रीब उनके बैठो तो आए समझ में। बुज़ुर्गाने दीं की हिदायत में क्या है। झुकाकर तो देखो कभी अपने सर को। समझ जाओगे ख़ुद इ़बादत में क्या है। वो ज़ालिम…

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  • फैसला दिल का
    ग़ज़ल

    फैसला दिल का | Ghazal Faisla Dil Ka

    ByAdmin August 9, 2024August 9, 2024

    फैसला दिल का ( Faisla Dil Ka ) जानता हूँ मैं फैसला दिल का इक हँसीं से है सामना दिल का क्यों समझते अलग मुझे उससे एक वो ही है रहनुमा दिल का किसलिए अब बुरा कहें उसको उसने जोड़ा है आइना दिल का जब भी उस पर नज़र पड़ी मेरी मुझको लगता वो देवता…

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  • सुकूँ
    ग़ज़ल

    सुकूँ | Ghazal Sukoon

    ByAdmin August 8, 2024

    सुकूँ ( Sukoon ) कभी सच्चा ये मंज़र हो नहीं सकता ग़लत पथ पर कलंदर हो नहीं सकता अमर है इस जहां में प्यार सदियों से फ़ना ये ढाई आखर हो नहीं सकता दुआ माँ बाप की जिसने नहीं ली है सुकूँ उसको मयस्सर हो नहीं सकता मेरी इनकम ये मुझसे कहती है हर दिन…

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  • आप भी
    ग़ज़ल

    आप भी | Ghazal Aap Bhi

    ByAdmin August 8, 2024

    आप भी ( Aap Bhi ) ह़ुज़ूर आप भी कैसा कमाल करते हैं। ज़रा सी बात पे लाखों सवाल करते हैं। सितम ये कैसे वो ज़ोहरा जमाल करते हैं। हर एक गाम पे हम से क़िताल करते हैं। अजीब ह़ाल रक़ीबों का होने लगता है। वो जब भी बढ़ के हमारा ख़याल करते हैं। हमेशा…

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  • हम ने देखा है
    ग़ज़ल

    हम ने देखा है | Ghazal Hamne Dekha hai

    ByAdmin August 8, 2024

    हम ने देखा है ( Hamne dekha hai ) नारसीदा से किसी पैमान सी। हर ख़ुशी है कॉंच के गुलदान सी। हम ने देखा है बहुत ही ग़ौर से। ज़िन्दगी है जंग के मैदान सी। कहने को दाना बहुत है दिल मगर। हरकतें करता है कुछ नादान सी। काम देखो तो हैं शैतां से बुरे।…

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