नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर की कविताएं | Nandlal Mani Tripathi Poetry
तिरंगे कि अभिलाषा आन मान सम्मानगर्व अभिमान भारतकि पहचान।। सीमाओं पर देश कि रक्षाकरते एक हाथ मुझे लिएदूजे में संगीन।। अभिमान से लहराता युगविश्व को बतलाता देखो मैंहूँ भारत का गौरव मान ।। भारत वासी शपथ हमारी लेतावंदे मातरम जन गण मन भारतमाता कि जय गाता ।। मेरी भी अभिलाषा हैभारतवासी से कुछ आशा हैसिर्फ…










