• चोंचलों की चकाचोंध में चूर चूर होती समाज

    मैं तो देख ही रहा हु और आप सभी ने भी देखा ही होंगा की आजकल हर व्यक्ति अपने बच्चो की शादियों में कुछ न कुछ नए चोंचले किये जा रहा है.. समझ रहे है न आप..! चोंचले.. दिखावा.. आडंबर.. जो वो है ही नही उसे प्रस्तुत करने के भाव.. आम भाषा मे कहे तो…

  • पारिवारिक की आवश्यकता क्यों 

                   समाज देवता का  युवा उपहार-परिवार समझा जाता है कि उत्तरदायित्वों से मुक्त रहते हुए यदि एकाकी जीवन व्यतीत किया जाय तो वह परिवार बसाकर, उसकी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए व्यस्त, परेशान व चिन्तित रहने की अपेक्षा अधिक सुखप्रद होता है। परेशानियाँ और चिंताएँ निश्चित ही मनुष्य को दुःखी बनाती हैं, समस्याओं और…

  • सोच

    अविवाहित विभोर के लिए आज एक करोड़पति घर से रिश्ता आया है। विभोर एक शहर में एसडीएम के पद पर तैनात है। विभोर 15 दिन की छुट्टी लेकर घर आया हुआ है। हर रोज उसको देखने के लिए कोई ना कोई आ रहा था। विभोर घर पर अकेला है। परिवार के सदस्य बाहर गए हुए…

  • एक डॉक्टर ऐसा भी

    डॉक्टर को भगवान का दर्जा यूं ही नहीं दिया जाता। इस पृथ्वी पर एक वही है जो इंसान को मौत के मुंह से बचाकर उसको जीवनदान देता है। यह और बात है कि आज के समय में डॉक्टरीपेशा सिर्फ रुपए कमाने का धंधा बन गया है, व्यवसाय बन गया है। लोग लाखों-करोड़ों रुपए खर्च करके…

  • तप के ताप में जीवन का मूल्य

    जीवन केवल साँसों का नाम नहीं, यह उस आत्मिक यात्रा का नाम है जिसमें मनुष्य कच्चे बीज से परिपक्व फल तक पहुँचता है। वह प्रक्रिया, जो किसी साधारण व्यक्ति को असाधारण बनाती है, उसी को “तप” कहा गया है। तप मात्र उपवास या संयम नहीं, अपितु जीवन की उस अग्नि का नाम है जिसमें जलकर…

  • बहादुरी ( लघुकथा )

    एक नवयुवक ने गुरुजी से सवाल किया:- “ऐसा क्या है जिसे मांगने में बहादुरी चाहिए?” गुरुजी:- “मदद…” नवयुवक:- “वो कैसे?” गुरुजी:- “क्योंकि मदद मांगना… हार मानना नही होता, बल्कि मदद मांगना बहादुरी होती है। इसके लिए बहुत हिम्मत चाहिए होती है। बहुत बार लोग हिम्मत नहीं दिखाते, मदद मांगने से परहेज करते हैं, उन्हें शर्म…

  • राजस्थान में नही पढ़ाई जाती है राजस्थानी भाषा

    सब से पहले तो मैं यह स्पष्ट कर दु की राजस्थानी भाषा पर मेरी पकड़ बहुत ही कमजोर है सो जब आप म्हारो लिखो बांचो गा तो कई गलती वे तो सब जणा माफ कर जो.. तो वात या है कि राजस्थान मा स्कूल मा राजस्थानी भाषा रो विषय है ही नही.. पूरा देस रा…

  • अनोखा सेलिब्रेशन

    परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक रिजल्ट ना आने के कारण… शहर में बढ़ते आत्महत्या के केसों को देखकर और अखबार में आए दिन किसी न किसी छात्र या छात्रा के सुसाइड करने की ख़बरों ने राजीव को सोचने पर मजबूर कर दिया। उनके इकलौते बेटे मनोज ने हाल ही में 12वीं कक्षा की परीक्षा दी…

  • तरफदारी

    चाचा-चाची, चिंकी और पिंकी (क्रमशः 4 व 6 वर्षीय) शैतानी कर रही हैं। मेरे समझाने पर भी मेरा कहना नहीं मान रही हैं, आराम से बैठकर नहीं खेल रही हैं। वे बेड के ऊपर कूद रही हैं, शोर मचा रही हैं और बार-बार बिजली के सॉकेट में हाथ डालने की कोशिश कर रही हैं। कहीं…

  • भाग्य (किस्मत) का साथ

    “पंकज सर, आपका यूजीसी नेट का एग्जाम कब है?” “17 जुलाई को, रविवार के दिन।” “एग्जाम सेंटर तो आपका मेरठ ही पड़ा होगा।” “हाँ बड़े भाई। वहीं है।” “फिर ठीक है। पंकज सर, इस बार आप जब मेरठ एग्जाम देने जाओगे तो आपको मेरे घर पर ही रुकना होगा। रुकने-खाने-पीने से लेकर किसी भी चीज…