• एक शादी ऐसा भी | Ek Shadi Aisa Bhi

    एक शादी ऐसा भी ( Ek Shadi Aisa Bhi ) अनंत-राधिका की शाही शादी को देखा, करोड़ों की कुबेर में लिपटते हुए देखा , हालीवुड,वालीवुड को थिरकते हुए देखा, राजनयिकों,राजाओं की अगुवाई को देखा, योग के शलाकपुरूष का योगाभ्यास को देखा, काशी विश्वनाथ के मठाधीशों को देखा, गरीब-गुरबे ,भूखों की आहट को न सुना ।…

  • मेरा अस्तित्व | Kavita Mera Astitva

    मेरा अस्तित्व ( Mera Astitva ) क्या मेरे अस्तित्व के कोई मायने रहेंगे ? अगर मैं उतार भी दूं चेहरे पर से चेहरा मेरे स्वयं का अस्तित्व ही पिघल जायेगा और—- मैं अनाम हो जाऊँगी तेज झंझावतों में उठे धूलकणों की तरह हो चुका होगा जर्जर मेरा अंग-प्रत्यंग मेरा वर्ण धीमा हो जायेगा चेहरा, चेहरा…

  • गुरु पूर्णिमा व 265 वाँ तेरापंथ स्थापना दिवस

    गुरु पूर्णिमा व 265 वाँ तेरापंथ स्थापना दिवस गुरु पूर्णिमा व 265 वाँ तेरापंथ स्थापना दिवस – गुरु पूर्णिमा व 265 वें तेरापंथ स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मेरी भावपूर्ण -विनयांजलि ….. हम अपना कल्याण कर लें । जीवन का लक्ष्य महान बना लें । आत्मा की ज्योति जला लें । तप गंगा में स्नान…

  • ख़याले-यार | Ghazal Khayale-Yaar

    ख़याले-यार ( Khayale-Yaar ) ख़याले-यार से बढ़कर कोई ख़याल नहीं शब-ए-फिराक़ है फिर भी ज़रा मलाल नहीं किसी की सम्त उठा कर निगाह क्या देखें तेरे जमाल के आगे कोई जमाल नहीं जमाले -यार की रानाइयों में खोया हूँ फ़ज़ा-ए-मस्त से मुझको अभी निकाल नहीं उड़ेगी नींद तू खोयेगा चैन दिन का भी दिमाग़ो-दिल में…

  • एक साथी | Kavita Ek Sathi

    एक साथी ( Ek Sathi ) किसी का किसी से इकरार होता है। समझ लो उससे ही उसे प्यार होता है। ये कब और कहा किससे हो जाये। ये न हम जानते और न ये वो जानते।। दिल हमारा डोलता और भटकता रहता है। कभी सपनों में खोता है तो कभी सपने दिखता है। इसलिए…

  • दादाजी | Kavita Dada Ji

    दादाजी ( Dada Ji ) दादाजी बड़े विद्वान चलते सीना तान l हाथ में छाता उनकी पहचान l मुछे रखते तान सुबह सैर सपाटे में जाते l बैठ पेड़ की छांव आराम फरमाते l छतरी के गुणों का करे बखान l छतरी में गुण तीन धूप से बचाए बारिश से बचाए l उचका लुचा, कुत्ता…

  • नहीं ह्रदय स्वीकार | Nahi Hriday Swikar

    नहीं ह्रदय स्वीकार ( Nahi Hriday Swikar ) ओ प्राणों के प्राण तेरे बिन, जीवन है निस्सार। धड़कन निरपराध है बंदी ,तन बस कारागार।। सांसों सांसों में जलती है ,अखंड प्रेम की ज्योति। कह देती हूं आज तेरे बिन, नहीं ह्रदय स्वीकार। ओ प्राणों के प्राण तेरे बिन जीवन है निस्सार। याद तुम्हारी बनी है…

  • बहकी-बहकी सी | Ghazal Behki Behki Si

    बहकी-बहकी सी ( Behki Behki Si ) बहकी-बहकी सी वो रहती तो है कब से, मन ही मन में कुछ वो कहती तो है कब से ! चल रहा है क्या ना जाने दिल में उसके, बन शिला सी सब वो सहती तो है कब से ! राज कुछ तो है छुपा दिल में दबाये,…

  • जो ख़त पढ़ो | Ghazal Jo Khat Padho

    जो ख़त पढ़ो  ( Jo Khat Padho ) जो ख़त पढ़ो तो इबारत पे ग़ौर मत करना हमारा ज़िक्र किताबों में और मत करना छुपाये बैठे हैं दिल में ख़िजां के ज़ख़्मों को हमारे फूल से चेहरे पे ग़ौर मत करना हरेक सिम्त ही रुसवाइयों के चर्चे हैं यूँ अपना ज़िक्र मेरे साथ और मत…

  • ए.आई.लेस युवा बाबा | नाटिका

    पात्र परिचय 1) रिच मनन्त बाबा ( ब्वॉय) – आयु 25 वर्ष। 2) 5 ए. आई . ( आर्टिफिशियल इंटेलि टिजेंट) महिला रोबोट। 3) 1 ए. आई. ( आर्टिफिशियल इंटेलिजेंट)पुरुष रोबोट। 4 ) इंजीनियर धर्मेन्द्र कुमार (दुकानदार ए. आई. मेकर)- आयु 30 वर्ष। 4) 1 ग्रामीण आदमी- आयु 30 वर्ष। 5) 1 ग्रामीण गायक ।…