मायका | Kavita Maayka
मायका ( Maayka ) मायके का तो रगँ ही अलग है हर दिन एक मेला सा लगता है रिश्ते-नाते दोस्त पडोसी हर कोई मिलने आता है पल भर मे मिट जाती है थकान सफर की जब भाभी हाथो की चाय पिलाती है दो घूट भरते ही माँ की याद दिला जाती है खिल जाते है…
मायका ( Maayka ) मायके का तो रगँ ही अलग है हर दिन एक मेला सा लगता है रिश्ते-नाते दोस्त पडोसी हर कोई मिलने आता है पल भर मे मिट जाती है थकान सफर की जब भाभी हाथो की चाय पिलाती है दो घूट भरते ही माँ की याद दिला जाती है खिल जाते है…
पात्र परिचय: 1) बूढी महिला उम्र 80वर्ष। 2) शिवानी उम्र 55 वर्ष। 3) सुंदरी उम्र 25 वर्ष। 4) सती उम्र 24 वर्ष। 5) भोलेनाथ उम्र 27 वर्ष। 6) कामवाली महिला उम्र 40 वर्ष। 7) काम वाली लड़की उम्र 20 वर्ष। 8) वकील उम्र 38 वर्ष। मंच व्यवस्था: एक बड़ा सा भव्य हॉल। आलीशान झूमर ऊपर…
मुझसे नाराज कभी तू होना नहीं मुझसे नाराज, कभी तू होना नहीं। दूर मुझसे, कभी तू होना नहीं।। तू है मेरी खुशी, तू है मेरा ख्वाब। मुझसे बेवफा, कभी तू होना नहीं।। मुझसे नाराज—————-।। मेरी इस बात को, लतीफा तुम मत कहो। झूठ मुझसे कभी भी, कोई तुम मत कहो।। गर कभी तुमसे, हो जाऊँ…
ओम् गुरुदेवाय नमः ! आज से 27 वर्ष पूर्व तेरापंथ धर्म संघ के नवम अधिशास्ता , अणुव्रत को जन – जन तक पहुँचाने वाले आचार्य श्री तुलसी सदा – सदा के लिये इस धरा से विदा हो गये । गुरुदेव तुलसी के चरणों में मेरा भावों से शत – शत वन्दन । गुरू तुलसी का…
पात्र परिचय : 1 – नव्या एक स्कूल गर्ल। उम्र 17 वर्ष 2 – नीलू कॉलेज गर्ल उम्र 18 वर्ष 3 – झलक कॉलेज बॉय उम्र 20 वर्ष 4 – मां उम्र 50 वर्ष 5 – पिता उम्र 54 वर्ष 6 – नाना जी (बूढ़े आदमी साधु यानी भिक्षु वेश में) उम्र 75 वर्ष 7…
पिता का महत्व ( Pita ka Mahatva ) माता होती है धरती सम, तो पितु होते हैं आसमान। माता देती है हमें ठौर, तो पितु करते छाया प्रदान।। अंदर ही अंदर घूंटे पर, नयनों में नीर नहीं लाते। कुछ भी तो नहीं हुआ कहकर, हैं वे नित ऐसे मुस्काते ।। एक पितु स्वयं दुख सहकर…
सफल होना सजल हैं नैन मेरे प्रिय प्रतीक्षा में।सभी पढ़ कर सफल होना परीक्षा में।।कदा ना हो सफल विचलित कभी ना हो।सभी सीखो सफल होकर विजय चाहो।। लगी चोटें,नही मानी, कभी हारी।बने राही, जटिल राहें,विजय धारी।।भले संगी, मिले ताकत, सभी जाने।प्रथम तोले ,परख बोले, सभी माने।। भूमि पूजे, मिले अन धन, हमें पाला।अटल मानो, धरा…
गुडियाँ तुम्हारी बाबा मैं पली भले ही माँ की कोख में पर बढ़ी हर पल आपकी सोच में आप ही मेरा पहला प्यार आप ही मेरे पहले सुपर हीरो आपकी ही अंगुली पकड़ कर पहला कदम इस धरा पर रखा आपके ही भरोसे खुद पर भरोसा रखा थकी जो कभी चलते चलते आपने ही अपने…
मैं शून्य हूँ ( Main Sunay Hoon ) मैं शून्य हूँ जिसे शिखर का अभिमान है आवारगी है रगों में मेरी जिसका सहारा अम्बर है मैं अस्तित्व हूँ बूंद की जिसे साहिल का गुमान है मैं शब्द हूँ जिसका ये सारा जहां है मैं तुम में हूँ जो तुम्हारा निशां है तुम पिता हो मेरे…
हे मां रजनी मां रजनी सा ना कोई उपकारी l पूरा भूमंडल मां तेरा आभारी l पूरा जग तेरा वंदन करता है l नमन तुझे भगवान भास्कर भी करता है l मां समय की तू बड़ी पाबंद l नित्य अपने समय पर आती है l फैला तम की चादर थके मांदे भास्कर को ले आगोश…