• तुम हो मां

    तुम हो मां मेरी गीता,मेरी कुरान तुम हो मां,इस सिमटी हुई जमीन का खुला आसमान तुम हो मां। बुझी हुई जिंदगी का रोशन चिराग तुम हो मां,मेरी ईद का चांद,मेरी दीवाली की शाम तुम हो मां। तपती धूप में ठंडा अहसास तुम हो मां,दूर रहकर भी हरपल पास तुम हो मां। जब होती हूं उदास…

  • मरने भी नहीं देते

    मरने भी नहीं देते वो देते हैं ज़हर मुझको मगर मरने भी नहीं देते,बनाते हैं ताबूत, मेरी लाश बिखरने भी नहीं देते। करूं मैं प्यार सिर्फ उनसे ये भी तो ज़िद्द है उनकी,वो ज़ाहिर इश्क मुझको मगर करने भी नहीं देते। वो देते रहते हैं ज़ख्म पे ज़ख्म मेरे इस सीने पर,मगर इन ज़ख्मों को…

  • दिव्य संत

    दिव्य संत ->नाम जपो बात मानलो,श्री राधा राधा ||1.प्रेम है आनंद है,श्री राधा कृष्णा संग हैं |तन-मन-धन-स्वांस,सब कुछ परमानंद हैं |लता-पता-रज-व्रज गलियां,वो स्वयं वृंदावन हैं |दिव्य अलौकिक संत महराज,नाम प्रेमानन्द है |->नाम जपो बात मानलो,श्री राधा राधा || 2.राधा कृष्णा-जन सेवा,यही उनकी पूंजी है |सबके मार्ग दर्शक हैं,प्रभु भक्ती की कुंज्जी है |कई वर्षों से…

  • श्रमिक दिवस गीत

    श्रमिक दिवस गीत तुम वर्तमान के पृष्ठों पर ,पढ़ लो जीवन का समाचार ।क्या पता कौन से द्वारे से ,आ जाये घर में अंधकार।। आशा की किरणें लौट गयीं ,बैठी हैं रूठी इच्छायेंप्रात: से आकर पसर गईं ,आँगन में कितनी संध्यायेंइन हानि लाभ की ऋतुओं में, तुम रहो सदा ही होशियार ।।तुम वर्तमान—– चल पड़ो…

  • मजदूर दिवस : श्रम, संघर्ष और सामाजिक न्याय का उत्सव

    मजदूर दिवस, जिसे अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस या मई दिवस के रूप में भी जाना जाता है, प्रतिवर्ष 1 मई को दुनिया भर में मनाया जाता है। यह दिन न केवल श्रमिकों और मजदूर वर्ग के लोगों के सम्मान और उनके अधिकारों के समर्थन में समर्पित है, बल्कि उन अनगिनत संघर्षों और बलिदानों का भी स्मरण…

  • सच बोलने की सजा

    तो संतश्री कुछ नाखुश से थे.. शायद कुछ खफा खफा से भी.. दूध के लिए पशुओ पर होने वाले अत्यचार को ले कर मुझे उन से कुछ मार्गदर्शन लेना था.. हिंसा अहिंसा को ले कर कुछ धार्मिक चर्चाएं करनी थी.. कुछ शास्त्रों के संदर्भ होने थे जो कि मानव की अनजाने में होने वाली अनैतिकता…

  • भगवान जय श्री परशुराम जी

    भगवान जय श्री परशुराम जी ( छंद-मनहरण घनाक्षरी ) जमदग्नि रेणु सूत ,अति बलशाली पूत,छठे अवतार विष्णु ,राम  कहलाए है! अक्षय तृतीया आई,अटल मुहुर्त लाई,रामभद्र जन्मोत्सव ,जगत मनाए है। राम  बसे श्वास श्वास, करने अधर्मी नाश,हाथ में सदैव अस्त्र,परशु उठाए है । शिव धनु तोड़े राम , हर्ष हुआ चारों धाम,विलोकित राम-राम ,दोनों मुस्कुराए है। डॉ कामिनी व्यास…

  • हिंदी शिक्षण की चुनौतियाँ एवं राम कथा

    भाषा क्या है? भाषा का मानव जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। भाषा के विकास ने ही मनुष्य को अन्य जीव-जंतुओं पर वरीयता पाने में मदद की है। भाषा ज्ञान का भंडार है। ‘भाषा’ शब्द संस्कृत की भाष् धातु से निष्पन्न हुआ है, जिसका कोशीय अर्थ है ‘कहना’ या ‘प्रकट करना’। भाषा को मनुष्य के…

  • खूब हुई नंबरों की बरसात

    इस बार खूब हुई नंबरों की बरसात। बरसात ऐसी हुई कि सैकड़ो वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया। जिनको बुद्धू समझा जाता था वह भी सीना तान टापरो की लिस्ट में शामिल हो गया है। उसे खुद भी विश्वास नहीं हो रहा है कि ऐसा अचम्भा कैसे हो गया? उसके मां-बाप भी भूल कर कुप्पा हो…

  • सिंधु नदी जल और सियासत

    सिंधु नदी भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसके तहत भारत ने तीन पूर्वी नदियों — रावी, व्यास और सतलज — का अधिकतर जल उपयोग करने का अधिकार प्राप्त किया, जबकि तीन पश्चिमी नदियों — सिंधु, झेलम…