डॉ प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार की कविताएं | Dr. Preeti Singh Parmar Poetry
“कुंभलगढ़ के शेर” (महाराणा प्रताप पर समर्पित एक भावनात्मक, प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण कविता) कुंभलगढ़ की गोद में जन्मा, मेवाड़ का लाल, वीर प्रताप, सिंह सा गर्जे, जिसने रण में ढाया काल। धूप-छाँव में पला बढ़ा वो स्वाभिमानी माटी का गौरव राजपूताना की शान बना, जो झुका नहीं, बना प्रमाण। पिता उदयसिंह के आँगन में, जयवंता…










