शबरी से द्रौपदी मुर्मू तक का सफर : महिला दिवस विशेष
अपनी मंज़िल के लिए अपनी राहें चुनती महिलाएँ।(महिलाएँ सिर्फ़ घर की रोशनी ही नहीं हैं, बल्कि उस रोशनी को जलाने वाली लौ भी हैं।) आज, लड़कियाँ उच्च शिक्षा और कौशल विकास में लड़कों के बराबर शैक्षिक उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं, 50% से अधिक युवतियाँ कक्षा 12 तक की पढ़ाई पूरी कर रही हैं और…










