महिला दिवस – दिकु का सम्मान

महिला दिवस – दिकु का सम्मान

दिकु, तुम केवल नाम नहीं, एक पहचान हो,
संघर्ष की राहों में जलती हुई एक मशाल हो।
हर कठिनाई को हँसकर अपनाने वाली,
त्याग और तप की सजीव मिसाल हो।

हर दर्द सहकर भी मुस्कुराने वाली,
सपनों को हकीकत में सजाने वाली।
अपनी मेहनत से जो लिखे नई कहानी,
नारीत्व की सच्ची और सुंदर निशानी।

आंधियाँ आएं तो पर्वत-सी अडिग रहती हो,
हर हाल में अपने कर्तव्य पर दृढ़ रहती हो।
अपने आत्मसम्मान से कभी न समझौता किया तुम ने,
हर बाधा को साहस से पार किया तुम ने।

दिकु, तुम प्रेम की भावना भी, और शक्ति का प्रमाण हो,
तुम हो वो नारी, जिससे चलता सारा जहान हो।
महिला दिवस पर नमन है तुम्हें,
जो हर दिन, हर पल प्रेरणा बनकर मेरे साथ हो!

कवि : प्रेम ठक्कर “दिकुप्रेमी”
सुरत, गुजरात

यह भी पढ़ें :

Similar Posts

  • जल है तो कल है | Jal hai to kal hai kavita

    जल है तो कल है ( Jal hai to kal hai )    पानी न बहाओं यारों कोई भी फ़िज़ूल, याद रखना हमेंशा नही करना है भूल। इसी से है जीवन ये हमारा एवं तुम्हारा, पेड़-पौधे जीव-जन्तु जीवित है समूल‌।।   वसुंधरा पर यें बहुत दूर-दूर तक फ़ैला, फिर भी कमी गाॅंव एवं शहर में…

  • इस्कॉन | Iskcon

    इस्कॉन! ( Iskcon )   चलो ईश्वर को चलके देखते हैं, एक बार नहीं, हजार बार देखते हैं। सारी कायनात है उसकी बनाई, आज चलो मुक्ति का द्वार देखते हैं। सृजन – प्रलय खेलता है उसके हाथ, चलकर उसका श्रृंगार देखते हैं। आँख से आँख मिलाएँगे उससे, उसका अलौकिक संसार देखते हैं। महकती वो राहें…

  • सर्वश्रेष्ठ कवि सूरदास | Surdas par kavita

    सर्वश्रेष्ठ कवि सूरदास ( Sarvshreshth Kavi Surdas )   ता-उम्र श्री कृष्ण भक्ति में किया आपने व्यतीत, हिन्दी-साहित्य में सूर्य उपाधि से हुऐ है प्रसिद्ध। सूरसागर सूर सारावली साहित्य लहरी ये रचित, महाकवि सूरदास से हुए आप बहुत ही प्रसिद्ध।‌। मदनमोहन था बचपनें में कभी आपका ये नाम, सूरदास उपाधि देकर बढ़ाया है गुरुदेव ने…

  • मनभावन है हिंदी | Manbhavan hai Hindi

    मनभावन है हिंदी ( Manbhavan hai Hindi )    हिंदी है हमारी शान स्वाभिमान अभिमान गागर में सागर का भाव ये जागती है। पावन है हिंदी मनभावन है हिंदी संस्कृत की बेटी ये अज्ञान हटाती है। धूमिल ना होय छबि नेकभाषा हिंदी मेरी हिंग्लिश चाल चले,रूप मिटाती है। शब्दों की खान है दिनकर सा भान…

  • कविता | Kavita par kavita

    कविता ( Kavita )   युगो युगो से कविता महकी सदियों अलख जगाई दिलों तक दस्तक दे जाती शब्द सुधा रस बरसाई   भावों की बहती सरिता काव्यधारा बन बह जाती जनजागरण जोत जला उजियारा जग में फैलाती   प्रेम की पावन गंगा सी सद्भावों की अविरल धारा देशप्रेम जन मन जगाती हरती मन का…

  • शान्तचित्त व्यक्तित्व वाले शास्त्री | Poem in Hindi on Lal Bahadur Shastri

    शान्तचित्त व्यक्तित्व वाले शास्त्री ( Shaantachitt vyaktitva wale Shastri ) भारत वर्ष के आप थें दूसरे प्रधानमंत्री, शुभ नाम जिनका लालबहादुर शास्त्री। सादगी पूर्ण, शान्तचित्त व्यक्तित्व वाले, स्वतंत्रता सेनानी व महान नेता शास्त्री।‌। 2 अक्टूबर सन् 1904 को आप जन्में, नदी तैरकर पार कर स्कूल जानें वालें। काशी विद्यापीठ से संस्कृत पढ़ने वालें, विषम परिस्थितियों…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *