• पूर्वाग्रह

    मैं सलमान, एक 25 वर्षीय बॉलर हूँ। मेरे परिवार में मेरे माता-पिता और एक छोटा भाई है। मेरे पिता एक व्यवसायी हैं और मेरी माता एक घरेलू महिला है। मैंने अपनी शिक्षा एक स्थानीय कॉलेज से पूरी की और उसके बाद मैंने क्रिकेट में अपना करियर बनाने का फैसला किया। मैंने अपने करियर की शुरुआत…

  • मुंबई एयरपोर्ट की कहानी

    मुंबई के टर्मिनल 2 के प्रस्थान क्षेत्र में एक कार आकर रुकी। तुरंत ही एक व्हीलचेयर लाई गई, और सेवानिवृत्त विंग कमांडर अशोक केतकर को सावधानीपूर्वक उसमें बैठाया गया। एक एयरलाइन परिचारक ने उन्हें प्रस्थान द्वार की ओर धकेलना शुरू किया, जिससे उनके अतीत की यादों का सैलाब उमड़ पड़ा। वायुसेना में सेवा के दौरान,…

  • तेरे बिना

    तेरे बिना तू चली गई, मुझे तन्हा छोड़कर,तेरी यादों में हर लम्हा जलता गया।दिल ने अब धड़कना भी छोड़ दिया,बस तेरे जाने के बाद सब ठहरता गया। दीवारों से बातें अब आदत बनी,तेरी परछाईं भी खामोश हुई।अंधेरों में तेरी आहटें खोजूं,पर हर राह अब सूनी हुई। कभी हमसफ़र थे, साथ चले थे,प्यार की राहों में…

  • अपनी कला के जरिये संस्कृति को बचाने की कोशिश में लगे मास्टर छोटूराम

    (गायन-लेखन और शिक्षण के सारथी) हरियाणा शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षक मास्टर छोटूराम आज किसी परिचय के मोहताज़ नहीं है। देश-विदेश में हज़ारों स्टेज कार्यक्रम दे चुके मास्टर छोटूराम देश के वीर-शहीदों शहीद भगतसिंह, सुभाष चद्र बोस, लाल बहादुर शास्त्री, शहीद उद्यम सिंह के साथ-साथ अन्य सपूतों की जीवनी को जब अपने गीतों और किस्सों…

  • जहर पीना सीखो

    एक शहर में एक रोहन नाम का नवयुवक रहता था, जो एक आईटी कंपनी में काम करता था। उसका जीवन बहुत ही व्यस्त था, लेकिन उसके सहकर्मी और पड़ोसी रोहित के साथ उसके संबंध अच्छे नहीं थे। रोहित हमेशा रोहन को परेशान करता था और उसके काम में बाधा डालता था। एक दिन रोहन के…

  • होली में हो गया खेला

    होली में हो गया खेला होली में हो गया खेला झरेलाहोली में हो गया खेला, ज़ेलेंस्की देखत रहें हिरो बने के सपनारूस अमेरिका ने धड़के धकेला झरेलाहोली में हो गया खेला। होली में हो गया खेला झरेलाहोली में हो गया खेला। ज़ेलेंस्की पकावत रहें मन में पुवामुंह झुलस के भईल गुलगुला झरेलाहोली में हो गया…

  • नदी का किनारा

    नदी का किनारा बहती नदी संग मैं ठहरा सा बैठा,तेरी राहों में उम्मीदों को समेटा।लहरें भी अब तो कहने लगीं,दिकु, लौट आओ,इन्हीं दुआओं के धागों से हूँ मैं लिपटा। धूप-छाँव का ये खेल भी सुना सा है,तेरी हँसी के बिना हर रंग धुंधला सा है।पानी में देखूँ तो चेहरा तेरा उभरे,तेरी आहटों का हर साया…

  • शेर सिंह हुंकार की कविताएं | Sher Singh Hunkaar Poetry

    पीड़ा ना छेड़ो हमें हम सताए हुए हैं।कई राज दिल में छुपाए हुए हैं।ये सदियों की पीड़ा उभरने लगी हैं,जो हिन्दू हृदय में दबाए हुए हैं। हमे ना सीखाओ हमे ना दिखाओ।जुल्म क्या हैं होता हमें ना बताओं।जो हमने सहा हैं कहाँ वो लिखा हैं,मगर सच हमारा जहाँ को बताओ। जो दिल मे जख्म हैं…

  • निर्णय

    “यह ले 5000 रुपए। आज रविवार है। अपने बच्चों को राजा जी ढाबे पर घुमा लाओ। वहाँ बच्चों के खेलने के लिए बहुत सारे खिलौने हैं, बहुत से गेम्स हैं। बच्चों को वहाँ जाकर अच्छा लगेगा। याद से, बच्चों को थ्रीडी फ़िल्म जरूर दिखाना। 700 रुपये ड्राइवर को दे देना और 1000 का पेट्रोल डलवा…

  • शरीफभाई साडी वाले

    आज अचानक एक अजनबी चेहरे को देख मन में हलचल सी मची.. लगा की इस शख्स को कही देखा है.. वो साइकल पर जा रहे थे और मै अपने बेटे मनीष के साथ हिरोहोंडा पर.. काफी आगे बढ़ जाने बाद भी मन न माना और मै गाड़ी पलट उस शख्स की और बढ़ गया। मैने…