Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Niyam
    ग़ज़ल

    नियम | Niyam

    ByAdmin August 24, 2023

    नियम ( Niyam )    कौन है संसार में जो नियम में बंधना चाहता है हर कोई तो नियम से परे निकलना चाहता है। प्रेम के नियम में बंध कर बहता चला गया जो सिमट कर भी वह तो बिखर जाना चाहता है। सीमाओं से परे की ज़मीन आकर्षित है करती बंधनों से परे जा…

    Read More नियम | NiyamContinue

  • Bharat chand par hai
    शेरो-शायरी

    भारत चाँद पर है | Bharat Chand par Hai

    ByAdmin August 24, 2023August 26, 2023

    भारत चाँद पर है ( Bharat chand par hai )   शान भारत की तिरंगा चाँद पर है देखिये लोगों आज भारत चाँद पर है खून से अपने सींचा है देश को ही की भगत बिस्मिल का वतन चाँद पर है जोश दिल में है भरा भारत वासी के चंद्र शेखर का ही भारत चाँद…

    Read More भारत चाँद पर है | Bharat Chand par HaiContinue

  • अध्यापिका | Adhyapika
    कविताएँ

    अध्यापिका | Adhyapika

    ByAdmin August 24, 2023

    अध्यापिका ( Adhyapika )    अध्यापिका हो मेरी आप ही सबसे खास, आपने ही कराया मुझे जीवन का अभ्यास, आपने ही दिखाया मुझे मंजिल का रास्ता, आप ही हो मेरे लिए सबसे बड़ी फरिश्ता | आप ही मेरी राह हो, आप ही मेरी चाह हो आप ही मेरी भक्ती,आप ही मेरी शक्ती हो आप से…

    Read More अध्यापिका | AdhyapikaContinue

  • मून मिशन | नज़्म
    शेरो-शायरी

    मून मिशन | नज़्म

    ByAdmin August 24, 2023

    मून मिशन ( Moon mission )    जश्न आगे हमारा ये बढ़ता रहे, नया इतिहास रोज ये गढ़ता रहे। दमखम देखे हमारा ये सारा जहां, तिरंगा नभ में सदा लहराता रहे। उन चेहरों से परदा हटायेंगे हम, मून का ये मिशन बस चलता रहे। उठता देखो वही है जो गिरता कभी, मेरा इसरो उड़ान नई…

    Read More मून मिशन | नज़्मContinue

  • चंद्रयान तीन | Poem in Hindi on Chandrayaan 3
    कविताएँ

    चंद्रयान तीन | Poem in Hindi on Chandrayaan 3

    ByAdmin August 24, 2023August 26, 2023

    चांद पर भारत ( Chand par Bharat )   चांद की धरती पर ,भारत ने पांव पसार लिया ब्रम्हांड के नवयुग मे,खुद को संवार लिया विश्व की नजरें गड़ी ,भारत की वैज्ञानिकता पर करते थे उपहास जो,गिर गए अपनी ही निजता पर रुआब नही अभिमान नहीं,यही भारतीय सभ्यता लेकर साथ चलने की ,यही है कार्तव्यता…

    Read More चंद्रयान तीन | Poem in Hindi on Chandrayaan 3Continue

  • “उम्मीद का दीपक” साझा काव्य संग्रह में प्रकाशित हुई उदय की कविताएं
    साहित्यिक गतिविधि

    “उम्मीद का दीपक” साझा काव्य संग्रह में प्रकाशित हुई उदय की कविताएं

    ByAdmin August 24, 2023

    विश्व रिकॉर्ड धारक साहित्यिक मंच के बी राइटर्स द्वारा प्रकाशित उम्मीद का दीपक साझा काव्य संग्रह में प्रकाशित हुई सैनिक कवि गणपत लाल उदय की पाॅंच कविताएं। इस मंच से 47 से भी अधिक देशों के पाठक जुड़ें हुए है व 10 से ज्यादा देशों के लेखक, रचनाकार निरन्तर अपनी कविताएं इस मंच पर प्रेषित…

    Read More “उम्मीद का दीपक” साझा काव्य संग्रह में प्रकाशित हुई उदय की कविताएंContinue

  • Pakhi ki Rakhi
    कविताएँ

    पाखी की राखी | Pakhi ki Rakhi

    ByAdmin August 24, 2023August 24, 2023

    पाखी की राखी ( Pakhi ki Rakhi )   भाई-बहिन का रिश्ता ये प्यारा प्यारा इस प्यारे रिश्ते का प्यारा बंधन राखी खुशियों की अमिट सौगातें उमड़ रही देखो! कितनी खुश है आज ये पाखी चार दिन से देख रही, सजीले बाजार चमकीली राखियाँ, चमकते घर-बार चाँदी के वर्क से, सजी हुई मिठाइयाँ पकवानों की…

    Read More पाखी की राखी | Pakhi ki RakhiContinue

  • मेरी बेटी | Meri Beti
    कविताएँ

    मेरी बेटी | Meri Beti

    ByAdmin August 24, 2023

    मेरी बेटी  ( Meri Beti )    देखो ना कितनी खामोश बैठी है आज मेरी बेटी, देखो ना कितना शांत है आज मेरी बेटी, देखो कैसे स्थिर सोई है आज मेरी बेटी, देखो ना एकबार फिर से दुल्हन के लिबास में सजी है मेरी बेटी, देखो ना कैसे बिना पापा को आवाज दिए, चुपचाप मेंहदी…

    Read More मेरी बेटी | Meri BetiContinue

  • चंदा मामा दूर के | Chanda mama door ke
    बाल साहित्य

    चंदा मामा दूर के | Chanda mama door ke

    ByAdmin August 24, 2023

    देखो ना मां,आज मैं मामा से पहली बार मिला हूं,और जैसा तुमने कहा था मामा तो बिलकुल वैसे ही है, प्यारे प्यारे। जैसे ही मैं उनसे मिलने पहुंचा बाहें फैलाकर उन्होंने मुझे गले लगा लिया। मां अब चंदा मामा दूर के नहीं रहे।मामा बता रहे थे कि अब वो हमारे साथ ही रहेंगे।इसका मतलब मां…

    Read More चंदा मामा दूर के | Chanda mama door keContinue

  • “भारतीयता का अमृत-कलश “
    विवेचना

    “भारतीयता का अमृत-कलश “

    ByAdmin August 24, 2023

    यह स्वतंत्र भारत का अमृत-काल है। भारत को 1947 में मिली आजादी का द्विवर्षीय (2022-2023 ) अमृत महोत्सव काल, हम सभी भारत वासियों के लिए बहुत हर्ष और गर्व का विषय है। हिमालयं समारभ्य यावत् इंदु सरेावरम् । तं देवनिर्मितं देशं हिंदुस्थानं प्रचक्षते ॥ उत्तरं यत्समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम् । वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र…

    Read More “भारतीयता का अमृत-कलश “Continue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 399 400 401 402 403 … 834 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search