नियम | Niyam
नियम ( Niyam ) कौन है संसार में जो नियम में बंधना चाहता है हर कोई तो नियम से परे निकलना चाहता है। प्रेम के नियम में बंध कर बहता चला गया जो सिमट कर भी वह तो बिखर जाना चाहता है। सीमाओं से परे की ज़मीन आकर्षित है करती बंधनों से परे जा…
नियम ( Niyam ) कौन है संसार में जो नियम में बंधना चाहता है हर कोई तो नियम से परे निकलना चाहता है। प्रेम के नियम में बंध कर बहता चला गया जो सिमट कर भी वह तो बिखर जाना चाहता है। सीमाओं से परे की ज़मीन आकर्षित है करती बंधनों से परे जा…
भारत चाँद पर है ( Bharat chand par hai ) शान भारत की तिरंगा चाँद पर है देखिये लोगों आज भारत चाँद पर है खून से अपने सींचा है देश को ही की भगत बिस्मिल का वतन चाँद पर है जोश दिल में है भरा भारत वासी के चंद्र शेखर का ही भारत चाँद…
अध्यापिका ( Adhyapika ) अध्यापिका हो मेरी आप ही सबसे खास, आपने ही कराया मुझे जीवन का अभ्यास, आपने ही दिखाया मुझे मंजिल का रास्ता, आप ही हो मेरे लिए सबसे बड़ी फरिश्ता | आप ही मेरी राह हो, आप ही मेरी चाह हो आप ही मेरी भक्ती,आप ही मेरी शक्ती हो आप से…
मून मिशन ( Moon mission ) जश्न आगे हमारा ये बढ़ता रहे, नया इतिहास रोज ये गढ़ता रहे। दमखम देखे हमारा ये सारा जहां, तिरंगा नभ में सदा लहराता रहे। उन चेहरों से परदा हटायेंगे हम, मून का ये मिशन बस चलता रहे। उठता देखो वही है जो गिरता कभी, मेरा इसरो उड़ान नई…
चांद पर भारत ( Chand par Bharat ) चांद की धरती पर ,भारत ने पांव पसार लिया ब्रम्हांड के नवयुग मे,खुद को संवार लिया विश्व की नजरें गड़ी ,भारत की वैज्ञानिकता पर करते थे उपहास जो,गिर गए अपनी ही निजता पर रुआब नही अभिमान नहीं,यही भारतीय सभ्यता लेकर साथ चलने की ,यही है कार्तव्यता…
विश्व रिकॉर्ड धारक साहित्यिक मंच के बी राइटर्स द्वारा प्रकाशित उम्मीद का दीपक साझा काव्य संग्रह में प्रकाशित हुई सैनिक कवि गणपत लाल उदय की पाॅंच कविताएं। इस मंच से 47 से भी अधिक देशों के पाठक जुड़ें हुए है व 10 से ज्यादा देशों के लेखक, रचनाकार निरन्तर अपनी कविताएं इस मंच पर प्रेषित…
पाखी की राखी ( Pakhi ki Rakhi ) भाई-बहिन का रिश्ता ये प्यारा प्यारा इस प्यारे रिश्ते का प्यारा बंधन राखी खुशियों की अमिट सौगातें उमड़ रही देखो! कितनी खुश है आज ये पाखी चार दिन से देख रही, सजीले बाजार चमकीली राखियाँ, चमकते घर-बार चाँदी के वर्क से, सजी हुई मिठाइयाँ पकवानों की…
मेरी बेटी ( Meri Beti ) देखो ना कितनी खामोश बैठी है आज मेरी बेटी, देखो ना कितना शांत है आज मेरी बेटी, देखो कैसे स्थिर सोई है आज मेरी बेटी, देखो ना एकबार फिर से दुल्हन के लिबास में सजी है मेरी बेटी, देखो ना कैसे बिना पापा को आवाज दिए, चुपचाप मेंहदी…
देखो ना मां,आज मैं मामा से पहली बार मिला हूं,और जैसा तुमने कहा था मामा तो बिलकुल वैसे ही है, प्यारे प्यारे। जैसे ही मैं उनसे मिलने पहुंचा बाहें फैलाकर उन्होंने मुझे गले लगा लिया। मां अब चंदा मामा दूर के नहीं रहे।मामा बता रहे थे कि अब वो हमारे साथ ही रहेंगे।इसका मतलब मां…
यह स्वतंत्र भारत का अमृत-काल है। भारत को 1947 में मिली आजादी का द्विवर्षीय (2022-2023 ) अमृत महोत्सव काल, हम सभी भारत वासियों के लिए बहुत हर्ष और गर्व का विषय है। हिमालयं समारभ्य यावत् इंदु सरेावरम् । तं देवनिर्मितं देशं हिंदुस्थानं प्रचक्षते ॥ उत्तरं यत्समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम् । वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र…