Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Bachchon ki poem
    कविताएँ

    बच्चे मन के सच्चे | Bachchon ki poem

    ByAdmin November 17, 2022

    बच्चे मन के सच्चे ( Bachche man ke sachche )    बच्चे मन के सच्चे होते छोटे-छोटे प्यारे प्यारे। खेलकूद में मस्त रहते जान से प्यारे नैन तारे।   नटखट नखरे बालक के भोली भोली बोली। सीधे-साधे अच्छे बालक करते हंसी ठिठोली।   निश्चल प्रेम वो बरसाते संस्कार करके धारण। तभी बालरुप में आते जगतपति…

    Read More बच्चे मन के सच्चे | Bachchon ki poemContinue

  • Jal hai to kal hai kavita
    कविताएँ

    जल है तो कल है | Jal hai to kal hai kavita

    ByAdmin November 16, 2022November 16, 2022

    जल है तो कल है ( Jal hai to kal hai )    पानी न बहाओं यारों कोई भी फ़िज़ूल, याद रखना हमेंशा नही करना है भूल। इसी से है जीवन ये हमारा एवं तुम्हारा, पेड़-पौधे जीव-जन्तु जीवित है समूल‌।।   वसुंधरा पर यें बहुत दूर-दूर तक फ़ैला, फिर भी कमी गाॅंव एवं शहर में…

    Read More जल है तो कल है | Jal hai to kal hai kavitaContinue

  • Kavita aasteen ka sanp
    कविताएँ

    आस्तीन का सांप | Kavita aasteen ka sanp

    ByAdmin November 16, 2022November 16, 2022

    आस्तीन का सांप ( Aasteen ka sanp )      कोई भी नहीं बनना यह आस्तीन का सांप, दोस्त अपनें हृदय को रखना हमेशा साफ़। नहीं सोचना कभी भी बुरा किसी का आप, अपना या पराया एक बार तों करना माफ़।।   जिसमें जो है खाता उसी मे छेद ना करना, अपना हो या पराया…

    Read More आस्तीन का सांप | Kavita aasteen ka sanpContinue

  • Samrat prithviraj chauhan par kavita
    कविताएँ

    सम्राट पृथ्वीराज चौहान | Samrat prithviraj chauhan par kavita

    ByAdmin November 16, 2022

    सम्राट पृथ्वीराज चौहान ( Samrat prithviraj chauhan )   नाम आपका अमर रहेगा सम्राट पृथ्वीराज चौहान, ऐसा रचाया इतिहास कि याद करता रहेगा जहान। माफ़ किया आपने मोहम्मद-गौरी को सोलवी बार, ढेरों युद्ध जीतकर रणभूमि से बनें हो आप महान।।   बचपनें में तीर-कमान युद्ध-कला में निपुण हो गये, और १५ वर्ष की आयु में…

    Read More सम्राट पृथ्वीराज चौहान | Samrat prithviraj chauhan par kavitaContinue

  • Poem jeevan ke raaste
    कविताएँ

    अजीब है हमारे जीवन के रास्ते | Poem jeevan ke raaste

    ByAdmin November 16, 2022

    अजीब है हमारे जीवन के रास्ते ( Ajeeb hai hamare jeevan ke raaste )      दोस्त बड़े-ही अजीब है हमारे जीवन के यह-रास्तें, कोई है कहा-से कोई कहा से पर अपनें बन जाते। दिल के सारे दुःख ग़म हम अपनें दोस्त को बताते, लेकिन बिछुड़ने का ग़म हम सभी को देकर जातें।।   हर…

    Read More अजीब है हमारे जीवन के रास्ते | Poem jeevan ke raasteContinue

  • Poem kalam ki taqat
    कविताएँ

    क़लम की ताक़त | Poem kalam ki taqat

    ByAdmin November 16, 2022

     क़लम की ताक़त ( Kalam ki taqat )      क़लम चलती ही गई लेकिन स्याही ख़त्म ही नहीं हुई, चेहरे पर झुर्रियां और ऑंसूओं की लाईन सी बन गई। लोगों ने कहा क्या होगा लिखनें से पर हाथ रुकें नहीं, जब रूपए आने लगें तो हमारी तकदीर ही बदल गई।।   अब वही लोग…

    Read More क़लम की ताक़त | Poem kalam ki taqatContinue

  • Poem ka se gya tak
    कविताएँ

    व्यंजन क से ज्ञ तक | Poem ka se gya tak

    ByAdmin November 16, 2022

    व्यंजन क से ज्ञ तक  ( Vyanjan ka se gya tak )    क- कमजोर नहीं समझ चाईना    ख- ख़रबूज़े सा काटेंगे हम ऐसा ग- गरूर नहीं करतें हम इतना     घ- घड़ा पाप का भर गया तेरा जैसा   च- चमन चीन का उजाड़ देंगें     छ- छप्पर सारे हम उखाड़ देंगें ज-…

    Read More व्यंजन क से ज्ञ तक | Poem ka se gya takContinue

  • Ganpati Bhagwan ki vandana
    कविताएँ

    गणपति वंदना | Ganpati Bhagwan ki vandana

    ByAdmin November 16, 2022

    गणपति वंदना ( Ganpati vandana )   नमन करु और वन्दन करु, हे गौरी पुत्र गणपति गजराज। बस नाम तुम्हारा लेने से ही, होता है समस्त विघ्नों का नाश ।।   प्रभु तुम्हारे नाम है अनेंक, सभी देवताओं में सबसे श्रेष्ठ। कष्ट विनायक मंगल फल दायक, और हो गुरुजनों में भी तुम श्रेष्ठ।।   रिद्धि-सिद्धि…

    Read More गणपति वंदना | Ganpati Bhagwan ki vandanaContinue

  • Prem ki poem
    कविताएँ

    एक प्रेम कविता | Prem ki poem

    ByAdmin November 15, 2022November 15, 2022

    एक प्रेम कविता ( Ek prem kavita )    जब जब साथ तुम्हारा मिले यह ह्रदय मेरा प्रेम से खिले, फूलों से महक जाए हर खुशी भावनाओं में जैसे ये मन वहे ।। मैं एक प्रेम कविता बन जाऊं तू लिखे मुझे अपनी चाहत से , खाली समय में बस सोचे मुझे, तेरी ही एक…

    Read More एक प्रेम कविता | Prem ki poemContinue

  • Ayodhya par kavita
    कविताएँ

    धन्य है वह अयोध्या नगरी | Ayodhya par kavita

    ByAdmin November 15, 2022

    धन्य है वह अयोध्या नगरी ( Dhanya hai wah ayodhya nagari )   धन्य है वह अयोध्या नगरी जहां जन्में थें श्रीराम, भरत लक्ष्मण और शत्रुघ्न के बड़े भ्राता श्रीराम। सबको गले लगाया अद्भुत अद्भुत किए थें काम, मर्यादा पुरूषोत्तम कहलाएं वो भगवान श्रीराम।।   धर्म का पाठ पढ़ाकर आपने दिया सब को ज्ञान, ज़रुरतमंद…

    Read More धन्य है वह अयोध्या नगरी | Ayodhya par kavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 549 550 551 552 553 … 838 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search