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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem jaan chidakne lage hain
    कविताएँ

    जान छिड़कने लगे हैं | Poem jaan chidakne lage hain

    ByAdmin October 17, 2022October 17, 2022

    जान छिड़कने लगे हैं ( Jaan chidakne lage hain )   तारे भी देखो ठिठुरने लगे हैं, लोग दुशाले अब ओढ़ने लगे हैं। उतर चुका है वो बाढ़ का पानी, अब से ही जान छिड़कने लगे हैं।   कुछ दिन में लोग माँगेंगे रजाई, ठण्डी के पर देखो उगने लगे हैं। अलाव की तलब बढ़ेगी…

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  • Ghazal bhool ja sitam uske pyar ke
    शेरो-शायरी

    भूल जा सितम उसके प्यार के | Ghazal bhool ja sitam uske pyar ke

    ByAdmin October 17, 2022October 20, 2022

    भूल जा सितम उसके प्यार के ( Bhool ja sitam uske pyar ke )     हाँ मगर अदू  पर अपनी निगाह रखना तू दिल में ही ज़रा बदला बेपनाह रखना तू   सोचना नहीं तू दिल में ही दुश्मनी अपने दोस्ती की  दिल में अपने ही चाह रखना तू   हर तरफ़  से बरसेगी…

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  • A.P.J. Abdul Kalam Kavita
    कविताएँ

    ए०पी०जे०अब्दुल कलाम ( एक घटना ) | A.P.J. Abdul Kalam Kavita

    ByAdmin October 16, 2022October 16, 2022

    ए०पी०जे०अब्दुल कलाम ( एक घटना )  ( A. P. J. Abdul Kalam Kavita  )   कल का जीवन किसने देखा,जो सोचा क्या सब पाई ली है है कठिन-सरल निष्ठुर-मृदुल ,जीवन की बात निराली है जीवन लीला पर चली कलम, लिख दी बातों की बात गजब जिस रूप में जीया जीवन को,रच दी इतिहास हो अब…

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  • Parivar
    कविताएँ

    परिवार | Parivar par kavita

    ByAdmin October 16, 2022November 6, 2022

    परिवार ( Parivar )   चाहे कोई कितना भी हो पास, चाहे तुम हो किसी के कितने भी खास। छोटी-बड़ी बातों को पल में जो भुला दे, वो परिवार ही होता है। टूटने लगे जब हर आस, छूटने लगे जब तन से साँस, फिर भी हर आवाज़ में तुम्हें पुकारे, उस पिता के साये में…

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  • डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
    कविताएँ

    राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम | Rashtrapati Abdul Kalam par kavita

    ByAdmin October 16, 2022

    राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम ( President Dr Abdul Kalam )   मानवता के आप मसीहा माननीय कलाम। शत शत वंदन आपको आदाब और सलाम।   राष्ट्र हितेषी राष्ट्रपति रहे देश प्रेमी किरदार। युवाओं के प्रेरक आप नव ऊर्जा के भंडार।   मिसाइल मैन कहलाते भारत रत्न महान। राष्ट्रपति पद को सुशोभित राष्ट्र की पहचान।  …

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  • Kavita soone ghar
    कविताएँ

    सूने घर राह देखते अपनों की | Kavita soone ghar

    ByAdmin October 15, 2022

    सूने घर राह देखते अपनों की ( Soone ghar rah dekhte apno ki )   सूनी पड़ी हवेलियां अब जर्जर सी हुई वीरान राह देखती अपनों की सब गलियां सुनसान   वो भी क्या लोग सब दरियादिली में जीते थे ठाठ बाट शान निराली घूंट जहर का पीते थे   दो पैसे ना सही मन…

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  • Ghazal tu chhed mat
    शेरो-शायरी

    तू छेड़ मत | Ghazal tu chhed mat

    ByAdmin October 15, 2022October 17, 2022

    तू छेड़ मत ( Tu chhed mat )     तू छेड़ मत नहीं है अच्छा मिज़ाज मेरा करता नहीं है कोई ग़म का इलाज मेरा   आटा पिसेगा कैसे अब भूख ये मिटेगी के भीग सब गया है देखो अनाज मेरा   वो तल्ख़ लहज़े में मुझसे कर गया बातें है उसने करा  नहीं…

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  • Chhand jeevan ek paheli
    छंद

    जीवन एक पहेली | Chhand jeevan ek paheli

    ByAdmin October 14, 2022

    जीवन एक पहेली ( Jeevan ek paheli )   सुख-दुख के डोर सी, बड़ी सुहानी भोर सी। जीवन एक पहेली, जीते चले जाइए।   हंसती खिलखिलाती, मंद मंद सी मुस्काती। पल-पल आनंद के, खुशी से बिताइए।   प्रेम की बहती धारा, खुशियों भरी बहार। महकती चमन की, खुशबू को पाइए।   समस्या समाधान भी, यश…

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  • Chhand karva chauth
    छंद

    करवा चौथ | Chhand karva chauth

    ByAdmin October 14, 2022

    करवा चौथ ( Karva chauth )   सुहागनें नारी सारी, करवा चौथ मनायें। कर सोलह श्रंगार, गौरी चांद मना रही। मनमीत प्रियतम, प्राण प्यारे भरतार। लंबी जीए उम्र जग, मंगल कामना कहीं। दिलों का पावन रिश्ता, टूटे ना तकरार से। प्रीत का झरना बहे, प्रेम की सरिता बही। धवल चांदनी सुधा, उमड़ा सागर प्रेम। पिया…

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  • Chaand ka deedar
    कविताएँ

    चाँद का दीदार | Karva chauth ki kavita

    ByAdmin October 13, 2022

    चाँद का दीदार! ( Chaand ka deedar )   बाँहों में बीते उनके सारी उमर ये खंजन की जैसी नहीं हटती नजर ये। जिधर देखती हूँ बहार ही बहार है पति मेरे जीवन का देखो आधार है।   सोलह श्रृंगार करती नित्य उनके लिए मैं आज करवा की व्रत हूँ ये उनके लिए मैं। वो…

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