ऐ वतन | Ghazal ae watan
ऐ वतन ( Ae watan ) ऐ वतन ऐ वतन ऐ वतन रोज हम तो करेगे नमन हम लड़ेगे वतन के लिए हाँ रहे ख़ुश सदा ये वतन शबनमी हो न नफ़रत भरी प्यार के गुल से महके चमन देश पर आंच आने न दो है सभी से मेरा ये कहन…
ऐ वतन ( Ae watan ) ऐ वतन ऐ वतन ऐ वतन रोज हम तो करेगे नमन हम लड़ेगे वतन के लिए हाँ रहे ख़ुश सदा ये वतन शबनमी हो न नफ़रत भरी प्यार के गुल से महके चमन देश पर आंच आने न दो है सभी से मेरा ये कहन…
जल ही जल ( Jal hi jal ) जल की ना पूछो भैया। आजकल तो बहुत जला रहा है। मर कर जलना तो सुना थाl या यूं कह लो जल कर मरना, मगर यह जल तो ह्रदय जला रहा है l और जब ह्रदय जलता है l तो चूल्हा जलने का सवाल नहीं उठता l…
वो लाज रखे सबकी ( Wo laaj rakhe sabki ) जो सबका रखवाला है दुनिया का करतार। वो लाज रखे सबकी जग का सृजन हार। जिसके हाथों में डोर है वो नीली छतरी वाला। चक्र सुदर्शन धारी माधव मोहन मुरली वाला। सबको जीवनदान देते जग के पालन हारे। दीनबंधु भक्त वत्सल दीनों…
गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति नवलगढ़ इकाई द्वारा मोर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नवलगढ़ में आज 24 सितम्बर2022 को एक विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ । कार्यक्रम ठीक समय 8बजे सुबह से शुरू किया गया । मुख्य अतिथि मुख्य वक्ता अनिल जी अजाड़ीवाल थे । स्थानीय इकाई उपाध्यक्ष ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की अपने उद्द्बोधन…
आ रहा है एक चेहरा ख़्वाब में ( Aa raha hai ek chehra khwab mein ) आ रहा है एक चेहरा ख़्वाब में चैन लूटे वो हमारा ख़्वाब में वो हक़ीक़त में कभी मिलता नहीं होता है दीदार उसका ख़्वाब में हम सफ़र मेरा बना दे उम्रभर जो खुदा चेहरा दिखाया…
सियासत से बड़ा कोई जालिम नहीं है ( Siyasat se bada koi zalim nahi hai ) दूसरों के दर्द को जो अपना समझते हैं, नमक के बदले वो मरहम ले के चलते हैं जिंदगी की हर जंग वही लोग जीतते है, जीते जी जो कभी हार नहीं मानते हैं। उन्हीं के …
राष्ट्रीय कवि रामधारी सिंह दिनकर ( Rashtriya kavi Ramdhari Singh Dinkar ) मैं दिनकर का अनुयायी हूं ओज भरी हुंकार लिखूं। देशभक्ति में कलम डुबती कविता की रसधार लिखूं। अन्नदाता की मसीहा लेखनी भावों की बहती धारा। शब्द शिल्प बेजोड़ अनोखा काव्य सृजन लगे प्यारा। शब्द जब मिलते नहीं भाव सिंधु…
राम राजतिलक : आलेख ( Ram Rajtilak ) राजा दशरथ ने अपने श्वेत केशों को देखकर कहा कि अब मैं वृद्ध हो गया हूं। राम अब युवा हो गए हैं। राम में राज सिंहासन संभालने व शासन की बागडोर चलाने के सभी गुण है। मेरी राय में राम अयोध्या ही नहीं अपितु तीनों लोकों का…
निखरता भी प्यार में नर, बिखरता भी प्यार में ( Nikharta bhi pyar pyar mein nar, bikharta bhi pyaar mein ) निखरता भी प्यार में नर, बिखरता भी प्यार में। खिलता चांद सा मुखड़ा, महके प्यार के इजहार में। दिलों के संसार में, दिलों के संसार में। एक अजब अहसास है यह जिंदगी…
रावण मारीच संवाद ( Ravan marich samvad ) अपनी बहन शूर्पणखा के नाक कान काट लेने पर बदले की भावना से रावण ने सीता हरण की योजना बनाई। षड्यंत्र को मूर्त रूप देने की उसने मामा मारीच की सहायता चाहिए थी। मामा मारीच एक मायावी राक्षस था जो ताड़का का पुत्र था। रावण मारीच…