उड़ता युवा
उड़ता युवा आज के युग का उड़ता युवा ।खेल रहा वह जीवन से जुआ ।। युवाओं की आज बिगड़ी संगत ।संगत से ही मिलती सदा रंगत ।। गफलत में होते आज के युवा ।नहीं देखते आगे खाई है या कुआं ।। सब युवा करते अपनी मनमानी ।नशें में बर्बाद कर रहे जिंदगानी ।। घर-घर में…










