Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • "घरेलू हिंसा" पर निबंध
    निबंध

    Essay In Hindi | “घरेलू हिंसा” पर निबंध

    ByAdmin August 9, 2021August 9, 2021

    “घरेलू हिंसा” पर निबंध ( Essay in Hindi on domestic violence ) प्रस्तवना :- घरेलू हिंसा से तात्पर्य उस हिंसा और दुर्व्यवहार से है जो घरेलू हिंसा जैसे विवाह के बाद में होती है। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि घरेलू हिंसा केवल शारीरिक नहीं है, बल्कि किसी भी प्रकार का व्यवहार है जो पीड़ित…

    Read More Essay In Hindi | “घरेलू हिंसा” पर निबंधContinue

  • शिव महिमा
    कविताएँ

    शिव महिमा | Shiv Mahima Par Kavita

    ByAdmin August 9, 2021

    शिव महिमा  ( Shiv Mahima Par Kavita )   हिम शिखरों से भोले के, जयकारे आते है, शंख और डमरू मिलकर, शिव कीर्तन गाते हैं।   शिव ही गगन धरा भी शिव ही, हमें बताते है, गान संग है गीत भी शिव, हम महिमा गाते हैं।   पंचतत्व निर्मित शिव से, शिव रूप दिखाते है,…

    Read More शिव महिमा | Shiv Mahima Par KavitaContinue

  • कजरी 'सावन'
    कविताएँ

    कजरी सावन | Sawn Par Kavita

    ByAdmin August 9, 2021August 24, 2022

    कजरी ‘सावन’ ( Kajari savan )   अबकी सावन में हमै चाही चीज मनमानी सैंया। बरसइ रिमझिम पानी सैया, सबदिन कहां जवानी सैंया ना।। सासु ससुर तीरथ यात्रा पर चार महीने डटे रहें। ननद रहे ससुराल में अपने जेठ भी घर से हटे रहें। पास पड़ोसी घर न आवै दूर-दूर ही कटे रहें। नदी नार…

    Read More कजरी सावन | Sawn Par KavitaContinue

  • बचपन के दिन
    कविताएँ

    बचपन के दिन | kavita

    ByAdmin August 9, 2021

    बचपन के दिन ( Bachapan ke din ) पलकों  पे  अधरों  को  रख कर, थपकी देत सुलाय। नही रहे अब दिन बचपन के, अब मुझे नींद न आय।   सपने  जल गए भस्म बन गई, अब रोए ना मुस्काए, लौंटा दो कोई  बचपन के दिय, अब ना पीड़ सहाय।   किससे मन की बात कहे,…

    Read More बचपन के दिन | kavitaContinue

  • क्रांतिवीर
    कविताएँ

    क्रांतिवीर | Kranti Diwas Par Kavita

    ByAdmin August 9, 2021

    क्रांतिवीर ( क्रांति दिवस पर अमर शहीदों के जज्बातों को सादर वंदन )   है हिमालय सा हौसला, सागर सी गहराई है। क्रांति काल में वीरों ने, प्राणों की भेंट चढ़ाई है। हंसते-हंसते झूल गए, वो क्रांतिवीर कमाल हुए। राजगुरु सुखदेव भगतसिंह, भारत मां के लाल हुए।   आजादी का दीवाना, वो जिद पर अड़…

    Read More क्रांतिवीर | Kranti Diwas Par KavitaContinue

  • स्वतंत्रता दिवस/15 अगस्त
    निबंध

    स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर निबंध | 15 August par nibandh

    ByAdmin August 8, 2021December 7, 2022

    निबंध: स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त ( Independence day 15 August : Essay In Hindi ) प्रस्तवना ( Preface ) :- 15 अगस्त 1947 भारत के स्वर्णिम इतिहास में अंकित है। यह वह दिन है जब भारत को 200 साल के ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। यह एक कठिन और लंबा अहिंसक संघर्ष था जिसमें…

    Read More स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर निबंध | 15 August par nibandhContinue

  • सुमन हिय के खिल गये
    कविताएँ

    सुमन हिय के खिल गये | Geet

    ByAdmin August 8, 2021

    सुमन हिय के खिल गये ( Suman hiye ke khil gaye )   मुस्कान लबों पर आए, सब मिल गीत गाए। खुशियों की बारिश में, हमको नहाना है। उर प्रेम भाव पले, आशाओं के दीप जगे। प्यार भरे दीप हमें, दिलों में जगाना है।   भाव उर में खिल उठे, सपने सुनहरे सजाना है। रौनक…

    Read More सुमन हिय के खिल गये | GeetContinue

  • नीरज चोपड़ा
    कविताएँ

    नीरज चोपड़ा | Niraj Chopra Par Kavita

    ByAdmin August 8, 2021August 8, 2021

    नीरज चोपड़ा ( Niraj Chopra Par Kavita )   सुहाषिनी सुदर्शनी सी लगी, लो शुभ बिहान आ गया।   सौभाग्य से स्वर्णीम पदक ले, भारत का लाल आ गया।   गर्वित  हुआ  आनन्द  मन  उल्लास,  वृहद  छा  गया,   भगवा भवानी भारती के, सौन्दर्य निखर के आ  गया।     कवि :  शेर सिंह हुंकार देवरिया…

    Read More नीरज चोपड़ा | Niraj Chopra Par KavitaContinue

  • Kallu ki insaniyat
    कहानियां

    कल्लू की इंसानियत | Hindi Kahani

    ByAdmin August 8, 2021

    कल्लू की इंसानियत ( Kallu ki insaniyat ) इक पड़ोसी ने दूसरे पड़ोसी से कहा ये जो नया पड़ोसी कल्लू आया है एकदम खराब है यह अच्छा इंसान नहीं है, यह सुनकर दूसरे पड़ोसी ने तीसरे से कहा ये जो नया पड़ोसी आया है बहुत खराब है । तीसरे ने चौथे से कहा, चौथे ने…

    Read More कल्लू की इंसानियत | Hindi KahaniContinue

  • घरेलू जल प्रदूषण पर निबंध
    निबंध

    Essay In Hindi | घरेलू जल प्रदूषण पर निबंध

    ByAdmin August 7, 2021

    घरेलू जल प्रदूषण पर निबंध ( Essay on Domestic Water Pollution in Hindi ) प्रस्तवना :- घरेलू जल प्रदूषण में घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाला अपशिष्ट जल शामिल है। घरेलू अपशिष्ट जल काफी विस्तृत क्षेत्र में फैले कई छोटे स्रोतों से उत्पन्न होता है। लेकिन सीवर द्वारा नगरपालिका अपशिष्ट इसका एक बड़ा स्रोत…

    Read More Essay In Hindi | घरेलू जल प्रदूषण पर निबंधContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 680 681 682 683 684 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search