Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • शुभम साहित्य संस्था के मुशायरे में झलकी गंगा-जमुनी संस्कृति
    साहित्यिक गतिविधि

    शुभम साहित्य संस्था के मुशायरे में झलकी गंगा-जमुनी संस्कृति, विनय साग़र जायसवाल ने की अध्यक्षता

    ByAdmin December 23, 2024December 23, 2024

    शुभम साहित्य एवं सामाजिक संस्था ने ख़ुश लोक सभागार में एक भव्य गंगा-जमुनी कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मशहूर शायर विनय साग़र जायसवाल ने की, जबकि संचालन ग़ज़लराज ने अपनी शानदार शैली में किया। शुरुआत मां शारदे की वंदना से हुई, जिसे हिमांशु श्रोतिए निष्पक्ष जी ने प्रस्तुत किया।…

    Read More शुभम साहित्य संस्था के मुशायरे में झलकी गंगा-जमुनी संस्कृति, विनय साग़र जायसवाल ने की अध्यक्षताContinue

  • निकल गया
    ग़ज़ल

    निकल गया | Nikal Gaya

    ByAdmin December 23, 2024December 23, 2024

    निकल गया ऐसे वो आज दिल के नगर से निकल गया।जैसे परिन्द कोई शजर से निकल गया। किस रूप में वो आया था कुछ तो पता चले।बच कर वो कैसे मेरी नज़र से निकल गया। क्यों कर न नफ़़रतों का हो बाज़ार गर्म आज।जज़्बा-ए-इ़श्क़,क़ल्बे-बशर से निकल गया। उस दिन ही मेरे दिल के महक जाएंगे…

    Read More निकल गया | Nikal GayaContinue

  • भगवान के यहाँ देर है, अंधेर नहीं
    कहानियां

    भगवान के यहाँ देर है, अंधेर नहीं

    ByAdmin December 23, 2024December 23, 2024

    “बड़ा खूबसूरत कांच का गिलास है। क्या यह आपका है?” दीपक सर ने मेज पर रखे कांच के गिलास को देखते हुए, रोमांटिक अंदाज में शालिनी मैडम से कहा। “जी सर, मेरा ही है।” शालिनी मैडम ने जवाब दिया। “मेरा इस पर दिल आ गया है। क्या यह कांच का गिलास मेरा हो सकता है?”…

    Read More भगवान के यहाँ देर है, अंधेर नहींContinue

  • सावन आया 
    कविताएँ

    सावन आया | Sawan Aaya

    ByAdmin December 22, 2024December 22, 2024

    सावन आया  नयी चेतना  नयी जाग्रत  अंतर्मन में  नया भाव कुछ  मन को भाया, गूॅंज उठे स्वर झूॅंम उठे वन प्रकृति ने भी  नव मधुरस का  पान कराया, लतिकाएं तरु आलिंगन कर  लिपट लिपट कर  नतमस्तक  साभार जताया, रिमझिम रिमझिम  बूॅंदें जल की  छोड़ गगन को  उतर धरा पर  उपवन का  संसार बसाया, स्पर्श प्रेम…

    Read More सावन आया | Sawan AayaContinue

  • मस्तियों में जी मैंने
    ग़ज़ल

    मस्तियों में जी मैंने

    ByAdmin December 22, 2024December 22, 2024

    मस्तियों में जी मैंने शराबे – शौक़ निगाहों से उसकी पी मैंनेतमाम उम्र बड़ी मस्तियों में जी मैंने हज़ारों किस्म की चीज़ों से घर सजाया थातुम्हारे शौक़ में रख्खी नहीं कमी मैंने जुनून ऐसा चढ़ा था किसी को पाने कालगाई दाँव पे हर बार ज़िन्दगी मैंने हज़ारों ग़म थे खड़े ज़िन्दगी की गलियों मेंहरेक मोड़…

    Read More मस्तियों में जी मैंनेContinue

  • तुम्हारा साथ और तुम
    कविताएँ

    तुम्हारा साथ और तुम

    ByAdmin December 21, 2024December 21, 2024

    तुम्हारा साथ और तुम मैंने हमेशा प्रयत्न किया,अपने अनुराग को पारावार देने का,एवं उसकी नीरनिधि में समाने का,तुम्हारे चेहरे की आभा,और उस पर आईहँसी कोकायम रखने का,किन्तु-मैं हमेशानाकामयाब रही,क्योंकि–तुम मुझे एवं मेरे प्यार कोसमझ ही नहीं पाये।तुम मेरीभावनाओं में लिप्त,परवाह कोभांप न सके,मालूम है कि-हमेशा साथ संभव नही,फिर भी मैंने हमेशा ढूंढ़ी तलाशी,तुम्हारे साथ रुक…

    Read More तुम्हारा साथ और तुमContinue

  • हमेशा रहे बेसहारों में शामिल
    ग़ज़ल

    हमेशा रहे बेसहारों में शामिल

    ByAdmin December 21, 2024December 21, 2024

    हमेशा रहे बेसहारों में शामिल रहे तनहा होकर हज़ारों में शामिलहमेशा रहे बेसहारों में शामिल सदा ही रही है ख़ुशी दूर हमसेरहे हम सदा ग़मगुसारों में शामिल नहीं बन सके हम महाजन कभी भीसदा ही रहे देनदारों में शामिल ज़मीं पे मिलन हो न पाया हमाराचलो होंगे अब हम सितारों में शामिल मिली हमको मन…

    Read More हमेशा रहे बेसहारों में शामिलContinue

  • रॉयल्टी
    कहानियां

    रॉयल्टी | Royalty

    ByAdmin December 20, 2024December 20, 2024

    2007 की बात है। सरकारी इंटर कॉलेज में तैनात गणित के शिक्षक विनय सर की शादी में मैं अपने मित्र प्रदीप के साथ… जब उनके घर रिसेप्शन पार्टी में पहुंचा तो मैंनें एक बात नोटिस की… विनय सर को सब चरन कहकर ही पुकार रहे थे। विनय नाम से कोई भी नहीं पुकार रहा था।…

    Read More रॉयल्टी | RoyaltyContinue

  • डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक को ‘राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2024’ से सम्मानित किया गया
    साहित्यिक गतिविधि

    डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक को ‘राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2024’ से सम्मानित किया गया

    ByAdmin December 20, 2024December 20, 2024

    कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया, नई दिल्ली में ‘आज का प्रहरी’ समाचार पत्र और पत्रिका द्वारा सुविख्यात कवयित्री डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक,लुधियाना को राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2024 प्राप्त हुआ । कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया, नई दिल्ली में आज का प्रहरी समाचार पत्र और पत्रिका के तत्वावधान में राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2024 का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित…

    Read More डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक को ‘राष्ट्रीय गौरव सम्मान-2024’ से सम्मानित किया गयाContinue

  • क्या कहूँ
    ग़ज़ल

    क्या कहूँ | Kya Kahoon

    ByAdmin December 20, 2024December 20, 2024

    क्या कहूँ क्या कहूँ दिल ने मुझे उल्फ़त में पागल कर दियाथोड़ा में पहले से था उसने मुकम्मल कर दिया अपनी आँखों का सनम तूने तो काजल कर दियाआँख से छूकर बदन को तूने संदल कर दिया शह्र में चर्चे बड़े मैला ये आँचल कर दियाक्या कहें दिल रूह को भी मेरी घायल कर दिया…

    Read More क्या कहूँ | Kya KahoonContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 72 73 74 75 76 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search