• आज मेरे ही किसी की बेकली दिल में उठी

    आज मेरे ही किसी की बेकली दिल में उठी     आज मेरे ही किसी की बेकली दिल में उठी! इस क़दर बैचेनी की ही बेबसी दिल में उठी   भूलकर दिल से किसी की बेवफ़ाई को मगर आज करने को किसी से दोस्ती दिल में उठी   सोचता हूँ मैं उसे अपना बना लूँ…

  • साल गया है

    साल गया है     बातें हमारी फिर से वो टाल गया है। बस इसी कशमकश में ये भी साल गया है।।   जिसने भरे हैं पेट सबके बहाकर करके स्वेद, उसको ही लोग कह रहे कंगाल गया है।।   बीमारियां भी एक हों तो गिनाऊं हुजूर,। शायद ही कोई यहां से कोई खुशहाल गया…

  • शरारती हाथी और गौरैया का घोंसला

    शरारती हाथी और गौरैया का घोंसला ( पंचतंत्र की कहानियां ) बहुत साल पहले की बात है। एक बड़े से घने जंगल में सभी पशु, पक्षी और जानवर मिलकर रहते थे। जंगल में एक बड़े से पेड़ पर एक गौरैया का जोड़ा भी घोसला बना कर रहता था। गौरैया ने अपने घोंसले में अंडे दिए…

  • रब की अदालत

    रब की अदालत   1. वो मजलूमों को बेघर कर बनाया था अलीशां मकां यहां, गरीब,लचारों की बद्दुवा कबूल हो गई रब की अदालत में वहां अब बरस रहा बद्दुवाओं का कहर देखो , जमींदोज हो रहा अलीशां मकां यहां। 2.     हुआ घमंड जब-जब वो गिराते रहे बार-बार, हुआ तालीम, परोपकार जब-जब उन्हीं दुवाओं…

  • प्रेम-रसपान ( फिल्म स्क्रिप्ट )

    प्रेम-रसपान ( फिल्म स्क्रिप्ट ) हरा-भरा जंगल,इधर-उधर भागते सारे जानवर | जंगल मे हलचल मची है , जैसे कोई शेर आ गया हो,सारे जानवर डरे हुए हैं | तभी ये क्या,तेज गति से भागते हुए दो शेर,एक रथ खीच रहे हैं | रथ पर सबार सुन्दर राजकुमार,मनमोहक छवि,क्षरहरा बदन,तीर से शिकार पर निशाना लगाते हुए…

  • दिल से मुहब्बत

    दिल से मुहब्बत     रहेगी उससे हमेशा ही मुहब्बत है जिसे मुझसे रही हर पल अदावत है   बहुत कोशिश उसे की भूलने की न उसकी याद से दिल को ही राहत है   मुहब्बत से उसे जब भी निहारुं बड़ी ही देखता वो तो नज़ाकत है   वफ़ाओ की ख़ुशबू क्या वो  फ़ैलायेगा…

  • चाय

    चाय ** अच्छी मीठी फीकी ग्रीन काली लाल कड़क मसालेदार होती है, नींबू वाली, धीमी आंच वाली, दूध वाली, मलाई और बिना मलाई की, लौंग इलायची अदरक वाली भी होती है। मौसम और मूड के अनुसार- लोग फरमाइश करते हैं, तो कुछ डाक्टरों की सलाह पर- मन मारकर फीकी ही पीने को विवश हैं। यह…

  • तेरा नाम दिल से मिटाना पडेगा

    तेरा नाम दिल से मिटाना पडेगा     तेरा नाम दिल से मिटाना पडेगा। ग़मों को बसा मुस्कराना पङेगा।।   रहा अब न रिश्ता जो पहले कभी था। खुशी-ग़म सभी कुछ छुपाना पङेगा।।   वें यादें इरादे किये सारे वादे। पलों में सभी कुछ भुलाना पङेगा।।   न सोचा यहां था कि बदलेगा मंजर। कभी…

  • नैना बावरे जुल्फो में उलझाने लगे

    नैना बावरे जुल्फो में उलझाने लगे     दिल मचलने लगे अश्क बहने लगे हमे तुम्हे याद करके बहकने लगे   नजरे जब भी मिली मुस्कुराने लगे फूल गुलशन मे देखो गुनगुनाने लगे खिलकर भवरों के मन बहकाने लगे दिल को अपने यूॅ भी समझाने लगे दिल मचलने लगे अश्क बहने लगे हमे तुम्हे याद…

  • किताबें

    किताबें *** खाली अलमारियों को किताबों से भर दो, बैठो कभी तन्हा तो निकाल कर पढ़ लो। हो मन उदास तो- उठा लो कोई गीत गजल या चुटकुले कहानियों की किताब, पढ़कर भगा लो अवसाद। ये जीवनसाथी हैं, दोस्त हैं। दवा हैं, मार्गदर्शक हैं। समय समय पर उन्हें निहारो, समझो परखो विचारो। गूढ़ बात अपना…