किताबें

किताबें

किताबें

***

खाली अलमारियों को
किताबों से भर दो,
बैठो कभी तन्हा तो
निकाल कर पढ़ लो।
हो मन उदास तो-
उठा लो कोई गीत गजल
या चुटकुले कहानियों की किताब,
पढ़कर भगा लो अवसाद।
ये जीवनसाथी हैं,
दोस्त हैं।
दवा हैं,
मार्गदर्शक हैं।
समय समय पर उन्हें निहारो,
समझो परखो विचारो।
गूढ़ बात अपना लो,
जीवन धन्य बना लो।
ये किताबें ही-
शून्य से शिखर को पहुंचाती हैं,
मंगल चंद्र तक ले जातीं हैं।
अंतरिक्ष के रहस्य सुलझाती हैं,
जीवन जीना सिखाती हैं;
मानव को इंसान बनाती हैं।
इनसे दूरी नहीं,नजदीकियां बढ़ाओ,
नये नये दर्शन पाओ।
जो तुम्हें मूर्त लगे अपनाओ,
जीवन की नैया पार लगाओ!

 

?

नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

यह भी पढ़ें :

https://thesahitya.com/nai-shuruaat-hindi-poetry/

Similar Posts

  • जगने लगी हूँ मैं | Prem poem

    जगने लगी हूँ मैं ( Jagne lagi hoon main )     देखी हूँ जब से उनको संवरने लगी हूँ मैं, बेकाबू हुआ दिल मेरा जगने लगी हूँ मैं।   दिन- रात दुआ माँगती हूँ उनके वास्ते, इस जिन्दगी से जुड़ गए उनके रास्ते। मुझको बिछाएँ फूल या वो बिछाएँ काँटे, हर साँस में अब…

  • पहला मिलन | Kavita Pahla Milan

    पहला मिलन ( Pahla milan )    मेंरे जीवन की अजीब कहानी मैं सपनों का राजा वह मेरी रानी आज भी याद मुझको वह आती वो भोली सी सूरत जो थी पुरानी याद आता मुझे उनसे पहला मिलन प्यारी-प्यारी वह सुहानी छुअन।। चोरी छुपके जब कभी हम मिलते बोल दो प्यार के वह होल्ले से…

  • Hindi Poetry On Life | मै इक सोनार हूँ

    मै इक सोनार हूँ ( Main Ek Sonar Hun )   मै इक सोनार हूँ जिसकी चाहत जग वैभव से भरा रहे। इस  जग  के  सारे  नर नारी स्वर्ण आभूषण से लदे रहे। ** मेरी शुभ इच्छा रही सदा हर इक घर में मंगल गीत बजे। या  तेरी  हो  या  मेरी  हो  माँ  बहन  बेटियाँ …

  • पुत्री का पिता | Putri ka Pita

    पुत्री का पिता ( Putri ka pita )  Father’s day special kavita   पिता के कंधे की मजबूती  बेटी के लिए साहस और गर्व का  प्रतीक है होती। उसे समाज में अपने  बढ़ते कदमों की  तब चिंता नहीं होती तब उसकी उम्मीदें,  धुंँधलाती नहीं हैं अंधेरों में छुपकर अपनी  चमक गंँवाती नहीं हैं।   जिन…

  • गुरु | Guru par kavita in Hindi

    गुरु ( Guru )    गुरु तुम दीपक मैं अंधकार , किए हैं मुझपे आप उपकार,   पड़ा है मुझपर ज्ञान प्रकाश, बना है जीवन ये उपवास,   करें नित मुझ पर बस उपकार , सजे मेरा जीवन घर द्वार,   गुरु से मिले जो  ज्ञान नूर, हो जाऊं मैं जहां में मशहूर   गुरु…

  • महात्मा ज्योतिबा फुले | Jyotiba Phule par Kavita

    महात्मा ज्योतिबा फुले ( Mahatma Jyotiba Phule )  ( 2 )  शिक्षा की मशाल जलाए महात्मा फुले, सुख-समृद्धि की राह दिखाए महात्मा फुले। सत्य शोधक समाज का वो किए तब गठन, क्रान्तिकारी विचार भी लाए महात्मा फुले। संत कबीर, संत तुकाराम से थे वो प्रभावित, गुर्बत में फूल खिलाए महात्मा फुले। महिलाओं को दिलाये शिक्षा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *