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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • कभी चहरे पे मत रीझौ दिलों से लोग काले है
    शेरो-शायरी

    कभी चहरे पे मत रीझौ दिलों से लोग काले है

    ByAdmin November 10, 2020December 30, 2020

    कभी चेहरे पे मत रीझौ दिलों से लोग काले है   कभी चेहरे पे मत रीझौ दिलों से लोग काले है। समझ लो ठीक से सारे यहां जो भोले-भाले है।।   सभी का बात करने का बता देता हमें लहजा। बङे मगरूर रहते हैं यहां जो हुस्न वाले है।।   बहक पाते कदम तब ही…

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  • उदासी में डूबे बहुत ही रहे है!
    शेरो-शायरी

    उदासी में डूबे बहुत ही रहे है!

    ByAdmin November 10, 2020December 30, 2020

    उदासी में डूबे बहुत ही रहे है!     उदासी में डूबे बहुत ही रहे है! निगाहों से ही  आंसू मेरी बहे है   भुलाने जिसे चाहता हूँ मैं दिल से परेशां यादें रोज़ उसकी करे है   ख़ुशी का नहीं पल मिला जिंदगी में जीवन में मुझे ग़म बहुत ही मिले है   खेली…

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  • अमेरिका को मिला नया राष्ट्रपति!
    कविताएँ

    अमेरिका को मिला नया राष्ट्रपति!

    ByAdmin November 9, 2020December 30, 2020

    अमेरिका को मिला नया राष्ट्रपति! ****** धन्य अमेरिका, धन्य अमेरिकी जनता.. नफ़रत के ऊपर चुना सद्भावना! कुछ यही है कहता- बाइडेन का चुना जाना। देखिए क्या आगे है होता? 46 लें राष्ट्रपति के रूप में 77 वर्षीय बाइडेन चुने गए हैं, छह बार सिनेटर भी रह चुके हैं। जो डेमोक्रेटिक पार्टी के थे उम्मीदवार, जिनपर…

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  • अच्छा समाज कैसे हो संभव ?
    विवेचना

    अच्छा समाज कैसे हो संभव ?

    ByAdmin November 9, 2020December 30, 2020

    जब तक हम नहीं सुधरेंगे तब तक एक अच्छे समाज का निर्माण संभव नहीं। जब आप गलत होते हुए भी अच्छा बनने का नाटक करते हैं, तो अगला सब कुछ जानते हुए भी खामोश है ‌। तो इसका मतलब यह नहीं कि वह कुछ नहीं जानता बल्कि वो आपको दूसरों की नजरों में गिराना नहीं…

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  • उसके ख़त का जवाब देना है
    शेरो-शायरी

    उसके ख़त का जवाब देना है | Khat Shayari

    ByAdmin November 9, 2020August 25, 2023

    उसके ख़त का जवाब देना है ( Uske khat ka jawab dena hai )      उसके ख़त का जवाब देना है अब उसे एक गुलाब देना है   जान तो नाम कर चुके तेरे और क्या अब जनाब देना है ?   इस जहां में तुझे ही बस हमको बावफ़ा का ख़िताब देना है…

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  • मांग में सिंदूर भर दूँ मैं सनम
    शेरो-शायरी

    मांग में सिंदूर भर दूँ मैं सनम

    ByAdmin November 9, 2020December 30, 2020

    मांग में सिंदूर भर दूँ मैं सनम     मांग में सिंदूर भर दूँ मैं सनम आ तुझे दुल्हन सी कर दूँ मैं सनम   भूल जायेगी दर्द ग़म दिल के सभी प्यार से इतनी  तर कर दूँ मैं सनम   चुनकर सब कांटो भरे ग़म तेरे ही फूलों से दामन ये भर दूँ मैं…

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  • बैठ जाता हूँ
    कविताएँ

    बैठ जाता हूँ

    ByAdmin November 8, 2020December 30, 2020

    बैठ जाता हूँ     कितना इंतज़ार करता हूँ मैं हर सुबह और शाम इसी आस में कि अभी उसका फ़ोन आएगा और पूछेगी मुझसे मेरा हाल……   आता है जब फ़ोन चार पाँच दिनों के बाद बस दो मिनट भी नहीं कर पाती बात और बिन कहे ही काट देती है कॉल मैं बोलता…

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  • नफ़रत के ही देखें मंजर बहुत है!
    शेरो-शायरी

    नफ़रत के ही देखें मंजर बहुत है!

    ByAdmin November 8, 2020December 30, 2020

    नफ़रत के ही देखें मंजर बहुत है!     नफ़रत के ही देखें मंजर बहुत है! मुहब्बत से ही दिल बंजर बहुत है   मुहब्बत का दिया था फूल जिसको मारे नफ़रत के ही पत्थर बहुत है   किनारे टूटे है पानी के  ऐसे हुऐ सब खेत वो बंजर बहुत है   किताबे होनी थी…

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  • निगाहें अश्कों में ही तर रही है!
    शेरो-शायरी

    निगाहें अश्कों में ही तर रही है!

    ByAdmin November 7, 2020December 30, 2020

    निगाहें अश्कों में ही तर रही है!     निगाहें अश्कों में ही तर रही है! यादें दिल पे देती नश्तर रही है   मुहब्बत की नजर से क्या देखेगा वो आंखों प्यार से  बंजर रही है   सहारा दें वफ़ा से जो हमेशा निगाहें ढूंढ़ती वो दर रही है   उल्फ़त के तीर कब…

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  • अन्नदाता की पुकार
    कविताएँ

    अन्नदाता की पुकार

    ByAdmin November 7, 2020December 30, 2020

    अन्नदाता की पुकार ******** हम अन्नदाता है साहब चलते हैं सदा सत्य की राह पर  करते है कड़ी  मेहनत चाहे कड़ी धूप य हो बारिश घनघोर कोहरा या हो कड़ाके की सर्दी दिन हो या काली रात खेतों में लगाता हूं रात भर पानी तब कहीं जाकर उगाता हूं अन्न सोता नहीं चैन की नींद…

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