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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • सिंदूर
    कविताएँ

    सिंदूर

    ByAdmin October 9, 2020December 30, 2020

    सिंदूर   वक्त की चकाचौंधी इतनी भी मंजूर न कर। तेरा सिंदूर हूं तूं सर मुझे दूर न कर।।   दीखता चुटकियों में हूं मगर विशाल हूं मै, हर एक रंग समेटे हुये पर लाल हूं मै।, तेरा श्रृंगार हूं तूं कांच जैसे चूर न कर।।तेरा सिंदूर ०   नीले गगन मे सूर्य की चमक…

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  • तारक मेहता का उल्टा चश्मा
    कविताएँ

    तारक मेहता का उल्टा चश्मा

    ByAdmin October 9, 2020December 30, 2020

    तारक मेहता का उल्टा चश्मा °°°°°° –> ऐपिसोड हुए 3000 अभी, आगे भी होने बांकी हैं |?|   1.निश दिन नूतन संदेशा लाते, खुद हँसते और हंसाते हैं |   अलग-अलग है कल्चर फिर भी, संग-संग रोते-गाते हैं |   गोकुल धाम केे सब हीरे-मोती, एक धागे मे पिरोये हैं |   उदासी मे खुशियां…

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  • है गुल से हम को उलफ़त तो ख़ार भी है प्यारा
    शेरो-शायरी

    है गुल से हम को उलफ़त तो ख़ार भी है प्यारा

    ByAdmin October 9, 2020December 30, 2020

    है गुल से हम को उलफ़त तो ख़ार भी है प्यारा   है गुल से हम को उलफ़त तो ख़ार भी है प्यारा। गुलशन में खुश वही है जो समझ गया इशारा।।     पत्थर पे मैंहदी पिसती अग्नि में तपता सोना। दुःखों को सहन करके जीवन सभी निखारा।।     हम डूब जायें बेशक…

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  • दोस्त करनी दुश्मनी अच्छी नहीं
    शेरो-शायरी

    दोस्त करनी दुश्मनी अच्छी नहीं

    ByAdmin October 8, 2020December 30, 2020

    दोस्त करनी दुश्मनी अच्छी नहीं     दोस्त करनी दुश्मनी अच्छी नहीं! रिश्तों में यूं  बेरुख़ी अच्छी नहीं   जिंदगी की लुट जाये खुशियां अगर फ़िर ये कटती जिंदगी अच्छी नहीं   प्यार से मिलकर रहों हाँ उम्रभर यूं  करनी नाराज़गी अच्छी नहीं   चैन दिल का लुट ले जाती है सभी हाँ ये करनी…

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  • हमने पढने पर कब रोक लगाई है
    कविताएँ

    हमने पढने पर कब रोक लगाई है

    ByAdmin October 8, 2020December 30, 2020

    हमने पढने पर कब रोक लगाई है     हमने पढने पर कब रोक लगाई है। कपड़े सही कर लो इसीलिए तो ड्रेस लगाई है।।   मैं नहीं कहता कि पश्चिम की कल्चर छोड़ दे। बस जरा खुले तन पर तू ओड ले।।   आपत्ति नहीं है हमें तेरे जींस पर ,बस तू उसको फुल…

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  • महिलाएं
    कविताएँ

    महिलाएं

    ByAdmin October 8, 2020December 30, 2020

    महिलाएं *** स्वभाव से संजीदा हैं होती, यह नहीं किसी से है छिपी। पुनः एकबार प्रमाणित हुई है, येल यूनिवर्सिटी की शोध प्रकाशित हुई है। अमेरिकी! कोरोना संक्रमण से बचाव को कितने हैं संजीदा? देखा गया, महिलाओं और पुरुषों के व्यवहार पर अध्ययन किया गया; है कैसा उनका रहन-सहन? यह भी देखा गया। सुनकर न…

    Read More महिलाएंContinue

  • जरा सी बात इतनी भारी हुयी
    शेरो-शायरी

    जरा सी बात इतनी भारी हुयी

    ByAdmin October 8, 2020December 30, 2020

    जरा सी बात इतनी भारी हुयी   जरा सी बात इतनी भारी हुयी। उम्र भर  की हमें बीमारी हुयी।।   आज जी भर के शायद रोया है, इसी से आंख भारी भारी हुयी।।   फरेबी नश्ल ही रही उसकी, हानि जो भी हुयी हमारी हुयी।।   उसे सुला के ही सो पाता हू़, न जाने…

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  • मेरा और उसका गुमान
    कविताएँ

    मेरा और उसका गुमान

    ByAdmin October 8, 2020December 30, 2020

    मेरा और उसका गुमान   वो अपने को सरेख समझ,            मुझे पागल समझती रही, अब देख मेरी समझ,            उसके तजुर्बे बदल गए, अब मुझे ज्ञानी समझ ,         अपने को अज्ञानी समझ रही।   कुछ शब्द बोल माइक पर,        अपने को वक्ता समझती रही, अब  मंचों पर देख शब्दों का सिलसिला मेरा,…

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  • पी मुहब्बत की मैंनें भी चाय है 
    शेरो-शायरी

    पी मुहब्बत की मैंनें भी चाय है !

    ByAdmin October 8, 2020December 30, 2020

    पी मुहब्बत की मैंनें भी चाय है      पी मुहब्बत की मैंनें भी चाय है ! इसलिए आहें निकलती दिल से है   मिल गया है दर्द दिल को इक ऐसा वो गया पीला दग़ा की चाय है   बेवफ़ा से मैं मुहब्बत कर बैठा जो नहीं समझा वफ़ा की चाय है   रह…

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  • पास उसके हमारा घर होता
    शेरो-शायरी

    पास उसके हमारा घर होता

    ByAdmin October 7, 2020December 30, 2020

    पास उसके हमारा घर होता     काश कुछ इस कदर बसर होता। पास उसके हमारा घर होता ।।   काटकर पेड़ उसने रोके कहा छांव मिलता जो इक शज़र होता।।   रतजगे मार डालेंगे अब मुझे, यार तुम पर भी कुछ असर होता।।    जीने मरने की तो फिकर ही कहां, जो भी होता…

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