दोस्त करनी दुश्मनी अच्छी नहीं

दोस्त करनी दुश्मनी अच्छी नहीं

 

 

दोस्त करनी दुश्मनी अच्छी नहीं!

रिश्तों में यूं  बेरुख़ी अच्छी नहीं

 

जिंदगी की लुट जाये खुशियां अगर

फ़िर ये कटती जिंदगी अच्छी नहीं

 

प्यार से मिलकर रहों हाँ उम्रभर

यूं  करनी नाराज़गी अच्छी नहीं

 

चैन दिल का लुट ले जाती है सभी

हाँ ये करनी आशिक़ी अच्छी नहीं

 

जिंदगी बरबाद कर देती है ये

दोस्त करनी मयकशी अच्छी नहीं

 

जिंदगी भर लो मुहब्बत से अपनी

प्यार की देखो  कमी अच्छी नहीं

 

तू भुला आज़म यादें दिल से उसकी

रोज़ आंखों में नमी अच्छी नहीं

 

 

✏

शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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